SGC Associates

SGC Associates Lawyer & Law Firm

13/08/2023
10/05/2023

मेरठ का प्राचीन नाम मयराष्ट्र हुआ करता था जो धीरे-धीरे अपभ्रंश होकर मेरठ के नाम से जाने जाना लगा प्राचीन मेरठ शहर 9 दरवाजों के अंदर बंद था जिसकी सीमा घंटाघर यानी के 1 कंम्बो गेट होते हुए 2 खैर नगर गेट 3 बुढ़ाना गेट 4 शहपीर गेट 5 सोहराब गेट 6 जाटव गेट 7 लिसाड़ी गेट 8 बागपत गेट 9 दिल्ली गेट होते हुए फिर घंटाघर यानी कंबो गेट पर समाप्त होती थी गेट के अंदर 8 चीज और थी नंबर 2 वाडे जैसे वैद्य वाड़ा जत्ती वाडा नंबर 3 पाढे जैसे बनिया पाड़ा डालम पाडा नंबर 4 कुएं जैसे वीरू कुआं चौड़ा कुआं फूटा कुआं नंबर 5 चौक शुक्ला का चौक नंदराम का चौक नंबर 6 महल जैसे शीश महल नंबर 7 बाजार जैसे लाला का बाजार सर्राफा बाजार वैली बाजार बजाजा बाजार सुभाष बाजार नंबर 8 सराय जैसे लाल दास की सराय सराय बेहलीम आदि इस प्रकार प्राचीन मेरठ शहर 9 × 9 =81 व्यवस्थाओं से बना था
10 मई 1857 आज ही के दिन इसी क्रांति धारा से आज़ादी की जोत प्रव्जलित हुई जो सारे भारत में प्रचंड मसाल के रूप में फैली जिसका वास्तविक रूप हम सबके सामने आज़ादी स्वरूप प्राप्त हुआ

28/08/2022

**संपूर्ण भारत वर्ष में कथावाचक के रूप में ख्याति अर्जित कर चुके #डोंगरेजी महाराज**
एकमात्र ऐसे कथावाचक थे जो दान का रूपया अपने पास नही रखते थे और न ही लेते थे।
जिस जगह कथा होती थी लाखों रुपये उसी नगर के किसी सामाजिक कार्य,धर्म व्यवस्था, जनसेवा के लिए दान कर दिया करते थे। उनके अन्तिम प्रवचन में गोरखपुर में कैंसर अस्पताल के लिये एक करोड़ रुपये उनके चौपाटी पर जमा हुए थे।

उनकी पत्नी आबू में रहती थीं। पत्नी की मृत्यु के पांचवें दिन उन्हें खबर लगी । बाद में वे अस्थियां लेकर गोदावरी में विसर्जित करने मुम्बई के सबसे बड़े धनाढ्य व्यक्ति रति भाई पटेल के साथ गये।
नासिक में डोंगरेजी ने रतिभाई से कहा कि रति हमारे पास तो कुछ है ही नही, और इनका अस्थि विसर्जन करना है। कुछ तो लगेगा ही क्या करें ?
फिर खुद ही बोले - "ऐसा करो कि इसका जो मंगलसूत्र एवं कर्णफूल हैं, इन्हे बेचकर जो रूपये मिले उन्हें अस्थि विसर्जन में लगा देते हैं।"

इस बात को अपने लोगों को बताते हुए कई बार रोते - रोते रति भाई ने कहा कि "जिस समय यह सुना हम जीवित कैसे रह गये, बस हमारा हार्ट फैल नही हुआ।"
हम आपसे कह नहीं सकते, कि हमारा क्या हाल था। जिन महाराजश्री के मात्र संकेत पर लोग कुछ भी करने को तैयार रहते हैं, वह महापुरूष कह रहे हैं कि पत्नी के अस्थि विसर्जन के लिये पैसे नही हैं और हम खड़े-खड़े सुन रहे थे ? फूट-फूट कर रोने के अलावा एक भी शब्द मुहँ से नही निकल रहा था।

ऐसे वैराग्यवान और तपस्वी संत-महात्माओं के बल पर ही सनातन धर्म की प्रतिष्ठा बनी है।

**और आजकल कुछ महान विभूति कहते है की कथा वाचक समय बर्बाद और वेवकूफ बना रहें हैं**






07/07/2022

The Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) has issued a clarification on the applicability of GST demand and penalty for transactions involving fake invoices.A number of cases have...

04/06/2022
20/05/2022

The Central Board of Indirect Taxes And Customs (CBIC) has extended the due date for filing GST PMT-06 for the month of April, 2022, till May 24, 2022, owing to a technical glitch.The due date for...

18/05/2022

The Calcutta High Court on Wednesday observed that if the prosecution has failed to prove

18/05/2022

In its judgment upholding constitutionality of Section 3 of the National Green Tribunal Act 2010, the Supreme Court also observed that the seat of the NGT benches can be located as per exigencies...

23/04/2022

The NCLAT Chennai Bench comprising of Justice M Venugopal and Mr. Kanti Narahari in the case of Genus Security and Allied Service versus Mr. Shivadutt Bannanje & Anr. held Nil payment to ...

09/04/2021

Legal Counseling,
Advisory services offered
RERA, DRT, banking, family Law, registration certificate firm society etc
Marriage certificate
Trademark registration
Etc

09/04/2021

Legal Counseling,
Advisory services offered

Address

3rd Floor, S. M Kuteer, 92 Civil Lines
Meerut City
250002

Opening Hours

Monday 9am - 7pm
Tuesday 9am - 7pm
Wednesday 9am - 7pm
Thursday 9am - 7pm
Friday 9am - 7pm
Saturday 9am - 7pm

Telephone

+919729179555

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when SGC Associates posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to SGC Associates:

Share