03/12/2025
🔎 क्या हुआ
• घटना हुई Kudi Bhagtasni Police Station (जोधपुर) में, जब एक वकील — Bharat Singh Rathore — ने पुलिस कर्मी से उस समय आपत्ति जताई, जब वह बिना वर्दी के बयान दर्ज करना चाहता था।
• पुलिस थाने के SHO (Hamir Singh) ने वकील को धमकाया, कहा कि “तुम वकील हो, तो तुम्हारी वकालत खत्म कर दूँगा” और उसे 151 की धाराओं में फँसाने की बात कही — वकील का कोट फाड़ा गया, और कथित रूप से धक्का-मुक्की हुई।
⚖️ वकीलों तथा न्याय व्यवस्था की प्रतिक्रिया
• यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद वकीलों में भारी आक्रोश हुआ। वकील समुदाय ने थाने के बाहर धरना दिया और न्यायिक कामकाज बहिष्कार की घोषणा कर दी।
• Rajasthan High Court ने स्वतः संज्ञान लिया, आरोपी SHO और एक अन्य पुलिसकर्मी (रीडर / कॉन्स्टेबल) को सस्पेंड कर दिया गया, और मामले की जांच के आदेश दिए गए।
📌 मामला क्यों अहम है
• यह घटना पुलिस-वकील रिश्ते और न्यायिक वातावरण में शालीनता, प्रोफेशनलिज्म और मूल अधिकारों — जैसे कि वर्दी पहनना, सम्मान, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता — के प्रति संवेदनशीलता को लेकर गठित किसी तह की ज़रूरत दर्शाती है।
• एक तरफ न्यायिक दल (वकील) की गरिमा — दूसरी तरफ नागरिकों की रक्षा की जिम्मेदारी — दोनों को बनाए रखना, और यदि पुलिस त्रुटिपूर्ण हो रही है तो उसके लिए जवाबदेही तय करना, ऐसे मामलों की अहमियत बढ़ा देती है।
— Adv. Manoj Kumar Pandey”**
Manoj Kumar Adv Pandey