03/05/2020
माननीय सीजेआई, सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट, बिहार ध्यान दें
भारत में स्तिथि दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है क्योंकि किराए के घर, मेडिकल इत्यादि का अतिरिक्त बोझ है, जबकि आय सीमित। वैसे हम अधिवक्ता दावा नही कर सकते कि वित्तीय सहायता हमारा मौलिक अधिकार है। लेकिन हम इस बात पर जरूर आपका ध्यान कराना चाहेंगे कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से काम नही हो पा रहा है क्योंकि कभी पीपी साहब तो कभी अधिवक्ता तो कभी जजों के नेट कनेक्शन कार्य नही करते। या तो वीसी को कम्पलीट बंद कर दे। जजों को भी घर पर चैन से रहने दे। जजों पर यह नियम नही लागू हो कि काम नही तो वेतन नही।
या फिर आपलोग मंथन करें कि महीने के 25 दिनों में कौन कौन सा केस की सुनवाई सप्ताह में किस किस दिन सुनिश्चित हो जिससे जजों के साथ साथ वकीलों व जनता का भला हो।