14/12/2025
सिविल विधि—टाइटल सूट—प्रतिकूल-कब्ज़ा—दावा/लिखित-कथन में अभिवचन (pleading) का अभाव—प्रतिकूल-कब्ज़ा का दावा विशिष्ट तथ्यात्मक प्रतिपादनों पर आधारित होता है, जिन्हें वाद-पत्र (Plaint) अथवा लिखित-उत्तर (Written Statement) में स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त किया जाना आवश्यक है तथा जिन पर विचार हेतु वाद-बिंदु (Issue) निर्धारित होना चाहिए—ऐसे आधारभूत अभिवचनों के बिना, प्रतिकूल-कब्ज़े का प्रश्न अपीलीय स्तर पर प्रथम बार उठाया नहीं जा सकता—1₹दावेदार को प्रतिकूल-कब्ज़े के प्रारम्भ होने के समय, उसका स्वरूप, निरन्तरता एवं प्रतिकूल/विरोधात्मक बने रहना तथा उसकी सार्वजनिक जानकारी/प्रसिद्धि (Notoriety), इन सभी तथ्यों को विशिष्ट रूप से कथित एवं सिद्ध करना अनिवार्य है—वाद-पत्र या लिखित-उत्तर में ऐसे मूलभूत विवरणों के अभाव में प्रतिकूल-कब्ज़े सम्बन्धी कोई मुद्दा निर्धारित अथवा अनुमानित नहीं किया जा सकता—किसी पक्षकार को ऐसे प्रकरण पर सफलता प्राप्त नहीं हो सकती जो उसने अपने वाद में कथित ही नहीं किया हो—यह सिद्धान्त secundum allegata et probata (जो आरोपित हो वही सिद्ध होना चाहिए) के अनुरूप है।