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19/09/2024

इन दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अपने अनेक निर्णयों से इस नियम को फि

19/09/2024

सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने से पोक्सो के आरोप में जेल में बंद एक व्यक्ति को रिहा कर दिया, क्योंकि उसे स्थानीय ज़मानत पेश करने में असमर्थता के कारण शीर्ष अदालत से जमानत मिल गई थी। न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने रामचंद्र थंगप्पन आचारी को बिना किसी स्थानीय जमानत, निजी मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने 3 मई को इस अभियुक्त की जमानत का आदेश पारित किया था। अभियुक्त जमानत आदेश होने से पहले ही अपनी 10 साल सजा में से 7 साल से अधिक समय जेल में बिता चुका था। लेकिन कोई ज़मानत देने वाला व्यक्ति न मिल पाने के कारण उसे कोल्हापुर सेंट्रल जेल में रहना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "यह न्याय का मखौल होगा अगर अभियुक्त स्थानीय ज़मानत देने में असमर्थ होने के कारण ज़मानत आदेश का लाभ प्राप्त करने में असमर्थ रहे। यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उस व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन होगा जो अपने पक्ष में ज़मानत आदेश के बावजूद हिरासत में रहता है।"
महाराष्ट्र राज्य का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता अभिकल्प प्रताप सिंह, सिद्धार्थ धर्माधिकारी और आदित्य अनिरुद्ध पांडे ने किया।

पीठ में शामिल न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी ने कहा, "न्याय प्रदान करने की प्रणाली उन निर्धन दोषियों की दुर्दशा से अनभिज्ञ नहीं हो सकती, जो स्थानीय जमानत प्रदान करने में असमर्थ हैं।"

22/10/2022

क्या बतलाएँ दुनिया वालो! क्या-क्या देखा है हमने ...!

भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएंटीम लॉ फर्म कोटा
13/04/2021

भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएं

टीम लॉ फर्म कोटा

Happy holi to all of youTeam law Firm Kota
28/03/2021

Happy holi to all of you

Team law Firm Kota

Law firm kota wishes you Happy and safe holi
28/03/2021

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Law firm kota wishes you Happy new year From Team law firm kota📲 9887772008🖥️www.lawfirmkota.com⌨️Lawfirmkota@gmail.com
01/01/2021

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Second time plasma donation by litigation head of lawfirm kota Manoj jain advocate..
02/11/2020

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Manoj jain advocate..

25/09/2020

*प्लाजमा डोनेशन में कोटा के अधिवक्ता भी अव्वल*

कोटा के समाजसेवी एवम् देहदान संकल्पित
अधिवक्ता एवम् लॉ फर्म कोटा के संस्थापक एडवोकेट मनोज जैन ने शुक्रवार को अपना प्लाज्मा डोनेट किया एडवोकेट मनोज जैन परिवार सहित दिनांक 1 सितंबर 2020 को पॉजिटिव आए थे पूरा इलाज लेने के बाद मनोज जैन ने बताया कि वह पूर्णतया स्वस्थ हैं एवं उन्हें पता लगा की उनके द्वारा डोनेट किए गए प्लाज्मा से दो व्यक्तियों की जान बचाई जा सकती है तो ऐसे में उन्होंने तुरंत अपना प्लाज्मा डोनेट करने का निर्णय लिया सभी प्रकार की मेडिकल जांच होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अधिवक्ता के शरीर में एंटीबॉडी सेल का निर्माण हो चुका है ऐसे में उनके प्लाज्मा से गंभीर कोविड-19 मरीजों की जान बचाई जा सकती है तब अधिवक्ता के द्वारा अपना प्लाज्मा डोनेट किया गया साथ ही अधिवक्ता ने अपील की, कि प्लाज्मा की पूर्ति शरीर में 48 घंटों के भीतर ही हो जाती है ऐसे में आप सुरक्षित अंतराल में कई बार प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं अतः जो भी व्यक्ति कोविड-19 आ चुके हैं वह अपना प्लाज्मा अवश्य डोनेट करें ताकि किसी व्यक्ति की जान बच सके।।

लॉ फर्म कोटा के संस्थापक श्री मनोज जैन एडवोकेट एवम् उच्च न्यायालय इलाहाबाद से मूल रूप लखनऊ से पधारे अधिवक्ता एवम् क्लाइं...
26/08/2020

लॉ फर्म कोटा के संस्थापक श्री मनोज जैन एडवोकेट एवम् उच्च न्यायालय इलाहाबाद से मूल रूप लखनऊ से पधारे अधिवक्ता एवम् क्लाइंट्स के साथ चर्चा करते हुए

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