Drsdarpan85

Drsdarpan85 जय श्री राम 🚩🚩 आप सभी को राम राम जी ,राधे राधे 🙏🙏

30/06/2026

दुनिया धोखा देके अक्लमंद हो गई ।
मै भरोसा करके गुनाहगार हो गया।

28/06/2026

भटक गए हम राहों में
मंजिल का ठिकाना नहीं था ..

ले गई जिंदगी उन राहो पे
जहां हमे जाना नहीं था ..

कुछ किस्मत का मेहरबानी
कुछ हमारा कसूर था..

हमने खो दिया सब कुछ वहां
जहां कुछ पाना नहीं था..

.              *कैसे हुई गुरु की उत्पत्ति*            〰️〰️〰️〰️〰️〰️ 〰️〰️             एक बार देवर्षि नारद बैकुंठ में पहुंच...
26/06/2026

. *कैसे हुई गुरु की उत्पत्ति*
〰️〰️〰️〰️〰️〰️ 〰️〰️

एक बार देवर्षि नारद बैकुंठ में पहुंचे तो उन्होंने वहां भगवान को उदास पाया। महर्षि नारद ने भगवान से इसका कारण पूछा तो भगवान ने कहा कि मैंने ये सृष्टि बनाई। पशु-पक्षी, कीड़े-मकौड़े, जानवर, पेड़-पौधे आदि सभी कुछ बनाए। लेकिन जब से मैंने मनुष्य को बनाया है तब से ही मैं परेशान हो गया हूं।

बाकी जीव जंतु कभी कोई मांग नहीं करते, लेकिन मनुष्य है कि इसकी मांगें पूरी ही नहीं होती। रोजाना मेरे द्वार पर आ जाता है और नई-नई चीजों की मांग करता है। इसलिए मैं परेशान हूंँ।

तब नारद जी ने सुझाव दिया कि भगवान एक उपाय हो सकता है। आपको मनुष्य हमेशा बाहर की चीजों में ढूंढने की कोशिश करता है, आप मनुष्य के अंदर ही छिपकर बैठ जाएं।

मनुष्य कभी अपने अंदर झांकने का प्रयास नहीं करेगा और इसलिए आपको ढूंढ भी नहीं पाएगा।

भगवान ने कहा सुझाव तो ठीक है, लेकिन इसमें एक समस्या है। मनुष्य अगर मुझे ढूंढ ही नहीं पाएगा तो वह हमेशा आनंद से वंचित हो जाएगा। मनुष्य मुझे प्यारा है। मैं नहीं चाहता कि ये दुखी रहे।

इस पर महर्षि नारद ने सुझाव दिया कि भगवन फिर तो आप स्वयं सतगुरु बनकर मनुष्य की परेशानियों का समाधान कर सकते हैं। भगवान ये सुझाव सुनकर अति प्रसन्न हुए। इस तरह मनुष्य की परेशानियों को दूर करने के लिए भगवान ने गुरु की उत्पत्ति का मार्ग निकाला।

*गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।*
*गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥*

*जय श्री कृष्णा*

🙏🏻🙏🏻🙏🏻

25/06/2026

ज़िम्मेदारियां फ़ुर्सत नहीं देती,
इसलिए चुरा लेना कुछ लम्हें जिंदगी से
Drsdarpan85

07/06/2026

ये चल क्या रहा है देश में, चेहरे बदल रहे हैं हर वेश में।
मीठी बातों से हर कोई अपना नहीं होता, कभी-कभी ज़हर भी मिलता है शहद के परिवेश में।
सच बोलने वाले अक्सर अकेले रह जाते हैं, झूठ के साथी मिल जाते हैं हर परिवेश में।
दीपक बनना आसान नहीं अंधेरों के बीच, पर एक दीप ही काफी है बदलाव के संदेश में।
इतिहास गवाह है, अहंकार टिकता नहीं, चाहे कितना भी बल हो किसी विशेष वेश में।

26/05/2026

हस्ती खेलती जिंदगी में मायूसी सी छा गई ।
*बाबा* जो किस्मत में था ही नहीं ,
जिंदगी उसी से टकरा गई ।

**परहित सरिस धरम नहि भाई।परपीड़ा सम नहि अधमाई॥**
13/02/2026

**परहित सरिस धरम नहि भाई।
परपीड़ा सम नहि अधमाई॥**

17/01/2026
09/01/2026

दोहरे इंजन वाली सरकार 70 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ रही है, और इसी के साथ ठंड भी नए रिकॉर्ड बना रही है।
😂😂😂😂

Address

Dubauli
Kushinagar
274203

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Drsdarpan85 posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share