Narsingh katiyar Advocate law tips

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08/02/2026

गुजारा भत्ता वसूली में सीधे गिरफ्तारी अवैध — Mohd. Shahzad बनाम Sajia Khan (2025), इलाहाबाद हाईकोर्टइलाहाबाद हाईकोर्ट ने Mohd. Shahzad बनाम Sajia Khan (2025) मामले में स्पष्ट किया कि धारा 125/128 CrPC के अंतर्गत गुजारा भत्ता न देने पर पति की सीधे गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।
न्यायालय के अनुसार पहले कानूनी वसूली प्रक्रिया अपनाना अनिवार्य है, जिसमें—
धारा 421 CrPC के अंतर्गत जुर्माने की भांति वसूली
या धारा 461 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) के तहत वसूली वारंट
पति की चल या अचल संपत्ति से राशि की वसूली
शामिल है।
👉 केवल तब, जब वसूली के सभी उपाय विफलकेवल तब, जब वसूली के सभी उपाय विफल हो जाएँ, अंतिम विकल्प के रूप में गिरफ्तारी की जा सकती है।
यह निर्णय पति-पत्नी दोनों के अधिकारों में संतुलन स्थापित करता है और निचली अदालतों को प्रक्रियात्मक अनुशासन का पालन करने का स्पष्ट निर्देश देता है।
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02/02/2026

माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 : संतान व उत्तराधिकारियों की कानूनी जिम्मेदारीमाता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के अंतर्गत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, जिनमें माता-पिता भी शामिल हैं, अपनी संतान से भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं। माता-पिता अपनी संतान के विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, वहीं संतानहीन वरिष्ठ नागरिक अपने उन संबंधियों के विरुद्ध आवेदन कर सकते हैं जो उनकी संपत्ति के उत्तराधिकारी हैं।
संतान एवं नातेदारी संबंधियों का दायित्व है कि वे माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण करें ताकि वे सम्मानजनक एवं सामान्य जीवन यापन कर सकें।
आवेदन राज्य सरकार द्वारा स्थापित भरण-पोषण अधिकरण के समक्ष किया जाता है, जिसे सिविल न्यायालय की शक्तियाँ प्राप्त होती हैं। अधिकरण को 6 माह के भीतर आवेदन का निस्तारण करना होता है तथा कार्यवाही से पूर्व मध्यस्थता का प्रावधान भी है।
जिले में अपीलीय अधिकरण का गठन किया जाता है और भरण-पोषण अधिकारी इसकी निगरानी करता है। भरण-पोषण न देने वाली संतान के विरुद्ध 1 माह से 3 माह तक के कारावास का प्रावधान है।प्रत्येक जिले में वृद्धाश्रम, सरकारी अस्पतालों में वृद्धों की देखभाल तथा वृद्ध नागरिकों के जीवन, संपत्ति और स्वतंत्रता की सुरक्षा हेतु पुलिस सहायता की भी व्यवस्था की गई है। #मातापिता_भरणपोषण
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31/01/2026

माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 – कानूनी अधिकार और संरक्षणमाता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 भारत सरकार द्वारा बनाया गया एक महत्वपूर्ण सामाजिक कानून है, जिसका उद्देश्य माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों को उनके बच्चों/वारिसों से भरण-पोषण, सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान करना है।
इस अधिनियम के अंतर्गत माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण हेतु न्यायाधिकरण में आवेदन कर सकते हैं। कानून में अधिकतम मासिक भरण-पोषण राशि, संपत्ति की सुरक्षा, वृद्धाश्रम की व्यवस्था तथा उपेक्षा करने पर दंड का प्रावधान किया गया है।
यह अधिनियम वृद्धजनों के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। #माता_पिता_भरणपोषण_अधिनियम
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22/01/2026

घरेलू हिंसा अधिनियम 2005: पति के अलावा अन्य रिश्तेदार कब बन सकते हैं प्रतिवादी?
इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला | धारा 3, 12 व 2(q) #घरेलू_हिंसा_अधिनियम

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ेलू हिंसा अधिनियम, 2005 की धारा 3 एवं 12 के अंतर्गत केवल पति ही नहीं, बल्कि अन्य रिश्तेदारों के विरुद्ध भी कार्यवाही तभी संभव है जब वे व्यथित महिला के साथ साझा घरेलू निवास (Shared Household) में रह रहे हों और घरेलू हिंसा के कृत्य में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हों।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि
➡️ केवल रिश्तेदारी के आधार पर
➡️ अलग-अलग रह रही बहनों या अन्य परिजनों को
➡️ बिना साझा निवास और ठोस आरोपों के
प्रतिवादी बनाना कानून का दुरुपयोग है।धारा 2(q) के अंतर्गत प्रतिवादी वही व्यक्ति हो सकता है जो व्यथित महिला के साथ घरेलू संबंध में रहा हो।
इसी आधार पर पाँच अलग रह रही बहनों के विरुद्ध की गई कार्यवाही को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विखंडित (Quash) कर दिया।
यह निर्णय घरेलू हिंसा मामलों में झूठे या अनावश्यक पक्षकार बनाए जाने पर रोक लगाने वाला एक महत्वपूर्ण न्यायिक दृष्टांत है।
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18/01/2026

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#पति_पत्नी_विवाद #अनुच्छेद142
#भारतीयसंविधान142
#सुप्रीमकोर्टकीशक्ति
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#लंबेसमयसेअलगाव

#वैवाहिकरिश्ताखत्म #साथरहनेकेप्रयास
#समझौताअसफल
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🔹 विवाह विच्छेद मंजूर #विवाहविच्छेद
#तलाकमंजूर

#15वर्षकीलड़की

#बच्चीकेहितमें

🔹 पत्नी को ₹12,00,000 की राशि
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#पत्नीकोराशि
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16/01/2026

सिविल मामलों में प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी हस्तक्षेप नहीं कर सकते # उत्तर प्रदेश राज्य सरकार का अध्यादेश # सिविल रिट ज्ञानेंद्र कुमार बनाम प्रदेशराज्य # Important # Narsingh Katiyar advocate chembur no 78 Central bar Association Pilibhit

14/01/2026

जितेंद्र मंगल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य माननीय इलाहाबाद हाई कोर्ट 2025 जीआईसी , कंपनी द्वारा अपराध, चेक को कंपनी की ओर से जारी किया गया, मुकदमा दाखिल करते समय कंपनी को अभियुक्त के रूप में पक्षकार नहीं बनाया गया , मुकदमे की कार्रवाई निरस्त की गई, धारा 138 धारा 141,NIAct # Viral Vedio

14/01/2026

चंद्रकांत उर्फ मेजर चंद्रकांत बनाम उत्तराखंड राज्य उत्तराखंड हाई कोर्ट #अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र #अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र सेशन न्यायालय में पहले लगाए court Court condition Katiyar advocate chembur no 78 Central bar Association Pilibhit

12/01/2026

घरेलू हिंसा से संबंधित आपातकालीन मामलों में की जाने वाली कार्रवाई # Rule 09 घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 #संरक्षण अधिकारी या सेवा प्रदाता को सूचना #टेलीफोन द्वारा ,ईमेल द्वारा, स्वयं द्वारा या अन्य व्यक्ति से प्राप्त विश्वसनीय सूचना, पुलिस द्वारा तुरंत सहायता # emergency condition officer and service provider # Narsingh Katiyar advocate chembur no 78 Central bar Association Pilibhit

11/01/2026

Ground of cheque Bounce Section 138 Ni.Act 1881 #चेक बाउंस का मुकदमा किन-किन आधारों पर लाया जा सकेगा।

11/01/2026

नाबालिक बच्चों की Custody is a natural guardian # नाबालिक बच्चे की Custody नाना नानी को नहीं दी गई Chaturvedi Vs Uttar Pradesh rajya honorable Supreme court #2025 JIC (diglot) define others ruling dispute of family High court order is cancelled Corpus writt

07/01/2026

Malicious Suit # civil and Criminal # False Allegations cases katiyar advocate chembur no 78 Central bar Association Pilibhit

Address

Uttar Pradesh Pilibhit
Pilibhit
262001

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