Adv.Latif Khan Mehar

Adv.Latif Khan Mehar advocate
Rajasthan High Court
Jodhpur

✍️Education is The Most Powerful Weapon.. Which You Can Use To Change The World !!
14/02/2024

✍️Education is The Most Powerful Weapon..
Which You Can Use To Change The World !!

13/12/2023

बीजेपी और मुख्यमंत्री
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बीजेपी ने तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री घोषित कर दिये है । सब चौंकाने वाले नाम! किसी दृष्टि से नहीं लगता यह चुने गये है । सब के सब थोपें गये है। ठीक वैसे ही जैसे कभी गहलोत जी ने जिले फैंके थे [ अंधेरी रात में दीया तेरे हाथ में ] विधायक दल की बैठक केवल औपचारिकता भर है । सब कुछ केंद्र में बैठे दो लोगों के हाथ में हैं । मोदीजी नहीं चाहते कोई सशक्त मुख्यमंत्री बने। उन्हें हर राज्य में रिमोट कंट्रोल मुख्यमंत्री चाहिए जो उनके इशारों पर नाचे जैसे नट के इशारे पर कठपुतली। इतने ही लोकप्रिय यह थे फिर चुनावों से पहले नाम घोषित कर देते । हो जाते दो-दो हाथ । बीजेपी 50 के अंदर सिमटती । अब आपने कमल का फूल देकर भेज दिया। फिर लोकसभा के चुनाव में आप टोकलजी क्यों होते हो। वहां भी कमल के फूल पर लड़ना ।

अब आपका लोकतंत्र कहां है ? कांग्रेस को हर बार लोकतंत्र की दुहाई देने वालों , आपने राज्यों की क्या हालात बना रखी है ? आज मुख्यमंत्री की हैसियत राज्यपाल से ज्यादा नहीं बची । फिर आप ही बन जाओ ना हर राज्य के मुख्यमंत्री भी ... प्रधानमंत्री भी ... राष्ट्रपति भी .....! दैण मिटे ........

[ और हां! आपके मुख्यमंत्री के नाम भी लोगों ने पहली बार सुने हैं 😁]

05/12/2023

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष श्री सुखदेव सिंह जी गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या की सूचना बहुत दुखद है।
इस घटना की जितनी निंदा की जाये उतना ही कम है।
ईश्वर दिवंगत पुण्य आत्मा को अपनी श्री चरणों में स्थान प्रदान करें ….

01/11/2023

अंग्रेज़ों ने जब मुल्क में नई नई ट्रेन चलाई तो एक पीर साहब रोज़ाना ट्रेन देखने चले जाते,* उनके मुरीदों ने एक दिन पुछ ही लिया आप रोज़ाना ट्रेन देखने क्यों चले आते हैं ?

पीर साहब ने जवाब में कहा *मुझे इस ट्रेन के इंजन से मोहब्बत हो गई है !
मुरीदों नें पुछा क्यों मोहब्बत हो गई है ?
जवाब में कहा इसकी कुछ वजह है;
पहली वजह है ट्रेन का इंजन *अपनी मंज़िल तक पहुँच कर ही रुकता है.
दूसरी वजह है, ये अपने हर डिब्बे को साथ लेकर चलता है.
तीसरी वजह है, ये आग ख़ुद खाता है;* डिब्बों को खाने नहीं देता.
चौथी वजह है, ये अपने तय शुदा रास्ते से नहीं भटकता और
पाँचवी वजह है, ये डिब्बो का मोहताज नहीं होता।

बक़ी क़ौम के लीडर को भी ट्रेन के इंजन जैसा होना चाहिए.....अंग्रेज़ों ने जब मुल्क में नई नई ट्रेन चलाई तो एक पीर साहब रोज़ाना ट्रेन देखने चले जाते,* उनके मुरीदों ने एक दिन पुछ ही लिया आप रोज़ाना ट्रेन देखने क्यों चले आते हैं ?

पीर साहब ने जवाब में कहा *मुझे इस ट्रेन के इंजन से मोहब्बत हो गई है !
मुरीदों नें पुछा क्यों मोहब्बत हो गई है ?
जवाब में कहा इसकी कुछ वजह है;
पहली वजह है ट्रेन का इंजन *अपनी मंज़िल तक पहुँच कर ही रुकता है.
दूसरी वजह है, ये अपने हर डिब्बे को साथ लेकर चलता है.
तीसरी वजह है, ये आग ख़ुद खाता है;* डिब्बों को खाने नहीं देता.
चौथी वजह है, ये अपने तय शुदा रास्ते से नहीं भटकता और
पाँचवी वजह है, ये डिब्बो का मोहताज नहीं होता।

बक़ी क़ौम के लीडर को भी ट्रेन के इंजन जैसा होना चाहिए.....

जयपुर एक्सप्रेस के आतंकी चेतन सिंह को रेल्वे पुलिस ने चार्जशीट में पूरी तरह स्वस्थ बताया है। अब सवाल यह है की मासूम मुसल...
24/10/2023

जयपुर एक्सप्रेस के आतंकी चेतन सिंह को रेल्वे पुलिस ने चार्जशीट में पूरी तरह स्वस्थ बताया है। अब सवाल यह है की मासूम मुसलमानों को गोलियों से भुनने के बाद जिन जिन मीडिया चैनलों ने चेतन सिंह को मानसिक रोगी बताया था, क्या उनके खिलाफ कार्रवाई होगी?

चेतन सिंह ने नरसंहार में जिनका नाम लिया था, क्या वो देश में मुसलमानों के प्रति हेट स्पीच द्वारा फैलाई गई नफरत का नतीजा नहीं था??

क्या केंद्र सरकार अभ भी के खिलाफ कानून बनाने की आवश्यकता नहीं समझती?


23/10/2023

एक कलेक्टर साहब थे।

कभी किसी ब्लॉक में जाते, तो सौ लोगो को इकट्ठा करके बोलते, यहां का बीडीओ चोर है। कभी किसी थाना क्षेत्र में जाते, तो कहते फिरते- यहां का थानेदार रिश्वतखोर है।

किसी जगह गिरदावरी देखने जाते तो बताते,- यहां का पटवारी रात को मुंह पर कपड़ा लपेटकर डकैती डालता है।

एक बार किसी चक्का जाम में फंस गए, तो ट्रैफिक हवलदार से बोले-अपने एसपी को शुक्रिया कहना कि मैं जान बचाकर आ गया।

जाहिर है, वो बता रहे थे कि उनके एसपी का लॉ एंड ऑर्डर इतना बिगड़ चुका है, कि जिले का कलेक्टर भी जान बचाकर भाग आया है।
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जनता यह समझ नही पाती थी, की बीडीओ चोर है, कलेक्टर को पता भी है, तो वो पदवी पर क्यो है। थानेदार रिश्वतखोर है जेल में क्यों नही? पटवारी के डकैत होने की पुख्ता जानकारी है, तो वो मजे से नौकरी में क्यों है??

दरअसल कलेक्टर यूपीएससी पास नही था। वो इलेक्टेड था। घूम घूमकर लोगो पर झूठमूठ इल्जाम लगाकर ही चुनाव जीता था। यही शोर मचाना उसकी योग्यता थी, विशेषज्ञता थी।

जिस योग्यता से पद मिला था, उस योग्यता को तराशकर अपनी कलेक्ट्री लम्बी करना चाहता था। उसे डर था कि कोई एसडीएम, पटवारी, थानेदार प्रमोट होकर उसके लिए खतरा न बन जाये।
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एडमिनिस्ट्रटर और पॉलिटिशियन में फर्क होता है। पॉलिटिशियन जब जो चाहे बोले, जनता जानती है कि यह पॉलिटिक्स है।

मगर एडमनिस्ट्रेटिव अफसर किसी को भी यूँ ही चोर, डकैत, अपराधी या अक्षम नही कह सकता।

जब कोई पॉलीटिशियन, एडमिनिस्ट्रेटिव कैपेसिटी में आ जाये, तो इस अंतर की कद्र करनी चाहिए।

क्योकि अगर क्राइम की उसे पुख्ता जानकारी है, अपराधी की पक्की पहचान है, तो एक्शन लेना उसकी ही जिम्मेदारी है। नही लिया तो वह स्वयं अक्षम है।
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तो कहानी का मतलब यह कि कलेक्टर महोदय घूम घूमकर रोज, अधीनस्थों को नही गरियाते थे। बल्कि आम जनता को अपनी अक्षमता, बेकारपन, और निहायत यूजलेस कलेक्टर होने के सबूत बताया क्ररते थे।

और जनता भी चूकादे थी। सुनकर ताली बजाती थी। उसके दुख से दुखी होकर दोबारा कलेक्टर भी बनाती थी।
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कलेक्टर साहेब को आपके परम उल्लू होने का इतना भरोसा है कि अपनी टेक्निक भी नही बदलता। जिस टेक्निक से दो बार आपको उल्लू बना चुका, उसी टेक्निक से तीसरी बार उल्लू बनाने का पूरा भरोसा है। कहता है..

"बनोगे तो उल्लू ही"

तो वो अफसर जल्दी ही फिर आपके पास वाले तहसील ऑफिस में आएगा। फिर से तहसीलदार को चोर बतायेगा।

अपनी अक्षमता, निष्फल प्रशासन का एक और उदाहरण गिनायेगा।

और आप, ताली बजाकर उसे फ़िर कलेक्टरी देने पर विचार करेंगे।

#मेहर

_ज़ुल्म के खिलाफ खड़े हों ज़ालिम के साथ नहीं:-पाकिस्तान में अपने धर्म के किसी एक व्यक्ति के ऊपर होने वाले अत्याचार की झू...
10/10/2023

_ज़ुल्म के खिलाफ खड़े हों ज़ालिम के साथ नहीं:-

पाकिस्तान में अपने धर्म के किसी एक व्यक्ति के ऊपर होने वाले अत्याचार की झूठी सच्ची खबरों पर बिलबिला जाने वाला समाज आज पूछ रहा है कि फिलिस्तीन के मामले से आपको क्या मतलब ? आपको अपने धर्म से अधिक मतलब है अपने देश से नहीं , आप धार्मिक कट्टर है , इत्यादि इत्यादि।

हद है , फिलिस्तीन का मामला धर्म का कम ज़ुल्म और नाइंसाफी का अधिक है, मसला एक समुदाय पर परोपकार किए एक देश का उसी समुदाय से ठगे जाने का है , लूट लिए जाने का है।

और वहां के लोग इसीलिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं ‌।

महाभारत में पांडवों ने अपने हक के लिए कौरवों की छीनी ज़मीन के लिए ही लड़ाई लड़ी थी उनको यही लोग "धर्म युद्ध" के नाम पर पूजते हैं मगर फिलिस्तीनी की अपनी ज़मीन को पाने के हक की ऐसी ही लड़ाई को वह आतंकी कार्रवाई कहते हैं।

धोखे से सीता का अपहरण करने वाले रावण को हर साल यही लोग जलाते हैं और सीता को पुनः प्राप्त करने वाले राम की जयकारे लगाते हैं मगर उसी तरह धोखा खाए फिलिस्तीनी जब अपने हक के लिए लड़ते हैं तो यही लोग उन्हें आतंकवादी कहते हैं।

कहने का अर्थ यह है कि मुस्लिम विरोध के नाम पर यह अपने धर्म के मूल सिद्धांत से भी उलट चाल चल जाते हैं।

आईए आपको भीख मांग कर फिलिस्तीन में बसे इज़राइलियों की करतूतों को दिखाते हैं।

इजराइल ने 2008 में 3,202 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इजराइल ने 2009 में 7,460 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इजराइल ने 2010‌ में 1659 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2011 में 2260 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2012 में 4936 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2013 में 4301 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2014 में 19860 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2015 में 14813 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2016 में 3572 की फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2017 में 8526 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2018 में 31558 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2019 में 15628 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

इज़राइल ने 2020 में 2781 फिलिस्तीनियों की हत्या की।

कुल आंकड़ा है 120556

फिलीस्तीन की गाजा पट्टी की आबादी 22 लाख की है जिसमें 50% बच्चे हैं जो ज़्यादातर अनाथ हैं।

50% गरीबी, भुखमरी के शिकार 90% को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं।

यह दिया है इजराइल ने उन फीलीस्तीनियों को जिन्होंने हिटलर की मार से बचाने के लिए उन्हें अपने घर में पनाह दी थी। फिर यही इज़राइली उनके देश में जबरन घुसकर फिलिस्तीन की सारी ज़मीन अमेरिका की मदद से कब्जा करते चले गए ।

अपने धर्म के मूल सिद्धांत को पहचानिए, मुस्लिम विरोध में अंधे मत बनिए। निंदा करना है तो अत्याचार का करिए नहीं तो आपको रावण और दुर्योधन की निंदा करने का कोई हक नहीं।

इज़राइल के साथ खड़े होने से पहले बिल्ली के रास्ता काटने पर रास्ता ना बदलने की हिम्मत पैदा करिए फिर I stand with Israel का हैसटैग चलाईए।

Post.cc
🇯🇴

#อิสราเอล

$Hamas
$Gaza

दुनिया तुम्हें कहेंगी तुम काबिल नहीं हों,,तुम मुस्कुरा कर कहना वक़्त बताएगा !!
08/09/2023

दुनिया तुम्हें कहेंगी तुम काबिल नहीं हों,,
तुम मुस्कुरा कर कहना वक़्त बताएगा !!

सुनो अजगर ने किंग कोबरा का दम घोंट दिया जबकि किंग कोबरा ने उसे काट लिया।  दोनों सांप मर गए, एक दम घुटने से और दूसरा जहर ...
18/07/2023

सुनो
अजगर ने किंग कोबरा का दम घोंट दिया जबकि किंग कोबरा ने उसे काट लिया। दोनों सांप मर गए, एक दम घुटने से और दूसरा जहर से।

और इसी तरह लोग एक दूसरे को नष्ट कर रहे हैं। मित्रताएँ ख़त्म होती जा रही, रिश्ते ख़त्म हो रहे और परिवार ख़ुद को ख़त्म कर रहा हैं, क्योंकि एक हमेशा दूसरे से बेहतर बनना चाहता है।

कुछ लोग अपनी श्रेष्ठता( #जो_कि_भ्रम_है_उसका) के अहंकार से लोगों को "गला घोंट" देते हैं, जबकि अन्य लोग गपशप, ईर्ष्या और धोखे से जहर घोलते हैं, जब तक कि वे एक-दूसरे को नष्ट नहीं कर देते।

गुजारिश है कि जीवन में हमेशा प्यार मोहब्बत भाईचारा, करुणा, निष्ठा और ईमानदारी को चुनें, जब तक इनके विपरीत पक्षो से काम चल जाये।

इस फोटो से हमें सीख मिलती है कि हम इंसान हैं इंसान ही रहें, सांप ना बनें
Latif Khan Mehar

06/06/2023

ये कहानी आपको झकझोर देगी 2 मिनट में एक अच्छी सीख अवश्य पढ़ें..

एक बार एक #हंस और #हंसिनी हरिद्वार के सुरम्य वातावरण से भटकते हुए, उजड़े वीरान और रेगिस्तान के इलाके में आ गये!

हंसिनी ने हंस को कहा कि ये किस उजड़े इलाके में आ गये हैं ??

यहाँ न तो जल है, न जंगल और न ही ठंडी हवाएं हैं यहाँ तो हमारा जीना मुश्किल हो जायेगा !

भटकते-भटकते शाम हो गयी तो हंस ने हंसिनी से कहा कि किसी तरह आज की रात बीता लो, सुबह हम लोग हरिद्वार लौट चलेंगे !

रात हुई तो जिस पेड़ के नीचे हंस और हंसिनी रुके थे, उस पर एक उल्लू बैठा था।

वह जोर से चिल्लाने लगा।

हंसिनी ने हंस से कहा- अरे यहाँ तो रात में सो भी नहीं सकते।

ये उल्लू चिल्ला रहा है।

हंस ने फिर हंसिनी को समझाया कि किसी तरह रात काट लो, मुझे अब समझ में आ गया है कि ये इलाका वीरान क्यूँ है ??

ऐसे उल्लू जिस इलाके में रहेंगे वो तो वीरान और उजड़ा रहेगा ही।

पेड़ पर बैठा उल्लू दोनों की बातें सुन रहा था।

सुबह हुई, उल्लू नीचे आया और उसने कहा कि हंस भाई, मेरी वजह से आपको रात में तकलीफ हुई, मुझे माफ़ करदो।

हंस ने कहा- कोई बात नही भैया, आपका धन्यवाद!

यह कहकर जैसे ही हंस अपनी हंसिनी को लेकर आगे बढ़ा

पीछे से उल्लू चिल्लाया, अरे हंस मेरी पत्नी को लेकर कहाँ जा रहे हो।

हंस चौंका- उसने कहा, आपकी पत्नी ??

अरे भाई, यह हंसिनी है, मेरी पत्नी है,मेरे साथ आई थी, मेरे साथ जा रही है!

उल्लू ने कहा- खामोश रहो, ये मेरी पत्नी है।

दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। पूरे इलाके के लोग एकत्र हो गये।

कई गावों की जनता बैठी। पंचायत बुलाई गयी।

पंचलोग भी आ गये!

बोले- भाई किस बात का विवाद है ??

लोगों ने बताया कि उल्लू कह रहा है कि हंसिनी उसकी पत्नी है और हंस कह रहा है कि हंसिनी उसकी पत्नी है!

लम्बी बैठक और पंचायत के बाद पंच लोग किनारे हो गये और कहा कि भाई बात तो यह सही है कि हंसिनी हंस की ही पत्नी है, लेकिन ये हंस और हंसिनी तो अभी थोड़ी देर में इस गाँव से चले जायेंगे।

हमारे बीच में तो उल्लू को ही रहना है।

इसलिए फैसला उल्लू के ही हक़ में ही सुनाना चाहिए!

फिर पंचों ने अपना फैसला सुनाया और कहा कि सारे तथ्यों और सबूतों की जाँच करने के बाद यह पंचायत इस नतीजे पर पहुंची है कि हंसिनी उल्लू की ही पत्नी है और हंस को तत्काल गाँव छोड़ने का हुक्म दिया जाता है!

यह सुनते ही हंस हैरान हो गया और रोने, चीखने और चिल्लाने लगा कि पंचायत ने गलत फैसला सुनाया।

उल्लू ने मेरी पत्नी ले ली!

रोते- चीखते जब वह आगे बढ़ने लगा तो उल्लू ने आवाज लगाई - ऐ मित्र हंस, रुको!

हंस ने रोते हुए कहा कि भैया, अब क्या करोगे ??

पत्नी तो तुमने ले ही ली, अब जान भी लोगे ?

उल्लू ने कहा- नहीं मित्र, ये हंसिनी आपकी पत्नी थी, है और रहेगी!

लेकिन कल रात जब मैं चिल्ला रहा था तो आपने अपनी पत्नी से कहा था कि यह इलाका उजड़ा और वीरान इसलिए है क्योंकि यहाँ उल्लू रहता है!

मित्र, ये इलाका उजड़ा और वीरान इसलिए नहीं है कि यहाँ उल्लू रहता है।

यह इलाका उजड़ा और वीरान इसलिए है क्योंकि यहाँ पर ऐसे पंच रहते हैं जो उल्लुओं के हक़ में फैसला सुनाते हैं!

शायद इतने साल की आजादी के बाद भी हमारे देश की दुर्दशा का मूल कारण यही है कि हमने उम्मीदवार की योग्यता न देखते हुए, हमेशा ये हमारी जाति का है. ये हमारी पार्टी का है के आधार पर अपना फैसला उल्लुओं के ही पक्ष में सुनाया है, देश क़ी बदहाली और दुर्दशा के लिए कहीं न कहीं हम भी जिम्मेदार हैँ!

🙏

यह तस्वीर तो याद होगा आप सबको इसे नाम दिया गया था "The vulture and the little girl" इस तस्वीर में एक गिद्ध भूख से मर रही...
04/06/2023

यह तस्वीर तो याद होगा आप सबको इसे नाम दिया गया था "The vulture and the little girl" इस तस्वीर में एक गिद्ध भूख से मर रही एक छोटी लड़की के मरने का इंतज़ार कर रहा था इसे एक साउथ अफ्रीकन फोटो जर्नलिस्ट केविन कार्टर ने 1993 में सूडान के अकाल के समय खींचा था और इसके लिए उन्हें पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था लेकिन कार्टर इस सम्मान का आनंद कुछ ही दिन उठा पाए क्योंकि कुछ महीनों बाद 33 वर्ष की आयु में उन्होंने अवसाद से आत्महत्या कर लिया था। क्या हुआ? दरअसल जब वे इस सम्मान का जश्न मना रहे थे तो सारी दुनिया में प्रमुख चैनल और नेटवर्क पर इसकी चर्चा हो रही थी उनका अवसाद तब शुरू हुआ जब एक 'फोन इंटरव्यू' के दौरान किसी ने पूछा कि उस लड़की का क्या हुआ? कार्टर ने कहा कि वह देखने के लिए रुके नहीं क्यों कि उन्हें फ्लाइट पकड़नी थी इस पर उस व्यक्ति ने कहा, "मैं आपको बता रहा हूँ कि उस दिन वहां दो गिद्ध थे जिसमें एक के हाथ में कैमरा था"

इस कथन के भाव ने कार्टर को इतना विचलित कर दिया कि वे अवसाद में चले गये और अंत में आत्महत्या कर ली। कार्टर आज जीवित होते अगर वे उस बच्ची को उठा कर यूनाईटेड नेशन्स के कुपोषण सेन्टर तक पहुँचा देते जहाँ पहुँचने पर उसे जीवन दान मिल जाता। अतः किसी भी प्रोफेशन में आप कुछ भी पोज़िशन प्राप्त कर लें लेकिन आप मे मानवता नही तो सब कुछ व्यर्थ है आप में मानव है तो मानव होने का परिचय दें।🙏

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