22/11/2025
“साथियों,
मै गर्व से कहता हूँ कि मैं इलेक्शन को पूरी ईमानदारी से कंटेस्ट करूंगा और अपने सभी अधिवक्ता भाईयों का अपने दिल से सम्मान और मदद करूंगा।
यह चुनाव उन युवा अधिवक्ता का है जो बदलाव चाहते हैं।
यह चुनाव उन अधिवक्ता भाईयों का है जो अपने भविष्य इस पेशे में बुनना चाहते है। और आगे जाना चाहते है।
सच्चाई यह है कि वर्षों से बार काउंसिल में वही पुरानी मानसिकता, वही पुरानी राजनीति और वही सीमित वर्ग का प्रभुत्व चलता आया है। जिसकी वजह से अधिवक्ता भाईयों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए मैं अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल की भी मांग करूंगा। अगर सभी अधिवक्ता भाई सहयोग करेंगे तो अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल को भी लाया जाएगा।
जब तक बदलाव नहीं आता, जब तक नई सोच, नई ऊर्जा और नए नेतृत्व को जगह नहीं मिलती—तब तक कोई वास्तविक सुधार संभव नहीं है। इसीलिए कोई अधिवक्ता अपना सुझाव नहीं दे पता है।
आज का यह चुनाव सिर्फ नाम और पद का नहीं है—यह चुनाव हमारी सोच, हमारी पहचान और हमारे पेशे की गरिमा का चुनाव है।
कौन कहता है कि चुनाव सिर्फ कुछ चेहरे, कुछ गुट या कुछ तथाकथित प्रभावशाली लोगों के दम पर चलते हैं? नहीं!
आज समय है कि हम इस पुराने ढांचे को तोड़ें।
समय है कि हम अपने अधिकारों, अपने सम्मान और अपने पेशे के भविष्य के लिए खड़े हों।
और यह बदलाव तभी आएगा जब आप सब—हम सब—एक साथ मिलकर नए चेहरे को मौका दें जो एक युवा एवं माननीय सीनियर अधिवक्ता के वेलफेयर के लिए सक्षम प्रयास कर सके।
मैं आप सभी से अपील करता हूँ:
बदलाव आपके एक वोट से शुरू होता है।
अगर आप बदलाव चाहते हैं, पारदर्शिता चाहते हैं, जवाबदेही चाहते हैं—
तो आइए, मिलकर दिल्ली बार काउंसिल को नई दिशा दें।
नई सोच, नए नेतृत्व और नए युग की शुरुआत करें।
धन्यवाद।”
*आपका भाई मनीष यादव*