12/02/2026
#कबड्डी_आधुनिक_प्रबंधन_और_नेतृत्व_की_पाठशाला
#हेमांशु_मिश्रा
आज केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला परिसर में आयोजित अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में बतौर विशिष्ट अतिथि सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस गौरवमयी अवसर पर मुझे आमंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय के खेल निदेशक प्रो. सुमन शर्मा एवं समस्त आयोजक मंडल का हृदय से आभार।
विशेष रूप से भारतीय महिला कबड्डी की स्टार खिलाड़ी और हिमाचल की शान पूजा ठाकुर द्वारा मिले स्नेहिल सम्मान से मैं अभिभूत हूँ।
सेमीफाइनल मुकाबला लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), जालंधर और मिथिला यूनिवर्सिटी, दरभंगा के बीच था। खेल की तीव्रता (Intensity) और खिलाड़ियों का कौशल उच्च दर्जे का था। LPU से हिमाचल की बेटी और भारतीय टीम का हिस्सा चंपा ठाकुर तथा दरभंगा की टीम से हिमांशी व खेताई का प्रदर्शन शानदार रहा। अंततः लवली यूनिवर्सिटी ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। एक और गौरव की बात यह रही कि सभी मैच ऑफिशियल्स हिमाचल से ही थे, जो अपनी विधा में निष्पक्ष और पारंगत दिखे। आज के अनुभव से मैंने पाया कि
कबड्डी मात्र खेल नहीं, एक दर्शन है।
मैदान पर खिलाड़ियों को देखते हुए मुझे भारतीय विचार परंपरा के गहरे सूत्र याद आए। विपक्षी का खिलाड़ी आउट होते ही अपनी टीम के 'आउट' खिलाड़ी का पुनः जीवित होकर मैदान में आना, कर्म और पुनर्जन्म के सिद्धांत का जीवंत उदाहरण है। सातों रक्षकों का घेरा या 'चेन' प्राचीन युद्ध कलाओं के चक्रव्यूह जैसा है। यहाँ एक की भी चूक पूरी टीम की हार बन सकती है, जो 'सामूहिक उत्तरदायित्व' की सीख देता है।
कबड्डी कबड्डी का निरंतर जाप श्वास पर नियंत्रण (प्राणायाम) सिखाता है। एक ही सांस में लक्ष्य साधना एकाग्रता की पराकाष्ठा है। मैदान की रेखाएँ (Lobby, Bonus, Baulk line) जीवन की 'मर्यादा' का प्रतीक हैं। सीमाओं में रहकर ही विजय प्राप्त करना श्रेष्ठ है।
खिलाड़ियों की 'डुबकी' विनम्रता और अहंकार को त्यागकर बाधाओं के नीचे से निकलने की कला सिखाती है। 'एंकल होल्ड जड़ पर प्रहार करना सिखाता है, तो टो-टच सूक्ष्म लक्ष्य पर एकाग्रता का मंत्र है।
यह खेल आधुनिक प्रबंधन और नेतृत्व की पाठशाला है। सुपर टैकल की स्थिति सिखाती है कि अपनी असाधारण क्षमता से टीम को पुनर्जीवित (Revive) करना ही असली लीडरशिप है। रेडर के पास मौजूद 30 सेकंड बताते हैं कि जीवन में 'अवसर की खिड़की' छोटी होती है, जहाँ एक त्वरित निर्णय पूरी बाजी पलट सकता है।
आज के आयोजन में शामिल हो कर सच मे दिन बन गया। केंद्रीय विश्वविद्यालय ने एक बार फिर धर्मशाला और हिमाचल को एक नई पहचान दी है। इस सफल आयोजन का हिस्सा बनाने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय परिवार का पुनः धन्यवाद! 🙏