30/12/2025
आओ जाने उन्नाव केस के बारे में
उन्नाव रेप कांड भारत के सबसे चर्चित और विवादास्पद आपराधिक मामलों में से एक है, जिसमें सत्ता, राजनीति और न्याय के संघर्ष की लंबी कहानी जुड़ी है। इस केस के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. मुख्य घटना और आरोपी
घटना: जून 2017 में उन्नाव (यूपी) की एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप हुआ।
मुख्य आरोपी: कुलदीप सिंह सेंगर, जो उस समय भाजपा के कद्दावर विधायक थे। उन पर नौकरी दिलाने के बहाने लड़की का अपहरण और बलात्कार करने का आरोप लगा।
2. न्याय के लिए संघर्ष और 'आत्मदाह' का प्रयास
पुलिस की लापरवाही: करीब एक साल तक पुलिस ने विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की।
आत्मदाह: अप्रैल 2018 में थक-हारकर पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय मीडिया में छाया और सीबीआई को सौंपा गया।
3. पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत
पीड़िता के पिता को विधायक के भाई (अतुल सिंह) ने बेरहमी से पीटा था, लेकिन पुलिस ने उल्टा पिता को ही 'आर्म्स एक्ट' के फर्जी केस में जेल भेज दिया।
जेल में चोटों और इलाज न मिलने के कारण पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत हो गई।
4. रायबरेली रोड एक्सीडेंट (जुलाई 2019)
जुलाई 2019 में जब पीड़िता अपने वकील और रिश्तेदारों के साथ रायबरेली जा रही थी, तब एक ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मारी।
इस हादसे में पीड़िता की दो चाचियों की मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हुए। ट्रक की नंबर प्लेट काली पुती हुई थी, जिससे इसे साजिश माना गया।
5. सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया और सुरक्षा कारणों से केस को उत्तर प्रदेश से दिल्ली (तीस हजारी कोर्ट) ट्रांसफर कर दिया।
कोर्ट ने यूपी सरकार को पीड़िता को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
6. सज़ा और वर्तमान स्थिति (ताजा अपडेट: दिसंबर 2025)
सज़ा: दिसंबर 2019 में दिल्ली की अदालत ने कुलदीप सेंगर को बलात्कार का दोषी पाया और उम्रकैद (जब तक जिंदा रहे) की सज़ा सुनाई। साथ ही 25 लाख का जुर्माना भी लगाया।
पिता की मौत का मामला: मार्च 2020 में सेंगर को पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत के लिए भी 10 साल की सज़ा सुनाई गई।