Advocate Irsad Asgari

Advocate Irsad Asgari Legal Services

13/01/2022

आचार संहिता क्या होता है?
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चुनाव के समय आचार संहिता (Code of Conduct) लागू की जाती है जिसे चुनाव आचार संहिता भी कहते है, अधिकतर लोगों को आचार संहिता के विषय में जानकारी नहीं होती है, जिससे वह इसका उलंघन करते है | भारत में जब भी चुनाव का आयोजन होता है, वहां पर आदर्श आचार संहिता को लगाया जाता है | चुनाव की तारीखों के साथ ही इसकी घोषणा कर दी जाती है |
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आचार संहिता चुनाव समिति द्वारा बनाया गया वो दिशानिर्देश होता है, जिसे सभी राजनीतिक पार्टियों को मानना अनिवार्य है | उन नियमो से है जो उस समय अस्तित्व में आते है और उनके द्वारा ही पार्टियों की कार्यप्रणाली पर नज़र रखी जाती है |
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आचार संहिता के नियम कानून व प्रावधान (Code of Conduct Rules)

🔹आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन के प्रयोग पर रोक लगा दी जाती है, जिससे किसी राजनीतिक दल या राजनेता को चुनावी लाभ न प्राप्त हो सके |
चुनाव प्रचार के लिए सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का प्रयोग नहीं किया जा सकता है |
🔹मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए किसी भी तरह की सरकारी घोषणाओं, लोकार्पण, शिलान्यास पर रोक लगा दी जाती है |
🔹पुलिस की अनुमति के बिना कोई भी राजनीतिक रैली नहीं की जा सकती है |
धर्म के नाम पर वोट की मांग नहीं की जा सकती है |
🔹इस दौरान सरकारी खर्च से किसी भी प्रकार का ऐसा आयोजन नहीं किया जाता है जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ प्राप्त हो सके | राजनीतिक दलों के आचरण और क्रियाकलापों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त करता है |

चुनाव की घोषणा चुनाव आयोग के द्वारा की जाती है, इसके साथ ही आचार संहिता लागू कर दी जाती और यह चुनाव के परिणाम के साथ ही समाप्त हो जाती है | चुनाव के शुरू होने से पहले यह ECI द्वारा चुनावी क्षेत्र में लगा दी जाती है |

27/11/2021

Income Tax Notice: अगर पास टैक्सपेयर हैं तो रिटर्न भी फाइल करते होंगे. टैक्सपेयर्स द्वारा फाइल किए गए रिटर्न को जब आयकर विभाग प्रोसेस करता है तो इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 143(1) के तहत टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजे जाते हैं. इसे कानूनी भाषा में इंटिमेशन नोटिस कहते हैं. टैक्स डिपार्टमेंट इस नोटिस को टैक्सपेयर्स की रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी पर भेजाता है. इसके अलावा टैक्सपेयर्स के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी एक एसएमएस भेजा जाता है जिसमें यह सूचना दी जाती है कि रजिस्टर्ड मेल आईडी पर इंटिमेशन नोटिस भेजा गया है.
इस नोटिस के जरिए टैक्सपेयर्स को सूचना दी जाती है कि उनके द्वारा आईटीआर में आयकर की गणना आयकर विभाग के कैलकुलेशन से मैच कर रही है या नहीं. आईटीआर को प्रोसेस करते समय टैक्स डिपार्टमेंट टैक्स व ब्याज के कैलकुलेशन में किसी गलती के अलावा अन्य किसी प्रकार के एरर्स की जांच करता है. इसके अलावा डिपार्टमेंट टैक्स पेमेंट मोड को भी वेरीफाई करता है. जब टैक्सपेयर्स द्वारा भेजी गई सभी जानकारियों की जांच पूरी हो जाती है तो टैक्सपेयर्स को सेक्शन 143(1) के तहत इंटीमेशन नोटिस भेजा जाता है.
नोटिस में देखें ये चीजें
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्सपेयर्स को ऐसा नोटिस मिले तो इसमें ये चीजें देखनी चाहिए-
सबसे पहले यह देखना चाहिए कि इसमें नाम, एड्रेस, पैन जैसी व्यक्तिगत जानकारियां सही भरी गई है या नहीं.
इसके बाद यह देखा जाना चाहिए कि नोटिस किस प्रकार का है. यह नोटिस आईटीआर की प्रोसेसिंग के लिए सेक्शन 143(1) के तहत इंटिमेशन नोटिस है या सेक्शन 139(9) के तहत डिफेक्टिव नोटिस है या सेक्शन 143(2) के तहत स्क्रूटनी एसेसमेंट का नोटिस है.
टैक्सपेयर्स का अगला कदम आईटीआर को मैच करना होना चाहिए जो फाइल किया हुआ है. इसके अलावा फिर नोटिस के कारणों की जांच करनी चाहिए.
नोटिस की प्रकृति के मुताबिक देखना चाहिए कि टैक्सपेयर्स को क्या कदम उठाने हैं जैसे कि संशोधित आईटीआर फाइल करना है या रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट सबमिट करना है या कुछ राशि का पेमेंट करना है.
आयकर विभाग को 9 माह के अंदर भेजना होता है नोटिस
आयकर कानून के मुताबिक टैक्सपेयर्स जिस वित्त वर्ष में आईटीआर फाइल करता है, उससे नौ महीने के भीतर आयकर विभाग को इंटिमेशन नोटिस भेजना होता है. यह नियम 1 अप्रैल 2021 से प्रभावी है. इस नियम को ऐसे समझ सकते हैं कि अगर कोई शख्स आज एसेसमेंट इयर 2020-21 के लिए आईटीआर फाइल करता है तो उसे 31 दिसंबर 2022 तक इंटीमेशन नोटिस मिल जाएगा. यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि सेक्शन 143(1) के तहत भेजा गया नोटिस आखिरी नहीं होता है. आयकर विभाग भविष्य में अन्य जानकारियों के लिए टैक्सपेयर्स को नोटिस भेज सकता है. वित्त वर्ष 2021 के लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 31 दिसंबर 2021 है.

30/07/2021

COVID-19 is a tough opponent. But we can all win 🥇 over this pandemic by combining these 5 tactics:
1⃣ Wear a mask 😷
2⃣ Wash your hands 👐
3⃣ Keep physical distance 📏
4⃣ Cough/sneeze away into your elbow 💪
5⃣ Open windows as much as possible 🍃

27/07/2021

आयकर विभाग ने 2020-21 (असेसमेंट ईयर 2021-22) के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारिख 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2021 कर दी है। करदाताओं की सुविधा के लिए सात जून, 2021 को नया आयकर पोर्टल भी लॉन्च किया है। हालांकि, अभी इसमें कुछ दिक्कतें हैं।
रिटर्न भरने के लिए सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करें और उसमें सभी जरूरी जानकारियां दें। अगर आपको वेतन, हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन्स, कारोबार या पेशा या ब्याज-लाभांश जैसे दूसरे स्रोतों से कमाई होती है तो रिटर्न भरते समय इनकी भी पूरी जानकारी दें। सभी बैंक खातों का भी खुलासा करें। इसके तहत आईएफएस कोड, बैंक का नाम और खाता नंबर की जानकारी देनी होगी। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि अपडेटेड बैंक खाते में ही रिफंड आता है।

आईटीआर सत्यापन है जरूरी
ऑनलाइन आईटीआर भरने के 120 दिन के भीतर इसे इलेक्ट्रॉनिक या मैनुअल तरीके से सत्यापित जरूर करें। ये है तरीका...

सिग्नेचर सर्टिफिकेट के इस्तेमाल से डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करना

इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड के इस्तेमाल से

आधार ओटीपी से

पेपर फॉर्म आईटीआर पोस्ट के जरिए इनकम टैक्स सीपीसी (बंगलूरू) भेजकर

सत्यापन करने में असफल रहते हैं तो रिटर्न को ‘नॉट फाइल्ड’ माना जाएगा



सही फॉर्म का करें चुनाव
आईटीआर दाखिल करने के लिए सही फॉर्म चुनना जरूरी है। विभाग ने सात फॉर्म आईटीआर-1, आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-4, आईटीआर-5, आईटीआर-6, आईटीआर-7 जारी किए हैं। गलत फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न पूरा नहीं माना जाएगा। सही

25/07/2021

FIR किस प्रकार लिखे :-
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हम सभी को जीवन में कभी न कभी FIR लिखना ही पड़ जाता है चाहे खुद के लिये या किसी जानने वाले के लिये।

अक्सर लोगो की शिकायत होती है कि उनकी FIR थाने में नहीं लिखी गई, या फिर मजिस्ट्रेट के यहाँ FIR के लिये किया गया आवेदन निरस्त हो गया। इसके तो कई कारण होते है किंतु एक कारण ये भी होता है की आपके लिखने के तरीके से वह एक समान्य निवेदन पत्र लगता है और उससे कोई खास अपराध नहीं लगता है। जिस कारण से वह FIR में न लिखकर डेली डायरी में लिख दिया जाता है।

FIR को कम से कम शब्दों में स्पस्ट और पूरे मामले को लिखना चाहिये क्योंकि न्यायालय में आपका केस इसी आधार पे चलता है।

आपसब को मैं आसान भाषा में FIR को लिखने का तरीका बताना चाहूँगा क्योंकि कईबार पढ़े लिखे लोग भी FIR लिखने में गलती कर देते है।

सबसे पहले आप एक सदा पेपर ले और उसपर 1 से 9 तक नंबर लिख ले, फिर उन सब के सामने K लिख ले, बस हो गया आपका FIR तैयार।

अब मै आपको 9K के बारे में बताना चाहूँगा की ये 9K का क्या मतलब होता है ।

(1) कब (तारीख और समय)- FIR में आप घटना के समय और तारीख की जानकारी लिखे ।

(2) कहा (जगह)- घटना कहाँ पे हुई इसकी जानकारी दे।

(3) किसने - अपराध किस ब्यक्ति ने किया ( ज्ञात या अज्ञात) एक या अनेक ब्यक्ति उसका नाम पता आदि लिखे ।

(4) किसको - किस के साथ अपराध किया गया एक पीड़ित है या अनेक उनसब का नाम व पता।

(5) किसलिये - यह एक मुख्य विषय होता है इसीसे यह पता चलता है की कोई कार्य अपराध है या पुरस्कार देने के लायक कार्य है, इसको निम्न प्रकार समझ सकते हैं-

(अ) क एक ब्यक्ति ख पर गोली चला देता है और ख की मृत्यु हो जाता है, क यहाँ पर दोषी होगा।

(ब) क एक ब्यक्ति ख पर अपनी पिस्तौल तान देता है और ख अपने बचाव में क पर गोली चला देता है जिससे क की मृत्यु हो जाती है। ख हत्या का दोषी नहीं है क्योंकि अपनी आत्मरक्षा करते हुवे अगर आप किसी की जान भी ले लेते है तो आप दोषी नहीं होंगे ।

(स) क अपनी कार से ख तो टक्कर मार देता है और ख की मृत्यु हो जाती है, क हत्या का दोषी नहीं है बल्कि उसपर दुर्घटना का केस चलेगा और उसके हिसाब से दण्ड मिलेगा।

(द) क एक पुलिस कर्मी है और वह आतंकवादी संगठन के मुठभेड़ में एक या कई आतंकवादीयो को मार देता है। क हत्या का दोषी नहीं होगा बल्कि उसे पुरस्कार दिया जायेगा।

इससे यह स्पस्ट होता है की कोई भी कार्य तब तक अपराध नहीं है जब तक की दुराशय से न किया गया हो।

(6) किसके सामने ( गवाह)- अगर घटना के समय कोई मौजूद हो तो उनकी जानकारी अवश्य देनी चाहिये।

(7) किससे ( हथियार) - अपराध करने के लिए किन हथियार का प्रयोग किया गया ( पिस्तौल , डंडे, रॉड, चैन , हॉकी, ईट। अगर कोई धोखाधड़ी का मामला है तो आप ( स्टाम्प पेपर, लेटरहेड, इंटरनेट , मोबाइल, आदि,) जानकारी जरूर प्रदान करे।

(8) किस प्रकार - क्या प्रकरण अपनाया गया अपराध् करने के लिये उसको लिखे।

(9) क्या किया ( अपराध)- इनसभी को मिलकर क्या किया गया जो की अपराध होता है उसको लिखे।

इस प्रकार आप सब आसानी से FIR को लिख सकते है ।

अन्य जानकारी :-
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FIR आप जहाँ घटना हुई है उसके आलावा भी भारत के किसी भी थाने में जाकर आप FIR लिखा सकते है।

FIR न लिखे जाने के कई कारण होते है, मुख्यतः क्राइम रेट अधिक न हो इस कारण नहीं लिखी जाती है ( जो की गैर कानूनी कारण है) । दूसरा कारण अपराध की सत्यता पर शक होता है जिस कारण पुलिस FIR लिखने से पहले जाँच करना चाहते है।

FIR लिखवाना आपका अधिकार है (CRPC 154), अगर थाने में आप की FIR नहीं लिखी जाती है तो आप उनके ऊपर के किसी भी अधिकारी ( CO, SP, SSP,) से आप FIR लिखने के लिये बोल सकते है, और वे 1 या 2 दिन जाँच के लिये लेकर संबंधित थाने में FIR लिख दी जायेगी।

अगर आपकी FIR थाने में नहीं लिखी जाती है तो आप मजिस्ट्रेट के पास अपील कर सकते है (CRPC 156-3)और वे थाने से मामले की जानकारी माँग कर FIR दर्ज का आदेश दे सकते है या आपकी अपील को निरस्त भी कर सकते है जैसा वे उचित समझे।

नोट : शिकायत का जो भाग गप्प या मनघडन्त लगता हैं उस पर FIR दर्ज नहीं हो सकती क्यों की FIR में अपराध का घटित होना जरूरी हैं और गप्प या मनघडन्त लगने वाली बात अपराध का घटित होना नहीं हो सकती।

Advocate Irsad Asgari

25/07/2021

*वकील क्या हैं,दो मिनट का समय निकाल कर जरूर पढ़ें* 🤵👩‍⚖️

1. जब किसी दबंग व्यक्ति द्वारा आपके अधिकार का हनन किया जाता है तब आपको एक वकील से मदद लेनी पड़ती है?

2. जब प्रशासन के किसी कर्मचारी द्वारा आप परेशान किये जाते हैं तब आपको एक वकील से मदद लेनी पड़ती है?

3. जब प्रशासनिक अधिकारी आपकी बात जानबूझकर अनसुनी करते हैं तब आपको एक वकील से मदद लेनी पड़ती है ?

4. जब कोई लेखपाल, कोटेदार, प्रधान या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आपका हक छीनने की कोशिश की जाती है तब आपको एक वकील से मदद लेनी पड़ती है ?

5. जब घर के सदस्यों के बीच उनके अधिकारों को लेकर मतभेद होता है तब आपको एक वकील से मदद लेनी पड़ती है?

6. जब आप समाज में व्याप्त बुराइयों को कानूनी तरीके से खत्म करने का संकल्प लेते हैं तो उस संकल्प को पूरा करने के लिए आपको एक वकील से मदद लेनी पड़ती है ?

7. जब आप अपने बच्चे को स्कूल भेजते हैं और वहां उसे अध्यापक या किसी अन्य बच्चे द्वारा मानसिक यातनाएं दी जाती हैं और स्कूल प्रशासन आपकी शिकायत अनसुनी कर देता है तब आपको एक वकील की मदद की लेनी पड़ती है ?

8. जब आप खेती करते हैं और किसी कारणवश आपकी फसल का नुकसान हो जाता है और प्रशासन मुआवज़ा देने से मना कर देता है तब आपको एक वकील की मदद लेनी पड़ती है ?

9. जब आपको किसी भी सरकारी योजना का फायदा नहीं मिल पाता, तब आपको अपना हक प्राप्त करने के लिए एक वकील की मदद लेनी पड़ती है ?

10. जब भी कोई घटना-दुर्घटना होती है तो सबसे पहले आपको वकील ही याद आते है ?

🔷 इसलिए आमजन से अपील है कि इन सवालों के जवाब स्वयं को दीजिये और फिर आपको वकील की अहमियत समझ आऐगी।

एक वकील जो न्यायव्यवस्था का एक स्तंभ है पीड़ित की मदद के लिए मानसिक और शारीरिक मेहनत करता है कभी तो पूरी रात जागकर, कभी धूप में, कभी बरसात मे भीगकर आपको न्याय उपलब्ध कराता है। एक वकील अपनी मेहनत और पुरूषार्थ से मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा अर्जित करता है।

*एक वकील के दिल से* ✍️ 🤵👩‍⚖️

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Sanchor
343041

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