17/12/2025
“नये आपराधिक कानूनों में फारेंसिक विज्ञान की भूमिका”
दिनांक 16-12-2025 (मंगलवार) को सेन्ट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष श्री अखिलेश जायसवाल ‘एडवोकेट’, महामंत्री श्री अवनीश दीक्षित ‘एडवोकेट’ एवं समस्त कार्यकारिणी के संयुक्त तत्वावधान में “नये आपराधिक कानूनों में फारेंसिक विज्ञान की भूमिका” विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं गरिमामयी संगोष्ठी का आयोजन पुराना हाईकोर्ट लॉन, लखनऊ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में
मुख्य अतिथि के रूप में :
👉 मा. न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान जी, प्रशासनिक न्यायमूर्ति, लखनऊ
👉 मा. न्यायमूर्ति राजीव सिंह जी, माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ
विशिष्ट अतिथि:
👉 मा. मलखान सिंह जी, जनपद न्यायाधीश, लखनऊ
तथा
मुख्य वक्ता:
👉 डॉ. जी. के. गोस्वामी जी, संस्थापक निदेशक, उ.प्र. स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक साइंस, लखनऊ
की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संगोष्ठी की अध्यक्षता श्री अखिलेश जायसवाल ‘एडवोकेट’, अध्यक्ष, सेन्ट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ द्वारा की गई।
🔸 लखनऊ बार एसोसिएशन से विशेष उपस्थिति
अध्यक्ष : श्री रमेश प्रसाद तिवारी 'एडवोकेट'
महामंत्री : श्री बृजभान सिंह “भानू” ‘एडवोकेट’
संयुक्त मंत्री (प्रशासन) : श्री नरेन्द्र शुक्ला ‘एडवोकेट’
कार्यक्रम के दौरान नये आपराधिक कानूनों में फारेंसिक विज्ञान के महत्व, उसकी उपयोगिता एवं न्यायिक प्रक्रिया में उसकी प्रभावी भूमिका पर विस्तृत, सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक विचार प्रस्तुत किए गए। सेन्ट्रल बार एसोसिएशन की ओर से सभी माननीय अतिथियों का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के समस्त पदाधिकारीगण, वरिष्ठ अधिवक्ता, कार्यकारिणी सदस्य एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता साथी उपस्थित रहे।
सभी माननीय अतिथियों, वक्ताओं एवं सहभागियों का हार्दिक आभार।
सेन्ट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ समस्त न्यायिक समुदाय एवं अधिवक्ता साथियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है, जिनके सहयोग से यह गरिमामयी आयोजन ऐतिहासिक एवं सफल रहा।
सादर,
सेन्ट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ