10/10/2024
देश का नमक.... टाटा नमक
नमक ही क्यों!!! टाटा चाय, टाटा दाल, टाटा बेसन, टाटा संपन्न मसाले, टाटा संपन्न ड्राई फ्रूट्स आदि प्रयोग करते समय ऐसा लगता है कि स्वदेशी प्रयोग कर रहा हूं।
टाटा वोल्टास से निकली ठंडी हवा स्वदेशी लगती है।
कान में तनिष्क की बालियां पहनकर, टाइटन की बेल्ट लगाकर, टाइटन का पर्स जेब में डालकर, टाइटन का चश्मा लगाकर, टाइटन की स्मार्ट वॉच पहनकर, टाइटन का स्किन परफ्यूम छिड़ककर जब एयर एशिया, विस्तारा या फिर एयर इंडिया में सफर करता हूं तो लगता है कि इसी बहाने थोड़ी चैरिटी मेरे हाथ से भी हो जा रही है क्योंकि मुझसे कमाए मुनाफे का एक बड़ा भाग रतन टाटा जी परोपकार और समाज सेवा में लगा देते थे।
सरकारी दौरों पर जब ताज विवांता जैसे होटल में रुकता हूं तो लगता है कि 'होम अवे फ्रॉम होम' इसे ही कहते हैं।
चौपहिया भी लेने तो टाटा का ही गया था मगर फिर सोचा सीधे 'जगुआर' ही लूंगा....
मेरे 'जगुआर' लेने से पहले ही आप टाटा बाय बाय कर गए रतन टाटा जी!!!!
भारत सरकार ने बेशक उन्हें 'पद्म भूषण' और 'पद्म विभूषण' से ही अलंकृत किया हो मगर मेरी नजरों में वह 'भारत रत्न' ही हैं।
एक महान समाज सेवी, महान देशभक्त, सफल व्यवसाई पद्म विभूषण श्री रतन टाटा जी को हार्दिक श्रद्धांजलि 💐💐💐