03/02/2026
*लखनऊ न्यूज*
*सुबह-सुबह अचानक तेज बारिश होने लगी लोग पुल के नीचे खड़े हो गए उसके बाद पुलिस ने क्या किया*
जियामऊ पुल के पास पुलिस की खुली दादागिरी
भारी बारिश से बचने के लिए जब आम लोग कुछ देर गाड़ियों में या किनारे खड़े हुए, तो राहत देने के बजाय पुलिस ने रौब दिखाना शुरू कर दिया। “तुरंत गाड़ी हटाओ, नहीं तो चालान ठोक दूँगा… क्रेन से गाड़ी उठवा दूँगा!” सवाल ये है कि क्या आपदा और बारिश के वक्त इंसानियत भी चालान के दायरे में आती है?जब सड़कें जाम हों, पानी बरस रहा हो, तब पुलिस का काम जनता की मदद करना होता है—धमकाना नहीं।बरसात में व्यवस्था की कमी का खामियाजा आम नागरिक क्यों भुगते? यह रवैया कानून व्यवस्था नहीं, सत्ता का दुरुपयोग लगता है। लखनऊ पुलिस और प्रशासन से मांग है कि इस मामले का संज्ञान लिया जाए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। जनता को डर नहीं, भरोसा चाहिए ।।