17/05/2026
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ द्वारा भोजशाला को माँ वाग्देवी का मंदिर घोषित किया गया है. इस खंडपीठ के जज जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी थे. जस्टिस शुक्ला ने 24 मार्च को खुद भोजशाला का दौरा भी किया था.
1 = कोर्ट ने क्या कहा: भोजशाला माँ वाग्देवी का मंदिर है. डिवीजन बेंच ने माना कि विवादित स्थल का धार्मिक चरित्र भोजशाला है, जो देवी सरस्वती यानी माँ वाग्देवी का मंदिर और संस्कृत अध्ययन का प्राचीन केंद्र था.
2 = हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार: कोर्ट ने हिंदू पक्ष को भोजशाला में पूजा का एकमात्र अधिकार दिया. मुस्लिम और जैन पक्ष की याचिकाएं खारिज कर दीं.
3 = नमाज बंद: ASI का 7 अप्रैल 2003 का आदेश रद्द कर दिया गया, जिसमें शुक्रवार को नमाज की इजाजत थी. अब सिर्फ हिंदू ही पूजा करेंगे.
4 = वैकल्पिक जमीन: मुस्लिम समुदाय चाहे तो मस्जिद के लिए सरकार से अलग जमीन की मांग कर सकता है. कोर्ट ने सरकार को इस पर विचार करने को कहा.
5 = मूर्ति वापसी: लंदन के म्यूजियम में रखी माँ सरस्वती की मूर्ति को वापस लाने के लिए सरकार को प्रयास करने का निर्देश दिया.
• फैसले का आधार:
1 = ASI सर्वे: 2024 की वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट में संस्कृत शिलालेख, हवन कुंड जैसे सबूत मिले.
2 = इतिहास: 11वीं सदी में राजा भोज द्वारा बनवाया गया सरस्वती मंदिर और गुरुकुल था.
3 = पूजा की निरंतरता: कोर्ट ने कहा कि, वहां हिंदू पूजा की परंपरा कभी खत्म नहीं हुई.
• ASI परिसर का प्रबंधन जारी रखेगा.
• मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जा सकता है.
• धार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
ये फैसला अयोध्या केस में तय सिद्धांतों के आधार पर दिया गया है I