06/07/2025
“आज का कानून, आज की सच्चाई”
विषय: 340 CrPC (झूठे दस्तावेज पर कार्रवाई)
> ⚖️ “झूठी बात अदालत में कहना गुनाह है,
लेकिन झूठे दस्तावेज़ अदालत में देना, कानून का अपमान है।”
बहुत से मामलों में देखा गया है कि पक्षकार RTI की फोटोकॉपी, बिना हस्ताक्षर और मोहर के हलफनामे, या फर्जी दस्तावेज पेश करते हैं—यह न सिर्फ न्याय में बाधा है बल्कि CrPC की धारा 340 के तहत सज़ा योग्य अपराध भी है।
अदालतें अब ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही हैं। अगर कोई व्यक्ति न्याय प्रक्रिया के साथ धोखा करता है, तो उस पर साक्ष्य अधिनियम व भारतीय दंड संहिता के तहत भी कार्यवाही हो सकती है।
📌 कानून को समझें, उसका सम्मान करें।
— ✍🏻 Adv. Manish Kumar Shukla
(अधिवक्ता – पारिवारिक एवं आपराधिक विधि)
📍कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश