09/07/2025
*अपीलीय अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में मुख्यालय स्तर से हो रहे हस्तक्षेप के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर*
इलाहाबाद,
अपीलीय अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में मुख्यालय स्तर से हो रहे हस्तक्षेप और संलग्न पत्र के माध्यम से प्रथम अपील अधिकारियों में भय उत्पन्न किए जाने के गंभीर मुद्दे को उठाते हुए, *श्री अनिमेष मित्तल जी (गाजियाबाद)* द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) संख्या WRIT-PUBLIC INTREST LITIGATION (WPIL)-(1740/2025) उच्च न्यायालय के *अधिवक्ता श्री विशेष राजवंशी जी* के माध्यम से दायर की गई है। इस हस्तक्षेप का प्रतिकूल असर वादकारियों और न्याय व्यवस्था पर पड़ रहा है।
याचिका का उद्देश्य न्याय के अबाधित प्रवाह को सुनिश्चित करना और न्याय को अवरुद्ध करने के प्रयासों पर रोक लगाना है, जैसा कि संलग्न पत्र में परिलक्षित होता है।
श्री अनिमेष मित्तल ने उम्मीद जताई है कि माननीय उच्च न्यायालय इस महत्वपूर्ण मामले पर संज्ञान लेगा और शीघ्र ही इस जनहित याचिका में सफलता प्राप्त होगी, जिससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनी रहे।
पृष्ठभूमि:
हाल के दिनों में, यह देखा गया है कि मुख्यालय स्तर से अपीलीय अधिकारियों के कामकाज में अनावश्यक हस्तक्षेप बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप, प्रथम अपील अधिकारियों में भय का माहौल है, जो उनके स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति से वादकारियों को भी न्याय मिलने में बाधा आ रही है।
यह जनहित याचिका न्याय प्रणाली की शुचिता और पारदर्शिता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।