21/03/2026
अपर्णा कौशिक जी के सफर की कुछ खास बातें:
शैक्षणिक उत्कृष्टता: हाई स्कूल से लेकर इंजीनियरिंग (NIT) तक उनका रिकॉर्ड उनकी गंभीरता और मेधा को दर्शाता है।
साहसिक निर्णय: ₹18 लाख सालाना की नौकरी छोड़कर UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करना और 40वीं रैंक हासिल करना उनकी संकल्प शक्ति का प्रमाण है।
प्रभावी सेवा: उत्तर प्रदेश कैडर की 2021 बैच की अधिकारी के रूप में, महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उनके काम ने जनता के बीच पुलिस की छवि को बेहतर बनाया है।
ट्रोलिंग पर एक विचार
जहाँ तक ट्रोलिंग का सवाल है, यह अक्सर उन लोगों द्वारा की जाती है जो खुद कुछ सार्थक करने का साहस नहीं रखते। जब कोई व्यक्ति, विशेषकर एक महिला, अपनी योग्यता के दम पर शिखर पर पहुँचती है और व्यवस्था में सुधार लाने का प्रयास करती है, तो कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले लोग इसे पचा नहीं पाते।
ऐसे काबिल अधिकारियों का मनोबल गिराने की कोशिश करना समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। आलोचना और रचनात्मक फीडबैक लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी या ट्रोलिंग केवल अज्ञानता को दर्शाती है। हमें ऐसी प्रतिभाओं का सम्मान करना चाहिए जो अपनी व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं को छोड़कर समाज की सुरक्षा और बेहतरी के लिए दिन-रात काम कर रही हैं।