05/02/2026
हाई कोर्ट ने माना कुशल श्रमिक की प्रतिदिन 800 रुपये आय, पत्नी का भरण-पोषण बढ़ाने का आदेश:-
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में यह स्पष्ट किया कि यदि पति कुशल श्रमिक है, तो उसकी आय को न्यूनतम मजदूरी के आधार पर आंका जा सकता है।
मामले में अदालत ने यह माना कि कुशल श्रमिक की प्रतिदिन औसतन 800 रुपये आय मानी जा सकती है, जिसके आधार पर पत्नी को दिया जाने वाला भरण-पोषण अपर्याप्त नहीं होना चाहिए।
रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों के आधार पर अदालत ने पत्नी के भरण-पोषण की राशि बढ़ाने का आदेश दिया और कहा कि
भरण-पोषण का उद्देश्य केवल नाममात्र की सहायता नहीं, बल्कि पत्नी को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध कराना है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कियदि पति कार्य करने में सक्षम है और श्रम करके आय अर्जित कर सकता है, तो केवल कम आय का तर्क देकर भरण-पोषण से बचा नहीं जा सकता।
यह निर्णय उन मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जहाँ
आय को कम दिखाकर या काम न करने का बहाना बनाकर
भरण-पोषण से बचने का प्रयास किया जाता है।