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“मेंटेनेंस केस में सख्ती ⚖️ — कोर्ट ने पत्नी से भरण-पोषण मांगने वाले वकील पर ₹15 लाख का जुर्माना ठोका!” 😳
29/04/2026

“मेंटेनेंस केस में सख्ती ⚖️ — कोर्ट ने पत्नी से भरण-पोषण मांगने वाले वकील पर ₹15 लाख का जुर्माना ठोका!” 😳





तलाक शुदा बेटी की मृत्यु के बाद माँ होगी समझौता राशि की हकदार
29/04/2026

तलाक शुदा बेटी की मृत्यु के बाद माँ होगी समझौता राशि की हकदार

90 साल के बुजुर्ग ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि केस दायर किया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह केस सिर्फ माफी मांगने भर से खत्म ह...
29/04/2026

90 साल के बुजुर्ग ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि केस दायर किया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह केस सिर्फ माफी मांगने भर से खत्म हो सकता है, लेकिन बुजुर्ग केस लड़ने पर ही अड़े रहे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा है कि यह केस वर्ष 2046 के बाद सूचीबद्ध किया जाए। इससे पहले इस केस की सुनवाई नहीं होगी।

जब यह केस सुना जाएगा, तब बुजुर्ग की उम्र 110 साल होगी, अगर वह जीवित रहे तो...

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25/04/2026

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⚖️ “नाबालिग को उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता” — सुप्रीम कोर्टने एक महत्वपूर्ण टिप्पण...
25/04/2026

⚖️ “नाबालिग को उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता” — सुप्रीम कोर्ट

ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में स्पष्ट किया है कि किसी भी नाबालिग (minor) को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

📌 अदालत का दृष्टिकोण
👉 नाबालिग की शारीरिक स्वायत्तता (bodily autonomy) और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोपरि है
👉 गर्भावस्था को जबरन जारी रखना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है

⚖️ संवैधानिक आधार
• यह सिद्धांत अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) से जुड़ा है
• गरिमापूर्ण जीवन (right to dignity) और व्यक्तिगत निर्णय लेने की स्वतंत्रता इसमें शामिल है

📂 कानूनी परिप्रेक्ष्य
👉 मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) कानून के तहत
➡️ विशेष परिस्थितियों में नाबालिग के हित को प्राथमिकता दी जाती है
➡️ अदालतें पीड़िता के शारीरिक और मानसिक कल्याण को ध्यान में रखती हैं

📢 अदालत का संदेश
👉 न्यायालय का कर्तव्य है कि वह पीड़िता के अधिकारों की रक्षा करे
👉 किसी भी परिस्थिति में उसे जबरन निर्णय लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता

📢 कानूनी महत्व
✔️ नाबालिगों के प्रजनन अधिकारों (reproductive rights) को मजबूती
✔️ “Consent” और “Choice” के सिद्धांत को प्राथमिकता
✔️ संवैधानिक मूल्यों और मानव गरिमा की रक्षा

📚 Context: Minor Pregnancy / MTP Matters, Supreme Court of India

🚨 हथकड़ी लगाने को ‘अपमान’ माना, बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला⚖️ बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक अहम फैसले में पुलिस ...
25/04/2026

🚨 हथकड़ी लगाने को ‘अपमान’ माना, बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

⚖️ बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक अहम फैसले में पुलिस की कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की है।

📄 कोर्ट ने कहा कि—
👉 किसी वकील और सेवानिवृत्त सैनिक को हथकड़ी लगाना “अनावश्यक अपमान” है
👉 यह मानव गरिमा और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है

💰 कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया—
👉 दोनों पीड़ितों को ₹50-50 हजार मुआवजा दिया जाए
👉 यह भुगतान 8 हफ्तों के भीतर किया जाए

📍 मामला अमरावती जिले का है, जहां पुलिस ने शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लेकर सार्वजनिक रूप से हथकड़ी लगाई थी।

🧑‍⚖️ कोर्ट की सख्त टिप्पणी—
👉 कानून के रखवाले ही अगर अधिकारों का उल्लंघन करें, तो जनता का भरोसा कमजोर होता है

📢 क्या पुलिस कार्रवाई में मानव अधिकारों का और ध्यान रखा जाना चाहिए? अपनी राय जरूर बताएं।



Handcuffing Termed ‘Humiliation’, Bombay HC Orders Compensation

कातिल की ये दलील मान ली गई ,मकतूल ख़ुद गिरा था खंजर की नोक पर।The murderer's argument was accepted,The victim had fallen...
25/04/2026

कातिल की ये दलील मान ली गई ,
मकतूल ख़ुद गिरा था खंजर की नोक पर।
The murderer's argument was accepted,
The victim had fallen on the point of the dagger.

02/04/2026

#टोंक में #स्कूल 🎒 विभागों की मनमानी शुरू, ड्रेस और किताबें स्कूल और चुनिंदा दुकानों से खरीदने की पाबंदी | Tonk School departments start acting arbitrarily, there is a restriction on buying uniforms and books from the school and selected shops.

क्या है प्रावधान:
UGC कानून के तहत: किसी भी स्कूल की #ड्रेस और #किताबें कम से कम तीन दुकानों पर होना अनिवार्य है।
#क्या_करे?: आपके स्कूल में एक एप्लीकेशन लगानी है कि स्कूल की ड्रेस और किताबें जिन तीन दुकानों पर मिलती है उसके लिस्ट और उसका पता देवे।

https://youtube.com/Thank you so much for your cooperation for   &   &   in just only 7 Days 📆🗓️
02/04/2026

https://youtube.com/

Thank you so much for your cooperation for & & in just only 7 Days 📆🗓️

⚖️ बड़ी खबर!सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला 👇अगर किसी कर्मचारी से लंबे समय तक काम लिया गया,तो उसे सिर्फ “अस्थायी” नहीं कहा ज...
02/04/2026

⚖️ बड़ी खबर!

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला 👇
अगर किसी कर्मचारी से लंबे समय तक काम लिया गया,
तो उसे सिर्फ “अस्थायी” नहीं कहा जा सकता!

👉 कोर्ट ने साफ कहा:
लंबे समय तक काम = स्थायी हक का आधार

😲 मतलब अब:
✔️ सालों से काम कर रहे कर्मचारियों को मिल सकते हैं स्थायी अधिकार
✔️ बराबर वेतन और सुविधाओं का हक

⚠️ लेकिन ध्यान रखें:
हर केस का फैसला परिस्थितियों के आधार पर होगा

💬 आप क्या सोचते हैं इस फैसले पर?
Comment में जरूर बताएं!

🔥 Follow करें ऐसी ही कानूनी जानकारी के लिए

हम करें तो करें क्या?????? 🤐🤐🤐🤫बोले तो बोल क्या???????🤣😅🤣😅😅
02/04/2026

हम करें तो करें क्या?????? 🤐🤐🤐🤫
बोले तो बोल क्या???????🤣😅🤣😅😅

गुजरात हित रक्षक समिति ने राज्य विधानसभा में पारित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल को ‘असंवैधानिक’ बताते हुए इसके खिलाफ...
31/03/2026

गुजरात हित रक्षक समिति ने राज्य विधानसभा में पारित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल को ‘असंवैधानिक’ बताते हुए इसके खिलाफ राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.

संगठन ने कहा है कि वह इस बिल को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट और गुजरात हाई कोर्ट का रुख करेगा. साथ ही, 3 अप्रैल को जुमे की नमाज़ के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध जताने और 6 अप्रैल को जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपने की योजना भी बनाई गई है.

Address

Tonk

Website

https://aratt.ai/@lawshield

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