02/12/2023
बीते दिन नूह ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स में इंस्पेक्टिंग जज जनाब जस्टिस करमजीत सिंह ने दौरा किया जिसका बार एसोसिएशन नूह और ज्यूडिशियल ऑफिसर्स ने मिलकर स्वागत किया और यही हमारी परंपरा है।
हमारे नूह बार और बेंच के रिश्ते हमेशा हेल्दी रहे है और इस वक्त हमारी नूह कोर्ट के ज्यूडिशियल अफसरान बहुत अच्छे मिलनसार है जिसे कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
बार का चुनाव लगभग एक पखवाड़ा दूर है एक बात का दुख होता है हमारे बार में मोहब्बत भाईचारा सांझा संस्कृति है लेकिन प्रोग्रेसिव सोच नही है।
प्रधान का चुनाव लगभग बहुलता से थोप दिया जाता है इसलिए किसी प्रधान को कुछ बदलाव करने की जरूरत महसूस नहीं होती है।
पिछले दशक से अधिवक्ताओ के लिए चेंबर बनने की मांग है लेकिन पूर्व प्रधानों ने वादे किए जो पूरे नही हुए,अब तो ये मांग भी लगभग मृतप्राय हो चुकी है,अब कोई प्रधान ये नही कहता कि हम कुछ करवा देंगे सिर्फ बडा ग्रुप तय कर लेता है कि किस साल में किसको प्रधान बनाना है लगभग वही बन जाता है इससे कोई सरोकार नहीं है कि बार रूम के बाथरूम में बदबू मार रही है उसमे वकीलों की जगह मुवक्किल टांग पसारकर सोते है या बीड़ी पीते रहते है लाइब्रेरी तीतर बितर हो रखी है बस पार्किंग और दुकानों से उगाही के पेसो से अपनी जेब खर्ची जलाकर अपने को प्रधान कहलवाते है जबकि बार में पीने के पानी,साफ सफाई का इंतजाम भी अध्यक्ष महोदय और उसकी कार्यकारणी को करना होता है।
अब दावत शुरू हो गई है बस हम सब मस्त है लेकिन ये बात अच्छी है कि कोई किसी को वोट दे ना दे,सबकी दावत खाते हैं इसमें कोई झिझक भी महसूस नहीं होती है एक तरह से तो हम गांव के चुनाव से भी बत्तर चुनाव प्रक्रिया अपनाते है लेकिन हम तो हम है देश के दूसरे नंबर के नागरिक और आफिसर ऑफ कोर्ट हमसे कहने पुछने वाला कोई पैदा नहीं हुआ है इसलिए ज्यादा टीका टिप्पणी की जरूरत नही है।
रमज़ान चौधरी,,,,