Online Property Solution

Online Property Solution M/s Solution

26/06/2021

RERA एक्ट, 2016:

RERA का आदेश है कि डिवेलपर्स को अपना प्रोजेक्ट अथॉरिटी में दर्ज कराना होगा। किसी भी खरीददार को यह मालूम जरूर करना चाहिए कि जिस प्रोजेक्ट में वह घर खरीदना चाहता है, वह RERA में रजिस्टर्ड है या नहीं। RERA की आधिकारिक वेबसाइट पर हर राज्य के बिल्डर के खिलाफ दर्ज शिकायत होती है, जिससे डिवेलपर और प्रोजेक्ट की क्रेडिबिलिटी की जानकारी मिलती है और खरीददार को विकल्प चुनने की आजादी।
ग्राहकों को यह बात याद रखनी चाहिए कि कानून के तहत सभी रियल एस्टेट ब्रोकर्स के लिए स्टेट RERA में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है ताकि वे कानूनी तौर पर ऑपरेट कर सकें. RERA रजिस्ट्रेशन के बारे में पूछने के बाद ही किसी प्रॉपर्टी ब्रोकर को हायर करें.

23/06/2021

3

रूपांतरण और जमीन के इस्तेमाल की इजाजत:
बढ़ते शहरीकरण और राजस्व भूमि में विलय के साथ, गैर-कृषि उपयोग के लिए संपत्ति का रूपांतरण बेहद अहम है, क्योंकि कई राज्यों के कानून एेसे लोगों को कृषि की भूमि नहीं देते, जो किसान नहीं हैं। इसके अलावा खरीददार को मास्टर प्लान की भी जांच करनी चाहिए कि क्या प्रॉपर्टी जोनिंग प्लान के तहत विकसित की जा रही है, जिसमें रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, पब्लिक/सेमी पब्लिक, पार्क, ओपन स्पेस इत्यादि आते हैं। जहां वास्तविक इस्तेमाल नोटिफाइड जोनिंग से अलग है, वहां टाउन प्लानिंग अथॉरिटी से भूमि उपयोग में बदलाव की परमिशन देने के आदेश हासिल करना अनिवार्य है।

12/06/2021

2. विक्रेता की जांच करें:

प्रॉपर्टी टाइटल वेरिफाई करने की तरह खरीददार को विक्रेता की क्षमता और किसी भी विशिष्ट स्थितियों का पता लगाना चाहिए। इसके लिए आप:

1. व्यक्तिगत मामले में विक्रेता की निवास स्थिति और उसकी राष्ट्रीयता मालूम कर सकते हैं। साथ ही क्या बिक्री के लिए सरकारी अधिकारियों से सहमति की जरूरत होती है।
2. अगर प्रॉपर्टी संयुक्त है तो सभी मालिकों की पहचान जरूरी है।
3. जहां विक्रेता एक कंपनी, ट्रस्ट, पार्टनरशिप फर्म, सोसाइटी इत्यादि है तो संपत्ति के स्वामित्व और ट्रांसफर की क्षमता की पुष्टि करने के लिए यूनिट के संविधान की जरूरत है। यह भी सुनिश्चित करें कि बिक्री कार्य निष्पादित करने और पंजीकरण करने वाला शख्स अधिकृत है।
4. अगर प्रॉपर्टी किसी मानसिक रूप से बीमार शख्स के नाम पर है तो अदालत द्वारा प्रॉपर्टी की बिक्री की इजाजत और एक अभिभावक की नियुक्ति की जाती है।

क्रमशः ........

11/06/2021

1. विक्रेता के टाइटल और ओनरशिप का वेरिफिकेशन:

यह एक निर्धारित कानूनी सिद्धांत है कि एक व्यक्ति के अपने पास जो कुछ भी है उससे बेहतर शीर्षक कोई नहीं दे सकता। पहला कदम उठाते हुए यह काम करना चाहिए कि विक्रेता के टाइटल, उसकी प्रकृति, मार्केटिबिलिटी व किसी तरह के विवाद का पता लगाना चाहिए। करीब 30 साल पुराने दस्तावेजों (जहां दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, वहां 12 साल) की जांच करने के अलावा नीचे लिखे गए दस्तावेज भी विक्रेता से मुहैया कराने को कहना चाहिए।
प्रॉपर्टी टाइटल के दस्तावेज, उत्तराधिकार सर्टिफिकेट, बिक्रीनामा, गिफ्ट डीड, वसीयत, बंटवारानामा इत्यादि।टाइटल की प्रकृति- लीजहोल्ड, फ्रीहोल्ड या डिवेलपमेंट राइट्स
अगर विक्रेता प्रॉपर्टी के डिवेलपमेंट राइट्स पर दावा कर रहा है तो डिवेलपमेंट अग्रीमेंट और पावर अॉफ अटॉर्नी का निष्पादन मालिक को विक्रेता के नाम पर करना चाहिए।
सभी टाइटल दस्तावेजों पर स्टैंप लगी होनी चाहिए और ये सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में पंजीकृत होने चाहिेए।
विक्रेता के नाम पर पंजीकृत खाता।
पुराने या पेंडिंग केसों की जानकारी।
विक्रेता के साथ मूल शीर्षक दस्तावेजों की उपलब्धता।

क्रमशः...........

09/06/2021

प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट्स में बहुत ज्यादा पैसा खर्च होता है और इस प्रक्रिया के दौरान की गई कोई भी गलती खरीदार के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है. इसलिए यह ग्राहक के लिए जरूरी हो जाता है कि वह प्रॉपर्टी के दस्तावेज को जांचते वक्त काफी सावधानी बरते. पर्याप्त कानूनी सलाह, दस्तावेजों की जांच और प्रॉपर्टी को लेकर मिली जानकारी की वेरिफिकेशन से ग्राहक इस बात को लेकर संतुष्ट हो सकता है कि इस निवेश के जरिए उसे शांति और सुरक्षा का भाव मिलेगा.
इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि दस्तावेज पर दस्तखत करने से पहले खरीदार को किन दस्तावेजों को चेक करना चाहिए.

Continue......

पार्ट -3त्यागनामा:अगर आप किसी संपत्ति में सह मालिक हैं और अपने अधिकार छोड़ना चाहते हैं तो त्यागनामा सबसे बेहतर विकल्प है...
01/06/2021

पार्ट -3

त्यागनामा:

अगर आप किसी संपत्ति में सह मालिक हैं और अपने अधिकार छोड़ना चाहते हैं तो त्यागनामा सबसे बेहतर विकल्प है। गिफ्ट डीड की तरह इसमें भी बदलाव नहीं किया जा सकता, चाहे यह पैसों के लेन-देन के बिना हो। दो गवाहों से अटेस्ट कराने के बाद इसे रजिस्टर्ड कराना पड़ता है। जहां तक स्टैंप ड्यूटी का संबंध है, रिश्तेदारों के लिए कोई छूट या टैक्स में रियायत नहीं है।

फायदा: अगर प्रॉपर्टी में दो लोगों का संयुक्त रूप से अधिकार है तब भी त्यागनामा बहुत आसानी से प्रॉपर्टी ट्रांसफर का विकल्प देता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल उस वक्त होता है, जब कोई बिना वसीयत छोड़े मर जाता है और कानूनी उत्तराधिकारियों को संपत्ति विरासत में मिल जाती है।

दायरे: टैक्स नियम के तहत त्यागनामा गिफ्ट के बजाय ट्रांसफर के तहत आता है। इसलिए टैक्स में किसी तरह की छूट नहीं मिलती।

30/05/2021

पार्ट -2

गिफ्ट डीड:

इस दस्तावेज के तहत बिना पैसों के लेनदेन के आप अपनी चल और अचल संपत्ति किसी को तोहफे में दे सकते हैं। अचल संपत्ति को गिफ्ट में देने के लिए आपको स्टैंप पेपर पर एक डीड बनवानी पड़ती है। साथ ही दो गवाहों से अटेस्ट कराने के बाद उसे रजिस्ट्रार के दफ्तर में जमा कराना पड़ता है। रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 के सेक्शन 17 के मुताबिक अचल संपत्ति का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। एेसा न करने पर उसे अवैध माना जाएगा। हालांकि कोई भी चल संपत्ति जैसे जूलरी या कार बिना रजिस्ट्रेशन किसी को भी गिफ्ट कर सकता है। गिफ्ट डीड एेसा दस्तावेज है, जिसमें बदलाव नहीं किया जा सकता। इसका मतलब है, जिसे आपने गिफ्ट दिया है, डीड ट्रांसफर होने के बाद वही उसका मालिक है।

फायदा: अगर आप अपने रिश्तेदार को कोई संपत्ति बतौर गिफ्ट देते हैं तो टैक्स का कोई झंझट नहीं पड़ेगा। यहां रिश्तेदारों से मतलब पत्नी, भाई-बहन, पत्नी/ पति के भाई-बहन या माता-पिता के भाई-बहनों से है।

सीमाएं: गिफ्ट डीड में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे कोर्ट में जबरन या धोखाधड़ी के आधार पर चुनौती दी जा सकती है।

क्रमशः

28/05/2021

इन तीन तरीकों से आप किसी और के नाम कर सकते हैं अपनी संपत्ति:-
अगर आप अचल संपत्ति को ट्रांसफर करने के रास्ते तलाश रहे हैं तो केवल तीन कानूनी विकल्प मौजूद हैं-सेल डीड, गिफ्ट डीड और त्यागनामा। हालांकि इन तीनों विकल्पों में से आप किसी को यूंही नहीं चुन सकते, क्योंकि इनमें से हर एक का रोल अलग है।

1. सेल डीड या बिक्रीनामा:

सबसे ज्यादा यही तरीका इस्तेमाल किया जाता है। इसे ट्रांसफर डीड या बिक्रीनामा भी कहा जाता है, जिसे सब-रजिस्ट्रार अॉफिस में रजिस्टर्ड कराना पड़ता है। इसके बाद प्रॉपर्टी नए मालिक के नाम ट्रांसफर होती है।

फायदा: यह धोखाधड़ी से बचते हुए प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने का बेहद आसान तरीका है। एक रजिस्टर्ड बिक्रीनामा इस बात का सबूत है कि आपने संपत्ति बेच दी है। यह जाली और धोखाधड़ी को रोकने में भी मदद करता है क्योंकि लेनदेन की जानकारी पब्लिक डोमेन में होती है।

क्रमश:

24/05/2021

प्रॉपर्टी की खरीदारी में कौन से कागजात चेक करना है समझदारी?

एक नज़र
देश में औसत व्यक्ति बड़ा लोन लेकर ही प्रॉपर्टी खरीदता है. हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए.

प्रॉपर्टी के कागजात चेक करने में आपकी लापरवाही आपके जीवन भर की बचत को एक मिनट में उड़ा सकती है.

देश में औसत व्यक्ति बड़ा लोन लेकर ही प्रॉपर्टी खरीदता है. हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए. यहां आपको उन दस्तावेजों की सूची बता रहे हैं जिन्हें चेक कर आप इस सौदे को सही तरीके से पूरा कर सकते हैं.

सेल डीड
यह क़ानूनी दस्तावेज है जो प्रॉपर्टी के मालिकाना हक़ की पुष्टि करता है. या इस बात का भी सबूत है कि प्रॉपर्टी पुराने मालिक से मौजूदा विक्रेता को ट्रांसफर की गयी है.

'सबसे पहले यह चेक करें कि जो प्रॉपर्टी आप खरीद रहे हैं उसका टाइटल डीड क्लियर हो.' इसका मतलब यह है कि उस प्रॉपर्टी पर कोई विवाद ना हो.

संपत्ति का टाइटल डीड एक क़ानूनी दस्तावेज है जो प्रॉपर्टी के मालिकाना हक़ की पुष्टि करता है. 'आपको यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि जो व्यक्ति आपको प्रॉपर्टी बेच रहा है, टाइटल डीड उसी के नाम से हो.

सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप किसी वकील से ही प्रॉपर्टी डीड को वेरीफाय करायें, इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि कागज सही हैं और उनमें कोई कमी नहीं है.'

Address

Lucknow
226001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Online Property Solution posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category