Adv. Peeyush Sharma

Adv. Peeyush Sharma Consultant : UPP Deptt. Act | Domestic Violence & Matrimonial | Arbitration & Mediation | Consumer Court |

Punishment Appeals, Show Cause Notice Replies, State Tribunals | Waqf Board Disputes | SC/ST Act | Trust & Society Matters | N.D.P.S | M.V.

The first phase of Self-Enumeration begins on May 7th. You can fill out your own and your family's details online from t...
16/05/2026

The first phase of Self-Enumeration begins on May 7th. You can fill out your own and your family's details online from the comfort of your home.

This is your duty; this is your right:

It is through the Census that it is determined how many schools, hospitals, roads, and utilities—such as electricity and water—are required in your village, city, or neighborhood. Accurate government schemes can only be formulated based on the accurate information you provide.

Performing Self-Enumeration is very easy—just 8 steps:

1. **Open the Website:** Visit https://se.census.gov.in
2. **Register:** Enter the name of the Head of the Household and their mobile number; verify using the OTP.
3. **Select Language:** Choose from a selection of 18 languages, including Hindi and English.
4. **Fill in Address:** Enter your State, District, Village/City, and House Number; then mark your home on the map.
5. **Answer 33 Questions:** Provide details regarding your home's structure (pucca/kaccha), access to electricity and water, toilet facilities, ownership of TV/Mobile/Internet devices, family members, etc.
6. **Submit the Form:** Review all the information carefully and click 'Submit'.
7. **Safeguard your SE ID:** You will receive a unique Self-Enumeration ID.
8. **That's It!** When a Census enumerator visits your home, simply show them this SE ID. You will not need to fill out any details again.

Key Highlights:
✅ Takes just 10 minutes to complete.
✅ The deadline is May 21, 2026.
✅ Your information will remain 100% confidential.
✅ It saves time for both the Census enumerator and you.

An Appeal to All Residents of India: 🙏

Please ensure you complete the Self-Enumeration process between May 7th and May 21st to obtain your SE ID. Please also share this information with your neighbors and relatives.

The Census serves as the foundation for nation-building. Please treat the enumerators and Census personnel with respect and extend your full cooperation.

स्व-गणना (Self Enumeration) का पहला चरण 7मई से शुरू हो रहा है। आप घर बैठे खुद अपनी और परिवार की जानकारी ऑनलाइन भर सकते ह...
16/05/2026

स्व-गणना (Self Enumeration) का पहला चरण 7मई से शुरू हो रहा है। आप घर बैठे खुद अपनी और परिवार की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।

ये है आपका फर्ज, आपका अधिकार:

जनगणना से ही तय होता है कि आपके गाँव, शहर, मोहल्ले में कितने स्कूल, अस्पताल, सड़क, बिजली, पानी चाहिए। आपकी दी गई सही जानकारी से ही बनेगी सरकार की सही योजना।

स्व-गणना करना बहुत आसान है - सिर्फ 8 स्टेप:

1. वेबसाइट खोलें: https://se.census.gov.in पर जाएं
2. रजिस्टर करें: परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर डालें, OTP से वेरिफाई करें
3. भाषा चुनें: हिंदी, English समेत 18 भाषाओं का विकल्प
4. पता भरें: राज्य, जिला, गाँव/शहर, मकान नंबर और मैप पर घर को मार्क करें
5. 33 सवालों के जवाब दें: घर पक्का/कच्चा, बिजली-पानी, शौचालय, TV-मोबाइल-इंटरनेट, परिवार के सदस्य आदि
6. फॉर्म सबमिट करें: सारी जानकारी चेक करके Submit दबाएं
7. SE ID संभाल कर रखें: आपको एक Self Enumeration ID मिलेगी
8. बस इतना ही: जब जनगणना कर्मी घर आए, तो सिर्फ ये SE ID दिखा देना। दोबारा कुछ नहीं भरना पड़ेगा।

खास बातें:
✅ सिर्फ 10 मिनट का काम
✅ 21 मई 2026 आखिरी तारीख है
✅ आपकी जानकारी 100% गोपनीय रहेगी
✅ जनगणना कर्मी का समय भी बचेगा, आपका भी

भारत के सभी निवासियों से निवेदन है 🙏

7 मई से 21 मई के बीच स्व-गणना जरूर करें और SE ID प्राप्त करें। अपने पड़ोसी, रिश्तेदार को भी ये जानकारी भेजें।

जनगणना राष्ट्र निर्माण का आधार है। प्रगणक एवं जनगणना कर्मियों का सम्मान एवं सहयोग करें।

 #दिल्ली से आई यह खबर बेहद स्तब्ध करने वाली है। न्यायिक सेवा से जुड़े न्यायाधीष  ुमार_शर्मा द्वारा फांसी लगाकर जीवन समाप...
04/05/2026

#दिल्ली से आई यह खबर बेहद स्तब्ध करने वाली है। न्यायिक सेवा से जुड़े न्यायाधीष ुमार_शर्मा द्वारा फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लेने की सूचना ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जो लोग दूसरों को #न्याय दिलाने की #जिम्मेदारी निभाते हैं, वे भी भीतर से कितने संघर्षों, दबावों और निजी पीड़ाओं से गुजरते होंगे, यह घटना उसी कड़वी सच्चाई को सामने लाती है।
यदि किसी व्यक्ति के जीवन में घरेलू कलह, मानसिक प्रताड़ना या पारिवारिक तनाव हो, तो उसका असर बेहद गहरा और विनाशकारी हो सकता है।

#घरेलू_हिंसा केवल शारीरिक नहीं होती, मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न भी इंसान को भीतर से तोड़ देता है। समाज को यह समझना होगा कि हर पीड़ा दिखाई नहीं देती। यह केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि बढ़ते मानसिक तनाव, अकेलेपन और मौन पीड़ा का गंभीर संकेत है। हमें समझना होगा कि पद, प्रतिष्ठा और सफलता के पीछे भी इंसान का दिल धड़कता है, जो कभी-कभी टूट भी जाता है।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति दें। समाज को अब मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संवाद और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीरता से विचार करना होगा।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अग्रिम ज़मानत याचिका को खारिज करते समय, किसी आरोपी को विचारण न्यायालय...
27/04/2026

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अग्रिम ज़मानत याचिका को खारिज करते समय, किसी आरोपी को विचारण न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश देने का अधिकार क्षेत्र न्यायालय के पास नहीं है।

The Honorable Supreme Court emphasised that a court has no jurisdiction to direct an accused to surrender before the trial court while rejecting anticipatory bail.

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की है कि यदि कोई मकान मालिक, जिसने अपने और अपने परिवार के लिए 'वास्तविक आवश्यकता'...
27/04/2026

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की है कि यदि कोई मकान मालिक, जिसने अपने और अपने परिवार के लिए 'वास्तविक आवश्यकता' (bonafide requirement) के आधार पर बेदखली का मुकदमा दायर किया था, का निधन हो जाता है, तो उसके कानूनी वारिस अपनी दलीलों में संशोधन करके वास्तविक आवश्यकता के अतिरिक्त आधारों को शामिल कर सकते हैं; बशर्ते कि ऐसे संशोधन मुकदमे के मूल आधार से न तो टकराते हों और न ही उसे बदलते हों।

The Honorable Supreme Court has observed that where a landlord, who filed an eviction suit on the ground of bona fide requirement for himself and his family, passes away, his legal heirs may amend the pleadings to incorporate additional grounds of bona fide need, provided such amendments do not conflict with or alter the original basis of the suit.

यूपी ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम के तहत ज़मीन का वर्गीकरण बदलने का SDO के पास कोई अधिकार नहीं: माननीय सर्वोच...
22/04/2026

यूपी ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम के तहत ज़मीन का वर्गीकरण बदलने का SDO के पास कोई अधिकार नहीं: माननीय सर्वोच्च न्यायालय

लखनऊ के सिद्धपुरा गांव में पूर्व DSP शैलेंद्र सिंह जी ने आवारा सांडों और बैलों की मदद से सस्ती बिजली उत्पादन का अनोखा मॉ...
22/04/2026

लखनऊ के सिद्धपुरा गांव में पूर्व DSP शैलेंद्र सिंह जी ने आवारा सांडों और बैलों की मदद से सस्ती बिजली उत्पादन का अनोखा मॉडल तैयार किया है। यह सिस्टम ग्रेविटी और फ्लाईव्हील तकनीक पर आधारित है, जिसमें बैलों की चलने की शक्ति को ऊर्जा में बदला जाता है। एक बैल से करीब 5KW और सोलर के साथ हाइब्रिड करने पर 10KW तक बिजली उत्पादन संभव है। इसी ऊर्जा से फार्म पर सिंचाई, आटा चक्की, कोल्हू और लाइटिंग जैसी सभी जरूरतें पूरी हो रही हैं।

खास बात यह है कि इस मॉडल से बिजली उत्पादन की लागत ₹1.50 प्रति यूनिट से भी कम है, जो सोलर से भी सस्ती पड़ती है। पिछले 10 वर्षों से यह फार्म पूरी तरह आत्मनिर्भर है और किसी बाहरी बिजली कनेक्शन पर निर्भर नहीं है। यह पहल न सिर्फ किसानों के खर्च को कम कर रही है, बल्कि आवारा पशुओं को आय का जरिया बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है।

माननीय प्रयागराज उच्च न्यायालय ने पिछले हफ़्ते एक व्यक्ति की हिरासत को सही ठहराया, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA),...
22/04/2026

माननीय प्रयागराज उच्च न्यायालय ने पिछले हफ़्ते एक व्यक्ति की हिरासत को सही ठहराया, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), 1980 के तहत हिरासत में लिया गया था। इस व्यक्ति पर 2025 में होली के आस-पास के समय जंगल में एक गाय और दो बछड़ों की हत्या करने का आरोप है।

Honourable Prayagraj High Court last week upheld the detention of a person under the National Security Act (NSA), 1980, who has been accused of slaughtering a cow and two calves in the jungle around the time of Holi in 2025.

22/04/2026



केजीएमयू में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर। प्रेस वार्ता के दौरान आरोपी फर्जी डॉक्टर को संस्थान प्रशासन ने किया पेश। आरोपी हसम अहमद ने कबूला अपना जुर्म। आरोपी ने केजीएमयू प्रवक्ता डॉ के•के• सिंह का बनाया था फर्ज़ी लेटर पैड।

दर्जन भर से अधिक छात्राओं को किया U.S.A. के डॉक्टरों से मिलाने के नाम पर दिल्ली एम्स ले जाने की फिराक में था आरोपी।

लखनऊ के इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज, एरा मेडिकल कॉलेज, एस•जी•पी•जी•आई तक के डॉक्टर सिंडिकेट में शामिल। संस्थान प्रशासन ने आरोपी को पुलिस के किया हवाले।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पारिवारिक विवाद में आपसी सहमति से तय विच्छेद मे बाद में मुकरने के मामलों में कहा, "मध्यस्थता...
14/04/2026

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पारिवारिक विवाद में आपसी सहमति से तय विच्छेद मे बाद में मुकरने के मामलों में कहा, "मध्यस्थता के माध्यम से हुए समझौते की शर्तों किसी भी प्रकार के विचलन को, जिसे बाद में न्यायालय द्वारा भी पुष्ट किया गया हो, सख्ती से निपटा जाना चाहिए।"

"Any deviation from the terms of the settlement arrived in mediation and later confirmed by the Court should be dealt with strictly," the Honourable Court said.

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Sector-Q, Aliganj
Lucknow
226024

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