20/03/2026
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन (वृद्धावस्था, विधवा, और दिव्यांग पेंशन) प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है।
सरकार के निर्देशानुसार, 31 मार्च, 2026 तक ई-केवाईसी (e-KYC) यानी जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है।
यदि इस समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो लाभार्थियों की पेंशन राज्य स्तर से स्वतः बंद कर दी जाएगी।
यहाँ इस प्रक्रिया, प्रखंडवार स्थिति और समाधान का पूरा विवरण दिया गया है:
⏳ 31 मार्च की डेडलाइन: क्यों है जरूरी?
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को हर साल यह साबित करना होता है कि वे जीवित हैं और योजना के पात्र हैं। इसे 'जीवन प्रमाणीकरण' कहा जाता है।
डिजिटल सत्यापन: अब यह प्रक्रिया बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान या आईरिस स्कैन) के जरिए ई-केवाईसी के रूप में होती है।
पेंशन रुकने का खतरा: जिन लाभार्थियों का डेटा 31 मार्च तक अपडेट नहीं होगा, उनका नाम 'डिफॉल्टर' सूची में चला जाएगा और अगले महीने से बैंक खाते में राशि नहीं आएगी।
📊 वर्तमान स्थिति: 50% से अधिक का केवाईसी लंबित
प्रखंड स्तर पर प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अभी भी एक बड़ी आबादी इस प्रक्रिया से बाहर है:
कुल चिह्नित लाभुक: 11,159
सत्यापित हो चुके: 5,690
लंबित (Pending): 5,469
🛠️ ई-केवाईसी कहाँ और कैसे कराएं?
बीडीओ आयुष राज आलोक और डेटा ऑपरेटर पिंटू कुमार यादव ने लाभार्थियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
CSC केंद्र (वसुधा केंद्र): अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं।
निशुल्क सुविधा: सरकार द्वारा यह सेवा लाभार्थियों के लिए पूरी तरह निशुल्क रखी गई है।
आवश्यक दस्तावेज: लाभार्थी को अपना आधार कार्ड और पेंशन आईडी/पासबुक साथ ले जाना होगा।
बायोमेट्रिक सत्यापन: केंद्र पर अंगूठे का निशान लगाकर 'फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन' किया जाएगा।
📢 प्रशासन की अपील
प्रखंड प्रशासन ने सभी मुखिया और वार्ड सदस्यों से अपील की है कि वे अपनी पंचायतों में कैंप लगाकर बुजुर्गों और दिव्यांगों को जागरूक करें।
लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि (31 मार्च) की भीड़ से बचने के लिए आज ही अपना प्रमाणीकरण पूरा करा लें।