14/02/2026
पत्नी की व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को साक्ष्य माना जा सकता है:-हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि पत्नी की व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को पारिवारिक न्यायालय साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर सकता है।
मामले में पति ने विवाह विवाद के दौरान पत्नी की कुछ व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड पर लेने की मांग की थी। पत्नी की ओर से इसे निजता का उल्लंघन बताया गया। पारिवारिक न्यायालय द्वारा साक्ष्य स्वीकार किए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि न्यायालय के पास यह अधिकार है कि वह विवाद के उचित निपटारे के लिए आवश्यक साक्ष्य स्वीकार करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि निजता का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन यह पूर्ण रूप से निरपेक्ष नहीं है। यदि किसी मामले के न्यायपूर्ण निर्णय के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रासंगिक हैं, तो उन्हें केवल निजता के आधार पर अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने यह भी कहा कि पारिवारिक न्यायालयों को साक्ष्य के मामले में लचीला दृष्टिकोण अपनाने का अधिकार है, ताकि मामले के वास्तविक तथ्यों तक पहुंचा जा सके।