Adv.madhu2023

Adv.madhu2023 Advocate/Counsellor/social worker
website- https://advocatemadhugupta.replit.app/contact

अपर्णा कौशिक जी के सफर की कुछ खास बातें:​शैक्षणिक उत्कृष्टता: हाई स्कूल से लेकर इंजीनियरिंग (NIT) तक उनका रिकॉर्ड उनकी ग...
21/03/2026

अपर्णा कौशिक जी के सफर की कुछ खास बातें:
​शैक्षणिक उत्कृष्टता: हाई स्कूल से लेकर इंजीनियरिंग (NIT) तक उनका रिकॉर्ड उनकी गंभीरता और मेधा को दर्शाता है।
​साहसिक निर्णय: ₹18 लाख सालाना की नौकरी छोड़कर UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करना और 40वीं रैंक हासिल करना उनकी संकल्प शक्ति का प्रमाण है।
​प्रभावी सेवा: उत्तर प्रदेश कैडर की 2021 बैच की अधिकारी के रूप में, महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उनके काम ने जनता के बीच पुलिस की छवि को बेहतर बनाया है।
​ट्रोलिंग पर एक विचार
​जहाँ तक ट्रोलिंग का सवाल है, यह अक्सर उन लोगों द्वारा की जाती है जो खुद कुछ सार्थक करने का साहस नहीं रखते। जब कोई व्यक्ति, विशेषकर एक महिला, अपनी योग्यता के दम पर शिखर पर पहुँचती है और व्यवस्था में सुधार लाने का प्रयास करती है, तो कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले लोग इसे पचा नहीं पाते।
​ऐसे काबिल अधिकारियों का मनोबल गिराने की कोशिश करना समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। आलोचना और रचनात्मक फीडबैक लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी या ट्रोलिंग केवल अज्ञानता को दर्शाती है। हमें ऐसी प्रतिभाओं का सम्मान करना चाहिए जो अपनी व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं को छोड़कर समाज की सुरक्षा और बेहतरी के लिए दिन-रात काम कर रही हैं।

20/03/2026

चकबंदी क्या है?

#चकबंदी LegalAwareness KanooniGyan BiharLandRecords Zameen KhetBaari Bihar Patna Sasaram BihariAdvocate FarmerRights Kisan GraminBharat BiharNews RevenueDepartment
ReelsIndia LegalEducation LawTips InformativeReels ViralVideo TrendingReels SocialAwareness AdvocateLife

19/03/2026

खतियान क्या होता है?

न्यूज़ रिपोर्ट: अलीगढ़ के होटल में हाई-वोल्टेज ड्रामा​हेडलाइन: झूठ बोलकर प्रेमी के साथ होटल पहुँची पत्नी, पति ने पुलिस क...
17/03/2026

न्यूज़ रिपोर्ट: अलीगढ़ के होटल में हाई-वोल्टेज ड्रामा
​हेडलाइन: झूठ बोलकर प्रेमी के साथ होटल पहुँची पत्नी, पति ने पुलिस के साथ रंगे हाथों पकड़ा
​अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बुलंदशहर में ब्याही एक महिला, जो अपने पति से झूठ बोलकर घर से निकली थी, अलीगढ़ के एक होटल में अपने प्रेमी के साथ पकड़ी गई।
​क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, महिला का पति किसी काम के सिलसिले में अलीगढ़ में ही मौजूद था। इसी बीच उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी घर पर नहीं, बल्कि अलीगढ़ के एक होटल के कमरा नंबर 302 में अपने प्रेमी के साथ रुकी हुई है। शक होने पर पति तुरंत पुलिस को लेकर मौके पर पहुँच गया।
​होटल में मचा हड़कंप
पुलिस ने जब होटल के कमरा नंबर 302 का दरवाजा खुलवाया, तो अंदर का नजारा देखकर सब दंग रह गए। पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका को बाहर निकाला और पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

LegalRights

17/03/2026

'मेरा शरीर, मेरा अधिकार' पर सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख फैसले:
प्रजनन अधिकार (Reproductive Rights): कोर्ट ने कहा है कि गर्भवती महिला को अपने शरीर और भविष्य को लेकर निर्णय लेने का अधिकार है। यहाँ तक कि 30 सप्ताह की गर्भावस्था को भी, अगर महिला की इच्छा न हो, तो मेडिकल रूप से समाप्त करने की अनुमति दी जा सकती है।
निजी पसंद और निजता: कोर्ट ने कहा कि, अपने शरीर के साथ क्या करना है, यह निर्णय लेने का अधिकार निजता के अधिकार के तहत आता है।
इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia): सर्वोच्च अदालत ने "गरिमा के साथ जीने" के अधिकार में ही "गरिमा के साथ मरने" का अधिकार (पैसिव यूथेनेशिया) भी शामिल किया है, यदि कोई व्यक्ति लाइलाज बीमारी से ग्रस्त हो और उसके बचने की कोई आशा न हो।
मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य: कोर्ट ने स्कूलों में लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवा को एक मौलिक अधिकार माना है, जो शरीर के प्रति अधिकार से सीधे जुड़े हैं।

खुशनुमा जिंदगी के लिए अपने पार्टनर में यह क्वालिटी देखें​कोशिशें वादों से कहीं अधिक आकर्षक होती हैं।​सम्मान शारीरिक ताकत...
13/03/2026

खुशनुमा जिंदगी के लिए अपने पार्टनर में यह क्वालिटी देखें

​कोशिशें वादों से कहीं अधिक आकर्षक होती हैं।
​सम्मान शारीरिक ताकत (मसल्स) से कहीं ज़्यादा प्रभावशाली है।
​दयालुता खूबसूरत चेहरे से कहीं अधिक सुंदर होती है।
​आंखें शब्दों से कहीं ज्यादा गहरी होती हैं।
​बुद्धिमानी शारीरिक दिखावे (एब्स) से कहीं ज्यादा आकर्षक है।
​सुरक्षा (रिश्ते में भरोसा) खेल खेलने से कहीं बेहतर है।
​गहरी बातचीत केवल फ्लर्टिंग (दिखावे के प्यार) से कहीं ज्यादा आकर्षित करती है।
​वफादारी शारीरिक स्पर्श से कहीं ज्यादा दिल को छू लेने वाली होती है।
​— मधु

13/03/2026

दाखिल खारिज क्यों जरूरी है?

सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को भारत के न्यायिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और भावुक फैसला सुनाते हुए देश में पहली बार 'पैस...
13/03/2026

सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को भारत के न्यायिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और भावुक फैसला सुनाते हुए देश में पहली बार 'पैसिव यूथेनेशिया' (Passive Euthanasia) यानी निष्क्रिय इच्छा मृत्यु की व्यावहारिक मंजूरी दी है।
​यह फैसला हरीश राणा नामक व्यक्ति के मामले में आया है, जो पिछले 13 वर्षों से 'परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट' (PVS) में थे। यहाँ इस पूरे मामले के मुख्य तथ्य दिए गए हैं:
​1. मामला क्या था? (हरीश राणा केस)
​पृष्ठभूमि: गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा 2013 में चंडीगढ़ में अपनी पढ़ाई के दौरान एक इमारत की चौथी मंजिल से गिर गए थे।
​हालत: इस हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे वे पूरी तरह लकवाग्रस्त (Quadriflegia) हो गए और कोमा जैसी स्थिति में चले गए। वे 13 साल से बिस्तर पर थे और ट्यूब के जरिए भोजन ले रहे थे।
​याचिका: उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी कि उनके बेटे को इस असहनीय पीड़ा से मुक्ति दी जाए, क्योंकि डॉक्टरों के अनुसार उनके ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं बची थी।
​2. सुप्रीम कोर्ट का फैसला
​जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने इस संवेदनशील मामले पर फैसला सुनाया:
​मंजूरी: कोर्ट ने हरीश राणा को 'पैसिव यूथेनेशिया' की अनुमति दे दी। बेंच ने कहा कि किसी व्यक्ति को बिना किसी उम्मीद के इस तरह लंबे समय तक पीड़ा में रखना उचित नहीं है।
​प्रक्रिया: कोर्ट ने आदेश दिया कि हरीश को AIIMS (एम्स) के पैलिएटिव केयर विभाग में भर्ती किया जाए। वहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में धीरे-धीरे उनके 'लाइफ सपोर्ट' (जैसे फीडिंग ट्यूब और दवाएं) को हटाया जाएगा।
​गरिमापूर्ण मृत्यु: कोर्ट ने जोर दिया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक और मानवीय होनी चाहिए, ताकि मरीज को कोई दर्द न हो और उनकी गरिमा बनी रहे।
​3. 'पैसिव यूथेनेशिया' का मतलब क्या है?
​भारत में दो तरह की इच्छा मृत्यु पर चर्चा होती है, लेकिन केवल एक ही कानूनी रूप से मान्य है:
​पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छा मृत्यु): इसमें मरीज को जीवित रखने वाली बाहरी सहायता (जैसे वेंटिलेटर, फीडिंग ट्यूब या दवाएं) को हटा लिया जाता है, जिससे मौत प्राकृतिक रूप से होती है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी की मंजूरी दी है।
​एक्टिव यूथेनेशिया (सक्रिय इच्छा मृत्यु): इसमें जहरीला इंजेक्शन देकर सीधे जान ली जाती है। भारत में यह पूरी तरह गैर-कानूनी है।
​4. ऐतिहासिक महत्व और 'लिविंग विल'
​पहला केस: हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में (कॉमन कॉज फैसले में) इसे कानूनी अधिकार माना था


12/03/2026

रजिस्ट्री के बाद यह नहीं किया तो जमीन आपके हाथ से निकल जाएगी!

12/03/2026

related terms and words


audiences

एक महिला होना अपने आप में एक उत्सव है। आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस खास मौके पर, मैं उन सभी अद्भुत महिलाओं को सलाम...
08/03/2026

एक महिला होना अपने आप में एक उत्सव है। आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस खास मौके पर, मैं उन सभी अद्भुत महिलाओं को सलाम करती हूँ जो अपने सपनों को पंख दे रही हैं, जो हर बाधा को पार कर समाज में बदलाव ला रही हैं और जो अपने प्यार और समर्पण से दुनिया को और भी सुंदर बना रही हैं। 🌸
​याद रखें, आपकी शक्ति की कोई सीमा नहीं है। आप सिर्फ घर की ही नहीं, बल्कि इस पूरे संसार की निर्माता हैं। 🌏
​सभी साहसी, मेहनती और प्रेरणादायक महिलाओं को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 💖🥂
​— मधु गुप्ता
​ MadhuGupta"

08/03/2026

"अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस पावन अवसर पर, आप सभी अद्भुत महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी शक्ति, त्याग और अटूट विश्वास हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
​— एडवोकेट मधु गुप्ता

❤️ a

Address

Civil Court, Rohtas
Sasaram

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Adv.madhu2023 posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share