24/10/2023
जब एक ही मुख वाला व्यक्ति रज,तम के प्रभाव व सत्त्व के अभाव में, दस तरह ही बातें करने लगता है, सन्निपात जैसे स्थिति में होता है तो वह दशानन हो जाता है।
ऐसे व्यक्ति का अगर कोई उद्धार कर सकता है तो वह स्व सत्ता में प्रतिष्ठित व सत्त्व से सम्पन्न कोई महापुरुष ही कर सकता है।
चाहे वो बाह्य स्तर से हो या आन्तरिक स्तर पर।
आप सभी प्रिय मित्रों बंधु बांधवों को दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ॥