09/10/2025
Historical judgment
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#सुप्रीमकोर्ट_का_ऐतिहासिक_निर्णय:
7 वर्षों का बार अनुभव रखने वाले न्यायिक अधिकारी जिला न्यायाधीश पद के लिए पात्र_
_सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि "वे न्यायिक अधिकारी जो बार में सात वर्षों का अनुभव प्राप्त कर चुके हैं," जिला न्यायाधीश पद के लिए सीधे नियुक्ति के पात्र होंगे ।_
_यह निर्णय न्यायिक सेवा में कार्यरत उन अधिकारियों के लिए एक नई राह खोलता है, जिन्होंने वकालत के क्षेत्र में पर्याप्त अनुभव अर्जित किया है ।_
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- _सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कोई न्यायिक अधिकारी बार में सात वर्षों का अनुभव रखता है, तो वह बार कोटे के तहत जिला न्यायाधीश पद के लिए आवेदन कर सकता है ।_
- _यह पात्रता आवेदन की तिथि पर अनुभव के आधार पर तय की जाएगी, न कि नियुक्ति की तिथि पर ।_
_- *न्यायिक सेवा में कार्यरत व्यक्ति, जिनके पास संयुक्त रूप से सात वर्षों का अनुभव (वकील और न्यायिक अधिकारी के रूप में)* है, वे भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं ।_
_- न्यूनतम आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित की गई है, जिससे सेवा में रहते हुए आवेदन करने वालों को समान अवसर मिल सके ।_
_ #संविधान_
_*मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 233 की व्याख्या करते हुए कहा* कि इसे समग्र रूप से पढ़ा जाना चाहिए, न कि अलग-अलग हिस्सों में । न्यायालय ने यह भी कहा कि व्याख्या का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना और योग्य उम्मीदवारों को आकर्षित करना होना चाहिए !!_
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_सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे उच्च न्यायालयों से परामर्श कर सेवा नियमों में संशोधन करें ताकि इन-सेवा उम्मीदवारों को भी बार कोटे के तहत आवेदन करने की अनुमति मिल सके। *यह संशोधन तीन महीनों के भीतर किया जाना आवश्यक होगा ।*_
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_यह निर्णय केवल आज से लागू होगा और पहले से चल रही नियुक्ति प्रक्रियाओं पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। *न्यायालय ने स्पष्ट किया कि emerging talent को अवसर देना आवश्यक है*, ताकि न्यायिक प्रणाली में उत्कृष्टता बनी रहे और औसत दर्जे की प्रवृत्ति को रोका जा सके ।_
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