Surendra Kalyana Nokha

Surendra Kalyana Nokha मुझे जाति पाँति में मत ढूँढना !

�में एक भारतीय हूं�

01/03/2026

राजस्थान की तानाशाही सरकार के RTO मैं ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट कर आंख फोड़ी....

राजस्थान परिवहन विभाग के अधिकारी और उनके दल्ले जो ट्रक ड्राइवर के साथ रोज मारपीट करते हैं
आज जयपुर बीकानेर हाईवे के ऊपर रतनगढ़ चुरु RTO द्वारा ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट कर आंख फोड़ने की घटना सामने आई है

ट्रक ड्राइवर द्वारा अवैध वसूली नहीं देने पर परिवहन विभाग अधिकारियों में ड्राइवर से लाइसेंस मांगा ड्राइवर ने लाइसेंस मोबाइल में होने की बात कही तब तक परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ड्राइवर के साथ मारपीट कर दी इस मारपीट में ड्राइवर की आंख पर चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं तथा खून भी नजर आ रहा है।

CMO Rajasthan राजस्थान में आर टी ओ की गुंडा गर्दी बंद करो बंद करों भ्रष्टाचार सीमा पार पहुंच गया है इन लोगों का हर ट्रक ड्राईवर को लुटा जा रहा है
पुलिस प्रशासन कहां सोए हुए हैं भजनलाल जी सरकार ऐसे गरीबों के ऊपर यह आरटीओ पैसा भी इन्हीं से वसूलते हैं और इन्हीं को मारते हैं ड्राइवर की सुनने वाला कोई नहीं है
राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी इस मामले को संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द कार्रवाई करके इन अधिकारियों के ऊपर ठोस कड़ी कार्रवाई करें अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पिछले 24–30 घंटे पहले की ख़बर थी कि ईरान ने एकसाथ आठ देशों पर हमला किया। यदि कोई देश सीज़फायर का उलंघन करे या हमले की शु...
01/03/2026

पिछले 24–30 घंटे पहले की ख़बर थी कि ईरान ने एकसाथ आठ देशों पर हमला किया। यदि कोई देश सीज़फायर का उलंघन करे या हमले की शुरुआत करे तो उसका अंजाम क्या होगा ? हम इजराइल को छोड़ दें तो बाकी सभी मुस्लिम देश हैं और ईरान भी मुस्लिम देश है फिर यह हमला क्यों ?

बाद में कई स्रोतों से यह भी ज्ञात हुआ कि ईरान ने जिन देशों में हमला किया वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर था ना कि उन देशों के खिलाफ़ था। मगर यह बात भी अपच है कि उक्त देश जो आपसे अधिक सक्षम और स्वतंत्र है वही आपके साथ नहीं ?

सोचो , यह कैसी विदेश नीति जिसमें कोई रणनीति ही नहीं है ? क्या ऐसे युद्ध जीते जा सकते हैं ? मैं फिर स्पष्ट कर दूँ कि अमेरिका किसी का सगा नहीं है और ऐसा मैंने असंख्य बार बताया है। मैं बिल क्लिंटन , हिलेरी क्लिंटन , जॉर्ज बुश के समय से अमेरिका को समझने की कोशिश कर रहा हूं।

इतिहास में जापान के हिरोशिमा , नागासाकी हो या फिर आधुनिक समय लीबिया , वियतनाम से लेकर ईराक , ईरान तक। अमेरिका की नीति आज से कई साल आगे की होती है। अमेरिका भले ही शुरुआत में कमजोर दिखाई पड़ता है लेकिन वह हारा नहीं बल्कि रणनीति बदला है।

बहुत जगह आप देखेंगे कि अमेरिका जिसे चाहे अप्रत्यक्ष ढंग से सत्ता देता है और कभी–कभी कट्टर धार्मिक समूहों को भी। अफगानिस्तान में तालिबान का सत्ता में आना अमेरिका का एक छुपा एजेंडा बताया जाता है। यदि हम ईराक , ईरान की दृष्टि से देखें तो यह बात वास्तविक भी लगती है।

बहुत विशेषज्ञ भारत के संदर्भ में भी ऐसा ही मानते हैं हालांकि यह महज़ अनुमान या एक पक्ष हो सकता है लेकिन प्रश्न तब उठता जब अंदरूनी मसलों पर सरकारें ख़ामोश रहती है जैसा कि ईरान , नेपाल , बांग्लादेश में देखा गया। यही मसले तख्तापलट या सत्ता परिवर्तन करवाते हैं।

भारत एक सक्षम और स्वतंत्र देश है। यहां बाहरी ताकतों का हस्तक्षेप सीधे रूप में नहीं हो सकता है लेकिन ईवीएम जैसे मसले फिर उनकी पारदर्शिता का प्रश्न और पक्ष , विपक्ष के पास ठोस प्रमाण ना होना कहीं ना कहीं संदेह छोड़ जाता है कि भले ही अपने देश के लोग भोले हों पर बाहरी ताकतें ?

हमारी संस्थाएं सबसे स्वतंत्र संस्थाएं हुआ करती थी लेकिन अब चुनाव आयोग , मीडिया संस्थान यहां तक कि न्यायपालिका पर भी संदेह के प्रश्न उठने लगे हैं। इस असंतोष को कम करना भी सरकारों का काम है। तमाम वैश्विक घटनाओं से हमें अपने संदर्भ में सबक लेना ही होगा।

किसी भी वर्ग , समाज , धर्म , जाति अथवा समूह के विषय हों या सत्ता पर काबिज लोग हों , कोई भी मर्यादाओं और कानूनों के बाहर नहीं जाने देने चाहिए। इतिहास स्वयं अपनी तारीखें लिखता और मिटाता है जो कभी ना मिट सके वह सर्वधर्म समभाव वाला अपना भारत ही हो सकता है।

बाकी ख़ामनेई धार्मिक क्रांति की राह पर अधिक अग्रसर थे बजाय नागरिक अधिकारों के। उनके देश में अशांति , और अर्थव्यवस्था सब अस्थिर हो चुकी थी। युद्ध की राह उन्होंने ही चुनी जिसका परिणाम दुःखद हुआ। उम्मीद ही कर सकते है कि ईरान आगे स्थिर और नागरिकों के अनुरूप मजबूत बनेगा।

राजस्थान सरकार का नया आदेश जरूर देख ले रोड पर प्लॉट खरीदते वक़्त             नेशनल हाईवे , स्टेट हाईवे , ग्रामीण रोड़ पर...
27/02/2026

राजस्थान सरकार का नया आदेश जरूर देख ले रोड पर प्लॉट खरीदते वक़्त
नेशनल हाईवे , स्टेट हाईवे , ग्रामीण रोड़ पर प्लॉट ख़रीद करते वक़्त निम्न बातों का ख्याल रखें l

👉 1. नेशनल हाईवे सेंटर से 246 फीट (75 मीटर) में आवासीय और कमर्शियल बिल्डिंग दूर होनी चाहिए। सेंटर से 245 फीट छोड़कर खरीदे l

👉 2. स्टेट हाईवे: स्टेट हाईवे के सेंटर से भी 246 फीट (75 मीटर) में आवासीय और कमर्शियल बिल्डिंग दूर होनी चाहिए। 246 फीट छोड़कर खरीदे
👉 3. ग्रामीण रोड: ग्रामीण रोड के सेंटर से 15.5 मीटर) सेण्टर से लगभग 50 फीट अंदर में आवासीय और कमर्शियल बिल्डिंग नहीं होनी चाहिए। 50 छोड़कर सेंटर से खरीदे अब , प्लॉट हाइवे पर खरीदते वक्त कुछ और सावधानियाँ:
ग्रीन बफर ज़ोन: कई शहरों में हाईवे या रोड के किनारे ग्रीन बफर ज़ोन होता है , जहाँ निर्माण की अनुमति नहीं होती। इसकी जानकारी ज़रूर लें।
- मास्टर प्लान: शहर का मास्टर प्लान देखें कि प्लॉट किस ज़ोन में आता है और वहाँ क्या निर्माण की अनुमति है।
जमीन का नक्शा: जमीन का नक्शा देखें और सुनिश्चित करें कि प्लॉट पर कोई विवाद नहीं है।
अतिक्रमण: आसपास के इलाके में अतिक्रमण की स्थिति देखें और भविष्य में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की संभावना को ध्यान में रखें।
नियमों का पालन: स्थानीय नियमों और गाइडलाइंस का पालन करना आवश्यक है , जैसे कि जमीन का उपयोग , निर्माण की अनुमति , आदि।

इन बातों का ध्यान रखने से आप अपने निवेश को सुरक्षित रख सकते हैं।

तलाक के सालों बाद DM बनी पत्नी पहुंची बैद्यनाथ धाम , सामने भीख मांग रहा था अपाहिज पति ; फिर जो हुआ...!! ❣️नियति का लेखा-...
27/02/2026

तलाक के सालों बाद DM बनी पत्नी पहुंची बैद्यनाथ धाम , सामने भीख मांग रहा था अपाहिज पति ; फिर जो हुआ...!! ❣️

नियति का लेखा-जोखा कहते हैं कि बैद्यनाथ धाम में महादेव के दर्शन के लिए वही आता है जिसे बाबा बुलाते हैं। लेकिन कभी-कभी बाबा सिर्फ दर्शन देने के लिए नहीं , बल्कि कर्मों का हिसाब चुकता करने के लिए बुलाते हैं। यह कहानी है “शालिनी” और “राघव” की। 10 साल पहले एक गलतफहमी और गरीबी ने इन्हें अलग कर दिया था। आज शालिनी उस जिले की DM है , और राघव उसी मंदिर की चौखट पर एक ऐसी हालत में है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती...!!

10 साल पहले राघव और शालिनी एक छोटे से कस्बे में रहते थे। राघव एक फैक्ट्री में काम करता था और शालिनी का सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का था। राघव ने अपनी पूरी जमा-पूंजी और रातों की नींद शालिनी की पढ़ाई पर कुर्बान कर दी। लेकिन एक दिन फैक्ट्री में हुए एक भीषण हादसे में राघव ने अपने दोनों पैर खो दिए...!!

अपाहिज होने के बाद राघव को लगा कि वह अब शालिनी के लिए सिर्फ एक बोझ बन जाएगा। उसी समय शालिनी के परिवार ने उस पर दबाव डाला कि वह एक ‘अपाहिज’ के साथ अपनी जिंदगी बर्बाद न करे। राघव ने एक कठोर फैसला लिया। उसने शालिनी से कहा कि वह अब उससे प्यार नहीं करता और उसे किसी अमीर लड़की के साथ रहना है। शालिनी ने राघव को पत्थर दिल समझा और नफरत के साथ घर छोड़ दिया। तलाक के बाद शालिनी ने खुद को पढ़ाई में झोंक दिया और अंततः DM बन गई...!!

सावन का महीना था। बैद्यनाथ धाम (Deoghar) में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी। शालिनी , जो अब उस क्षेत्र की कद्दावर DM थी , सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मंदिर परिसर पहुँची। लाल बत्ती की गाड़ी , पुलिस का काफिला और चारों तरफ “मैडम साहिबा” के नारे। शालिनी का रुतबा देखकर कोई नहीं कह सकता था कि इस सख्त अधिकारी के अंदर एक टूटा हुआ दिल भी धड़कता है...!!

शालिनी मंदिर की सीढ़ियों की तरफ बढ़ रही थी कि अचानक उसकी नजर मंदिर के एक कोने में पड़े एक शख्स पर पड़ी। वह शख्स एक पुरानी लकड़ी की रेहड़ी पर बैठा था और अपने हाथों के सहारे घिसट रहा था...!!

शालिनी के कदम वहीं रुक गए। पुलिस वाले उसे आगे बढ़ने के लिए कह रहे थे , लेकिन उसकी की नजरें उस ‘अपाहिज’ शख्स पर जमी थीं। वह शख्स फटे-पुराने कपड़ों में था , चेहरा धूल से भरा था , लेकिन उसकी आँखों में वही पुरानी चमक थी जो कभी शालिनी की दुनिया हुआ करती थी...!!

वह राघव था। शालिनी का पूर्व पति। वह शख्स जिसने शालिनी को ऑफिसर बनाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था , आज मंदिर के बाहर भक्तों द्वारा फेंके गए सिक्कों को इकट्ठा कर रहा था...!!
शालिनी के हाथ कांपने लगे। उसने अपना चश्मा हटाया और धीरे से पुकारा “राघव?...?

राघव ने जैसे ही वह आवाज सुनी , उसका शरीर सुन्न हो गया। उसने सिर उठाकर देखा—सामने जिले की सबसे बड़ी अधिकारी खड़ी थी। राघव ने अपनी नजरें झुका लीं और अपनी रेहड़ी को तेजी से पीछे धकेलने लगा। वह नहीं चाहता था कि उसकी ‘अफसर’ पत्नी उसे इस हाल में देखे...!!

वो दौड़कर उसके पास गई और उसके सामने सड़क पर ही घुटनों के बल बैठ गई। “मैडम, आप नीचे मत बैठिए , कपड़े खराब हो जाएंगे ,” राघव ने धीमी आवाज में कहा...!!

शालिनी रो पड़ी “ये क्या हाल बना रखा है तुमने ? और वह सब झूठ क्यों बोला था कि तुम किसी और के साथ रहना चाहते हो?...??

तभी वहां खड़ा एक पुजारी बोला— “मैडम , आप इस गरीब को जानती हैं ? ये पिछले 5 सालों से यहाँ है। जितना भी पैसा इसे भीख में मिलता है , वह सब ये चुपचाप उन लड़कियों की पढ़ाई के लिए दान कर देता है जिनके पास पैसे नहीं होते। ये कहता है कि इसकी पत्नी भी एक बहुत बड़ी अफसर है और उसे उस पर गर्व है...!!
शालिनी को अपनी नफरत पर पछतावा होने लगा। उसे समझ आया कि राघव ने 10 साल पहले वह नाटक सिर्फ इसलिए किया था ताकि शालिनी एक अपाहिज पति की सेवा में अपनी जिंदगी बर्बाद न करे और अपना सपना पूरा कर सके। उसने अपनी खुशियाँ कुर्बान कर दीं ताकि शालिनी एक बड़ी अधिकारी बन सके...!!

शालिनी ने वहीं महादेव के मंदिर के सामने सबके सामने राघव का हाथ पकड़ा। उसने अपने सुरक्षाकर्मियों से कहा “गाड़ी लाओ...!!

राघव ने मना किया “शालिनी, तुम एक DM हो। तुम्हारा रुतबा , तुम्हारी इज्जत… समाज क्या कहेगा कि एक ऑफिसर का पति एक भिखारी है?...??

शालिनी ने जवाब दिया “समाज ने मुझे ऑफिसर नहीं , तुमने बनाया है। और आज से यह DM तुम्हारी पत्नी बाद में है , तुम्हारी कर्जदार पहले है...!!

शालिनी राघव को अपनी सरकारी गाड़ी में बिठाकर अपने बंगले पर ले गई औऱ उसने राघव का इलाज करवाया और उसे वह सम्मान दिया जिसका वह हकदार था...!!
किसी के खामोश फैसले के पीछे अक्सर बहुत बड़ा बलिदान छिपा होता है...!!

जाट हूँ 50 THAR खरीद दूंगी 🙄अबे आंटी ये क्या बात हुई ..?? आप किस बहम और भ्रम में हैं ..??आपको पता होना चाहिए कि THAR खरी...
17/02/2026

जाट हूँ 50 THAR खरीद दूंगी 🙄

अबे आंटी ये क्या बात हुई ..?? आप किस बहम और भ्रम में हैं ..??

आपको पता होना चाहिए कि THAR खरीदने के लिए जाट होने की नहीं बल्कि ₹ की जरूरत पड़ती है, अगर पैसा नहीं है तो कोई showroom में भी नहीं घुसने देगा 😏

और मान लिया कि आपके पास अनाप शनाप 20-30-40 या 50-100 करोड़ ₹ पड़े होंगे लेकिन अपने अहंकार के बीच जाट समाज को क्यों लेकर आ रही हो ..??

जाट बस THAR खरीदने के लिए होते हैं क्या ..?? या THAR खरीदने के लिए बस जाट होना ही काफी होता है ..??

आप के पास पैसे हैं आप 50 की जगह 100 THAR खरीद कर खड़ी कर लो लेकिन इस प्रकरण में जाट जाट मत करो

जाट की पहचान THAR नहीं है , हकीकत में तो हर जाट THAR खरीद भी नहीं सकता , तो पूरे जाट समाज के ठेकेदार मत बना करो और अपनी व्यक्तिगत खीज कुंठा गुस्से या अहंकार के प्रदर्शन के लिए जाति के नाम का सहारा मत पकड़ा करो

आपकी अति कृपा होगी

17/02/2026

भाई अयूब को जन्म से ही आंखों से दिखाई नहीं देता है
लेकिन फिर भी #स्मार्टफोन बहुत अच्छी तरह से चला लेता है गूगल पे फोनपे से पैमेंट बहुत सुरक्षित तरीके से कर लेता है भाई को में सेल्यूट करता हूं। बहुत बढ़िया

क्यूसेक होता क्या है जब भी कहीं बाढ़ आती है या किसी नदी नाले दरिया की बात आती है , तो सबसे पहले हमें एक चीज सुनने को मिल...
07/09/2025

क्यूसेक होता क्या है

जब भी कहीं बाढ़ आती है या किसी नदी नाले दरिया की बात आती है , तो सबसे पहले हमें एक चीज सुनने को मिलती है कि उसमें इतने क्यूसेक पानी छोड़ा गया या उसमें इतनी क्यूसेक पानी बह रहा है फलानी नहर में इतना क्यूसेक पानी हो जाएगा या इतना क्यूसेक दूसरी नहरे में छोड़ा गया है तो हर जगह हमारे को ये शब्द सुनने को मिलता है दोस्तों क्यूसेक शब्द पानी की गति और पानी के प्रवाह को मापने की एक इकाई है जो की नहर हो बैराज या कहीं भी बांध बनाए गए हैं उसमें पानी को मापने की एक महत्वपूर्ण इकाई है।

दोस्तों क्यूसेक होता क्या है आई इसके बारे में जानते हैं
क्यूसेक का मतलब है कि एक फीट लंबा और एक फीट चौड़ा सुराख उसमें से प्रति सेकंड जितना पानी प्रवाह होता है उसको एक क्यूसेक बोला जाता है

क्यूसेक होता है कि 1 फीट लंबा 1 फीट गहरा और 1 फीट चौड़ा यानी कि एक घन फीट एरिया में जितना पानी एक सेकंड में आता है उसको क्यूसेक बोला जाता है और प्रति सेकंड उसमें से जितना पानी गुजरता है तो उसको ही क्यूसेक पानी के रूप में जाना जाता है एक क्यूसेक में तकरीबन तकरीबन 28.317 लीटर पानी आता है तो इस हिसाब से अगर किसी नहर में 10000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है तो उसमें 283170 लीटर पानी प्रति सेकंड जा रहा है अगर 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है तो इसका मतलब है 2831700 लीटर पानी उसमें से प्रति सेकंड बह रहा है

21/08/2025

CPR क्यो जरूरी है , क्यो सभी को सीखनी चाहिए❗️🙏

क्योकि देवदूत बनी UP पुलिस की 112 टीम , सिपाही ने फांसी क़े फंदे से उतार बचा ली युवक की जान❗️

UP क़े ज़िला मेरठ क़े कसेरु बक्सर गांव में प्रेमिका से हुए विवाद क़े बाद 20 वर्ष क़े युवक विशाल ने कमरा बंद कर फांसी लगा ली!
सूचना पर पहुँची UP पुलिस की 112 गाडी पर तैनात सिपाही सिद्दार्थ ने दीवार तोड़कर विशाल को उतारा ,
और साथियों की मदद से CPR दी.. चंद मिनट में सांसे लौट आई!
अब वीडियो वायरल हो रही है❗️

कालू माली की तारीफ़ करना ख़तरनाक है मगर करनी पड़ रही है।असल में किसी भी ज़िंदा आदमी की तारीफ़ नहीं की जा सकती है। किसी न...
30/07/2025

कालू माली की तारीफ़ करना ख़तरनाक है मगर करनी पड़ रही है।

असल में किसी भी ज़िंदा आदमी की तारीफ़ नहीं की जा सकती है। किसी ने कहा है कि प्रतिष्ठा मृत्यु के बाद भी आपका साथ छोड़कर जा सकती है। उनके कहने कि आशय था कि आपके मरने के बाद भी आपकी इज्ज़त जा सकती है। इसलिए इसके लिए अधिक परेशान मत रहिए।

ये दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर कथित प्रेमी के साथ भाग जाने का दौर है। सच को दरकिनार कर बेमानी रिपोर्ट करके पुरस्कृत पत्रकार कहलाने का दौर है। अस्वीकार्य संबंधों से जुड़ी रील्स को खोजकर देखने का दौर है। ये असल में खोखले समाज के पर्दों के उठने का समय है। पार्श्व के प्रकटीकरण का समय है।

ये अब तक छिपा कर रखे सामाजिक ढांचे का अनावृत होना है। हम ऐसे ही हैं का स्वीकरण है।

कल शाम दफ्तर से लौटा तो माँ ने कहा “आज पाड़े में कालू माली आयो। ख़ासी भीड़ हुई। करे के हो आ ठा कोनी”

कालू माली क्या करते हैं ? ये मुझे पता है। मैं उनको अधिक नहीं जानता किंतु पत्रकारिता के प्रति मोह के कारण उस समय से जानता हूँ , जब वे फ़ोटो जर्नलिस्ट थे। उसके बाद पत्रकार और स्वतंत्र पत्रकार होने के सफ़र का थोड़ा बहुत आईडिया है।

वे एक बेहद सरल आदमी हैं। अब तक उनके बारे में ये नहीं सुना कि वे एक ब्लैक मेलर या बिकाऊ पत्रकार है। एक जानकार ने एक दिन हंसते हुए कहा था “कालू माली के यू ट्यूप चैनल पर आपका स्वागत है।” उनका संकेत था कि कालू माली को यूट्यूब बोलना नहीं आता। मेरा मन अच्छा नहीं था , मैंने मूर्खता में या क्रोध को नियंत्रित न कर पाने की अवस्था में कहा। “वे एक संपन्न व्यक्ति हैं। चोरी-चकारी से पैसा नहीं कमाते। वे जितने संपन्न हैं उतना बनने में हमको शायद बहुत समय लग जाएगा। किसी की सादगी या स्थानीयता का उपहास करने से पहले अपने बारे में अवश्य सोचना चाहिए।”

बाड़मेर में कई लाख फ़ॉलोवर वाले बिकाऊ पत्रकार हैं। उनको लोग अच्छे से जानते हैं। कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। बिकाऊ होना भी कोई बुरी बात नहीं है। हम सब पैसा कमाने को ही सबकुछ कर रहे हैं। मैं चाहता हूँ उनकी क़ीमत बढ़ती रहे। आत्मा , संस्कार और सच को बेचकर पैसा कमाते रहें।

कल कालू माली एक ख़बर करने आए थे। हमारे पड़ोसी लुहार की पत्नी को एक तांत्रिक भगा कर ले गया। रोचक ख़बर है। सब ऐसी ही ख़बरें तलाशते हैं। इसमें सुख है। कौन किसके साथ भागा , किसने किसके साथ संबंध बनाए , कौन लाइव पकड़ा गया। क्योंकि हमारी चेतना इतनी ही है। हम सहवास और सम्भोग की इच्छाओं के अधीन हैं। इसलिए ही तो ऐसी ख़बरें और रील्स देखते है। वरना हम ऐसी रील के सामने आते ही उसे रिपोर्ट कर दें।

कालू माली ने ख़बर कवर की। तस्वीरें जुटाई , पीड़ित का बयान रिकॉर्ड किया। एक लोकचाव की खबर बनाकर फेसबुक , इंस्टा आदि पर डाल दी।

अब तक की बात सामान्य है। इसके आगे असामान्य बात होती है। कालू माली ने अपना काम करने के बाद कुछ घरों की दयनीय आर्थिक स्थिति देखते हुए राशन के सम्पूर्ण किट अपनी जेब से दिए। उन्होंने लोगों से पूछा किस किस परिवार को भोजन सामग्री की आवश्यकता है बताना। मैं उनके लिए भी राशन के पूरे किट भेंट करना चाहता हूँ।

कालू माली की इस अप्रोच के बारे में मुझे आज शाम खाना खाते समय माँ ने बताया है। माँ झूठ नहीं बोलती है। माँ को किसी कालू- लालू से लेना देना नहीं है। उनके लिए जो अच्छा करता है , वह भला है।

कालू माली को प्रेम पहुँ

09/07/2025

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