30/07/2025
लोकसेवा या पब्लिसिटी?
आजकल कुछ प्रशासनिक अधिकारी जनसेवा से ज्यादा शोहरत की चिंता करते हैं। उनकी हर हरकत कैमरे के लिए होती है — कभी किसी को डांटना, कभी माफी मांगना, और कभी जमीन पर बैठकर फोटो खिंचवाना। असल मकसद समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि अखबार की सुर्खियाँ और सोशल मीडिया की लाइमलाइट हासिल करना होता है।
पहली पोस्टिंग को कुछ अफसर ड्रामा मंच बना देते हैं, जहाँ वे जनता को दिखाने के लिए अभिनय करते हैं कि वे कितने “विनम्र” हैं। लेकिन जब वकीलों या आम लोगों का अपमान होता है और फिर उन्हीं से माफी मांगनी पड़ती है, तो साफ हो जाता है कि यह विनम्रता नहीं, सिर्फ छवि चमकाने का तरीका है।
लोकसेवक का काम है नीतिगत निर्णय लेना, निष्पक्षता से काम करना—notanki करना नहीं।
हमें अब यह पहचानना होगा कि कौन अफसर जनता के लिए काम कर रहा है और कौन कैमरे के लिए।