Advocate Hemant Dubey

Advocate Hemant Dubey अधिवक्ता | उच्च न्यायालय, लखनऊ �
सिविल • आपराधिक • राजस्व मामले
कानूनी जानकारी व मार्गदर्शन

STAGES OF CRIMINAL TRIAL
06/07/2026

STAGES OF CRIMINAL TRIAL

06/07/2026
दूसरी शादी में रह रही महिला को भरण-पोषण का हक" — दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसलादिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में...
03/07/2026

दूसरी शादी में रह रही महिला को भरण-पोषण का हक" — दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पहली शादी से औपचारिक तलाक का डिक्री न होने के बावजूद, दूसरी शादी में रह रही महिला को भरण-पोषण पाने का अधिकार मिल सकता है।

न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 में "पत्नी" शब्द की व्याख्या सामाजिक न्याय के उद्देश्य को ध्यान में रखकर उदार तरीके से की जानी चाहिए। यह मामला एक पति की याचिका से जुड़ा है, जिसने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। फैमिली कोर्ट ने पति को हर महीने तीन हजार रुपये भरण-पोषण देने का निर्देश दिया था।

पति का तर्क था कि महिला कानूनी रूप से उसकी पत्नी नहीं है, क्योंकि उसने अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाई और पहले पति से तलाक लिए बिना ही दूसरी शादी कर ली। वहीं महिला की ओर से कहा गया कि वह अपने पहले पति के साथ सिर्फ एक महीने रही थी, उसके बाद करीब 12 साल तक कोई संपर्क नहीं था, और मौजूदा पति को शादी के समय इन सभी तथ्यों की पूरी जानकारी थी।

हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए पति की याचिका खारिज कर दी और फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा।

जब पूरा लखनऊ ही अवैध है तो रजिस्ट्री पर पूरी तरह से रोक क्यों नहीं लगाई जाती है। जिस जमीन का नक्शा पास हो उसी की रजिस्ट्...
01/07/2026

जब पूरा लखनऊ ही अवैध है तो रजिस्ट्री पर पूरी तरह से रोक क्यों नहीं लगाई जाती है। जिस जमीन का नक्शा पास हो उसी की रजिस्ट्री होनी चाहिए। लेकिन सरकार यह काम नहीं करेगी क्योंकि रजिस्ट्री से सरकार को राजस्व प्राप्त होता है। सरकार अपना नुकसान नहीं करेगी जनता का चाहे जितना नुकसान हो जाए सरकार को उससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। नई-नई बिल्डिंगे बनती जा रही है। और उनका नक्शा नहीं पास है। कुछ लोगों पर कार्रवाई होती है। कुछ लोगों पर नहीं होती है। क्या...? नक्शे का डर दिखाकर एल.डी.ए के कर्मचारियों द्वारा जनता से अवैध वसूली की जा रही है। क्या..? जो पैसा देता है उसका काम चालू रहता है और जो पैसा नहीं देता है उसके ऊपर मुकदमा कर दिया जाता है उसकी बिल्डिंग सील कर दी जाती है। क्या..? जनता अपनी दुकान मकान और बिल्डिंगों को बचाने के लिए अपनी आवाज नहीं उठा पा रही है।
अगर सरकार की इसमें मिली भगत नहीं है तो सरकार को चाहिए कि जो मकान जैसे बन गए हैं उनको छोड़कर अब जो नए मकान बन रहे हैं उन पर शक्ति से कार्रवाई की जाए और बिना नक्शा पास कराये ना ही उनको बनने दिया जाए और ना ही उनकी रजिस्ट्री हो। सक्षम अधिकारियों से मेरा निवेदन है कि इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देने की कृपा करें। ताकि लोगों को हो रही है सुविधा से निजात मिल सके।
।।नीचे कोई देखे या ना देखे लेकिन ऊपर वाला सब देख रहा है।।

क्या पुलिसकर्मियों के महंगे आईफोन (iPhone) और कारों की जानकारी उनके विभाग को है? ​आजकल हम अक्सर देखते हैं कि कई पुलिसकर्...
01/07/2026

क्या पुलिसकर्मियों के महंगे आईफोन (iPhone) और कारों की जानकारी उनके विभाग को है?
​आजकल हम अक्सर देखते हैं कि कई पुलिसकर्मी महंगे स्मार्टफोन (जैसे- iPhone) और बड़ी-बड़ी कारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन क्या यह सब नियमानुसार हो रहा है?
​उत्तर प्रदेश पुलिस रेगुलेशन (आचरण नियमावली 1956) के नियम 24(2) के अनुसार नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं:
यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या पुलिसकर्मी अपने एक महीने के वेतन या 1,000 रुपये (जो भी कम हो) से अधिक मूल्य की कोई चल संपत्ति (Movable Property) खरीदता या बेचता है, तो उसे तुरंत अपने समुचित प्राधिकारी (वरिष्ठ अधिकारी) को इसकी रिपोर्ट करनी होती है।
यदि खरीद-बिक्री किसी अधिकृत डीलर के बजाय किसी आम व्यक्ति से की गई है, तो विभाग की पूर्व स्वीकृति (Prior Approval) अनिवार्य है।
​नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी (आप क्या कर सकते हैं?):
व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करना बहुत जरूरी है। यदि आपको किसी मामले में आय से अधिक संपत्ति या अनियमितता का संदेह है, तो आप RTI (सूचना का अधिकार) का उपयोग करके संबंधित पुलिस विभाग से लिखित में यह जानकारी मांग सकते हैं कि:
​क्या संबंधित पुलिसकर्मी ने अपने महंगे फोन या कार की खरीद की लिखित सूचना विभाग को दी है?
​क्या नियम 24(4) के तहत विभाग ने उक्त कर्मचारी से उसकी संपत्ति और उसे अर्जित करने के साधनों (Sources) का सम्पूर्ण विवरण-पत्र मांगा है?
​भ्रष्टाचार को उजागर करना और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाना हम सबकी जिम्मेदारी है। आइए जागरूक बनें, सही जानकारी रखें और सवाल पूछने से पीछे न हटें!
​शेयर करें और जागरूकता फैलाएं!

 #आख़िर दिल्ली जिला कोर्ट के एक 30 वर्षीय युवा जज ने क्यों अपनी जान दी । #जज अमन कुमार शर्मा की बहन के ससुर कहते हैं, "....
03/05/2026

#आख़िर दिल्ली जिला कोर्ट के एक 30 वर्षीय युवा जज ने क्यों अपनी जान दी ।

#जज अमन कुमार शर्मा की बहन के ससुर कहते हैं, "...मैंने फ़ोन पर अपने बेटे से बात की, जिसने मुझे बताया कि वे अमन को सफदरजंग अस्पताल ले जा रहे हैं। जब तक मैं अस्पताल पहुँचा, डॉक्टर उसे पहले ही मृत घोषित कर चुके थे... पुलिस को दिए गए उनके पिता के बयान के अनुसार, कल रात लगभग 10 बजे, अमन ने उन्हें फ़ोन करके बताया था कि वह बहुत परेशान है और उसके लिए जीना मुश्किल हो गया है।

#उसके पिता उसी समय अलवर से निकल पड़े और रात लगभग 12 बजे यहाँ पहुँचे। यहाँ पहुँचने पर उन्हें पता चला कि अमन का अपनी पत्नी के साथ झगड़ा चल रहा था।

#उसने अपने पिता को बताया कि पिछले दो महीनों से उसे परेशान किया जा रहा था। उसकी पत्नी (स्वाति) एक न्यायिक अधिकारी है, और उसकी बहन एक IAS अधिकारी (निधि मलिक) है, जो अभी जम्मू में तैनात है।

#अमन के अनुसार, निधि मलिक उसकी ज़िंदगी में दखल दे रही थी, और वह उसके घर-परिवार को नियंत्रित कर रही थी... अमन के पिता ने बताया कि उनकी बहू ने उनसे कहा कि अगर आप यहाँ से नहीं गए, तो वह पुलिस को बुला लेगी... अगली सुबह, अमन के पिता ने अपनी बहू के माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उनका फ़ोन ब्लॉक कर दिया था... फिर घर में झगड़ा शुरू हो गया।

#इसलिए अमन के पिता दूसरे कमरे में चले गए। उनके अनुसार, स्वाति बहुत गुस्से में थी और चिल्ला रही थी, जबकि अमन रो रहा था। थोड़ी देर बाद, शोर बंद हो गया। उन्होंने थोड़ी देर इंतज़ार किया, यह सोचकर कि झगड़ा सुलझ गया होगा।

#जब कुछ समय बाद वह उन्हें देखने गए, तो उन्होंने स्वाति से पूछा कि अमन कहाँ है, जिस पर उसने जवाब दिया कि उसे नहीं पता... जब उन्होंने अमन के मोबाइल पर फ़ोन किया, तो उन्हें बाथरूम के अंदर फ़ोन बजने की आवाज़ सुनाई दी। उन्होंने बाथरूम के दरवाज़े पर दस्तक दी और अमन से दरवाज़ा खोलने को कहा। इसी दौरान, युद्धवीर (स्वाति के चाचा) और निधि मलिक वहाँ पहुँच गए।

#उन्होंने बहुत कोशिश की, दरवाज़े पर फर्नीचर से ज़ोर-ज़ोर से मारा, लेकिन दरवाज़ा नहीं खुला। तब पड़ोसियों ने उन्हें बताया कि शाफ़्ट में एक खिड़की है। इसलिए वे एक सीढ़ी ले आए।

#गार्ड शंकर सीढ़ी चढ़कर ऊपर गया, खिड़की तोड़ी और बाथरूम में घुस गया। उसने देखा कि अमन फंदे से लटका हुआ था”
#क्या न्याय?देने वाला खुद के साथ न्याय कर सका प्रश्न अनुत्तरित है 😢😥⚖️

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High Court, Lucknow Bench
Lucknow

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