11/12/2025
आज परम पूजनीय पापा को हमलोग को छोड़े हुए 2 साल हो गए। हर साल ये दिन जब मैं बैठता हूँ तो रोते रोते ही इस पोस्ट को लिख पाता हूँ, दुनिया का सबसे असहाय व्यक्ति, सबसे निर्बल होने का अहसास होता है।आपके जाने से मैं और आपका पूरा परिवार अनाथ हो गया। कोई ऐसा दिन और लम्हा नहीं है जब आप मेरे जेहन में नहीं होते हैं। आप मेरे लिए भगवान से भी ऊपर थे, हैं और हमेशा रहेंगे। आपने जीवन भर अपने सुख साधन का त्याग कर परिवार की जरूरतों को पूरा करने में जीवन खपा दिए। जब आराम करने और शौक पूरे करने की बारी आई तो भगवान ने बेड पर बिठा दिया और कुछ ही समय में हमेशा के आराम के लिए अपने पास बुला लिया। मैंने कभी जीवन में आपसे कुछ मांगा और आपने मना कर दिया, ऐसा कोई वाकया नहीं है। आप मध्यमवर्गीय सरकारी नौकरी करते हुए भी मेरे लिए दुनिया के सबसे अमीर इंसान थे। आज मैंने बहुत पैसे कमाए हैं, पिछले सोलह साल से कमा रहा हूँ लेकिन फिर भी आपके इतना अमीर नहीं हो पाया दिल से। आज मेरे पास सबकुछ है लेकिन आप नहीं हैं, ये बात मुझे प्रतिदिन अंदर से झकझोर देती है। बहुत सपने आपके लिए मैंने देखे थे कि यहां लेकर जाऊंगा, वहां घुमाऊंगा लेकिन कुछ भी नहीं कर पाया। आज मैं शून्य में हूँ। आगे बढ़ता जा रहा हूँ, सफलताएं भी कदम चूम रही हैं लेकिन आप ये सब देखने-सुनने के लिए नहीं हैं। फिर मुझे कभी ये सारी दौलत शोहरत बेमानी और मिथ्या लगती है, लगता है अब इसका कोई अर्थ नहीं है। आपके बिना मम्मी को देखना मेरे लिए कितना दर्दनाक है इसको शायद मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। भगवान मेरी माँ को लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य दें कि मैं जो सपने पापा के साथ जी नहीं पाया वो उनके साथ कम से कम जी सकूं।
हर साल की भांति गरीबों, जरूरतमंदों एवं दलितों के बीच अपने गांव दैली में अपने दालान पर गर्म कंबल और खाने पीने की चीजों का वितरण मेरी माँ, बहन, चाचा, चाची के द्वारा किया गया। भगवान श्रीराम अपने चरणों में मेरे प्यारे पापा को स्थान दें।
ॐ शांति शांति 🙏🙏