06/10/2026
दिल्ली की सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। करीब 1891 से मौजूद इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी में लगभग 8.5 लाख किताबें हैं। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास के चलते शास्त्री भवन को हटाए जाने के प्रस्ताव के बीच लाइब्रेरी को दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात सामने आई है।
जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने केंद्र से पूछा कि नई जगह सिर्फ शास्त्री भवन की किताबों के लिए पर्याप्त होगी या आर.के. पुरम में कार्टन में रखी करीब 2 लाख किताबों को भी वहां रखा जा सकेगा।
सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार ने लाइब्रेरी के ऐतिहासिक महत्व पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या 1891 से मौजूद इस लाइब्रेरी के लिए सिर्फ दो कमरे दिए जा रहे हैं?
कोर्ट ने केंद्र को लाइब्रेरी के लिए प्रस्तावित जगह की पूरी जानकारी और असल लेआउट प्लान के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता हरिप्रिया पद्मनाभन को एमिक्स क्यूरी भी नियुक्त किया गया है।
यह स्वतः संज्ञान मामला द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद दर्ज किया गया। हालांकि, MoHUA ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य पथ रीडेवलपमेंट प्लान में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के लिए जगह निर्धारित की गई है और निर्माण की आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।
CASE TITLE: In Re: 135-Yr-Old Library 8.5 Lakh Books– And No Room In The New Central Vista Plan | SMW(C) No. 21/2026
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