22/05/2026
⚖️ सिर्फ मुंबई ऑफिस का पता लिख देने से कोर्ट का अधिकार क्षेत्र खत्म नहीं होगा — दिल्ली हाईकोर्ट 📚
📌 दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि — अगर किसी विवाद (Dispute) का कोई हिस्सा दिल्ली में पैदा हुआ है, तो केवल Invoice या Airway Bill पर मुंबई ऑफिस का पता लिख देने से दिल्ली कोर्ट का अधिकार खत्म नहीं हो जाएगा।
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📌 मामला क्या था?
GAC Logistics नाम की कंपनी ने Acer Logistics के खिलाफ ₹14 लाख से ज्यादा की रिकवरी के लिए केस दायर किया था।
कंपनी का कहना था कि उसने विदेशी शिपमेंट और फ्रेट फॉरवर्डिंग सेवाएं दी थीं, लेकिन भुगतान नहीं मिला।
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📌 ट्रायल कोर्ट ने क्या कहा?
ट्रायल कोर्ट ने Order 7 Rule 10 CPC के तहत Plaint वापस कर दी।
⚖️ कारण: Invoice और दस्तावेजों में मुंबई ऑफिस का पता लिखा था, इसलिए कोर्ट ने माना कि मामला मुंबई में चलना चाहिए, दिल्ली में नहीं।
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📌 फिर हाईकोर्ट में क्या दलील दी गई?
अपीलकर्ता कंपनी ने कहा कि —
✅ Consignment दिल्ली ऑफिस में सौंपे गए
✅ Payment दिल्ली में प्राप्त हुए
✅ Post-dated Cheques दिल्ली में जमा किए गए
✅ Accounts और लेन-देन दिल्ली से जुड़े थे
✅ कंपनी का Registered Office भी दिल्ली में था
इसलिए Cause of Action का हिस्सा दिल्ली में पैदा हुआ।
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📌 हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने कहा —
➡️ सिर्फ Administrative Office का पता लिखने से Jurisdiction तय नहीं होता
➡️ अगर विवाद का कोई हिस्सा दिल्ली से जुड़ा है तो दिल्ली कोर्ट केस सुन सकती है
➡️ Exclusive Jurisdiction Clause नहीं थी, इसलिए दूसरे सक्षम कोर्ट का अधिकार खत्म नहीं किया जा सकता
कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द करके रिकवरी सूट दोबारा बहाल कर दिया। ⚖️
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📌 कोर्ट ने किस पुराने फैसले का हवाला दिया?
दिल्ली हाईकोर्ट ने 📚 Rameshwar Das Dwarka Das Pvt. Ltd. v. Deepak Pneumatics Pvt. Ltd. (2008)
मामले का हवाला दिया।
⚖️ उस फैसले में कहा गया था कि —
“जहां Payment हुआ हो या Transaction का कोई हिस्सा हुआ हो, वहां Cause of Action माना जा सकता है और उस क्षेत्र की अदालत को Jurisdiction मिलेगा।”
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📌 महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत
📚 Section 20(c), Civil Procedure Code (CPC)
➡️ जहां Cause of Action का कोई भी हिस्सा उत्पन्न होगा, वहां की अदालत को केस सुनने का अधिकार मिल सकता है।
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⚖️ आसान भाषा में समझें:
अगर — ✅ भुगतान दिल्ली में हुआ
✅ चेक दिल्ली में जमा हुआ
✅ काम का हिस्सा दिल्ली में हुआ
तो सिर्फ Invoice पर मुंबई पता होने से यह नहीं कहा जा सकता कि केस केवल मुंबई में ही चलेगा। ⚖️
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Ashok Jangir LLB
By Ashok K Jangir Adv. | Sikar
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