09/07/2018
Mukesh Kanaujiya is with Neelu Dohre and 83 others in Jhansi.
9 mins ·
#शिक्षा_घर_शिक्षा_से_बेघर
👉शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का नहीं हो रहा है अनुपालन |
👉वर्तमान शिक्षा को किया जा रहा है नजरअंदाज |
👉बाल अधिकारों का हो रहा शोषण |
👉शिक्षा भवन हो चुका है जर-जर, कभी भी हो सकता है हादसा |
👉शासन-प्रशासन बना मौन |
#झाँसी- आज बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपद झाँसी में भीमा फाउंडेशन एवं ऑल इन्डिया दलित महिला अधिकार मंच व महिला सशक्तिकरण केन्द्र झाँसी और छात्र युवा (मुकेश कुमार एड., आराधना निराला, वीर गौतम, एवं तिलक राज आनन्द) की 4 सदस्यीय टीम द्वाराजनपद झाँसी में संचालित विभिन्न विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय प्रथम, बिजौली के प्राथमिक विद्यालय बालक, बिजौली नगर क्षेत्र झाँसी, प्राथमिक विद्यालय भट्टा गांव, प्राथमिक विद्यालय खिरकपट्टी एवं प्राथमिक विद्यालय सिगर्रा झाँसी आदि का किया गया सर्वे | जिनके आंकड़े क्रमशः दिखाए जा रहे हैं.........................
#प्राथमिक_विद्यालय_प्रथम - इस विद्यालय में किये गए सर्वे के अनुसार पाया गया किे विद्यालय में कुल छात्र/छात्राओं की संख्या 89 है, जब वर्ग व समुदाय के आधार पर आंकलन किया गया तो SC/ST के कुल छात्र/छात्रायें 58, OBC के 28, Minority के 03 छात्र/छात्रायें का आकड़ा दर्शाया गया एवं GENERAL से एक भी छात्र का नामांकन नहीं किया गया, जिनके शिक्षण कार्य के लिए 5 अध्यापिकायों को नियुक्त किया गया लेकिन शिक्षा अध्यापन के लिए अगर देखा जाए तो सिर्फ 4 कमरे ही हैं जिस वजह से एक कक्षा के छात्र/छात्राओं को बरामदे में बैठा कर अध्यापन कराया जाता है, उसके बाद प्रधानाध्यापिका जी से में निकल कर आया कि मेरे विद्यालय के बाहर गन्दा पानी जमा हो जाता है और गंदगी बनी रहती है जिसके लिए प्रशासन को कोई कदम नहीं उठा रही है |
#प्राथमिक_विद्यालय_बालक_बिजौली_नगर_क्षेत्र_झाँसी - क्रमशः उपरोक्त विद्यालय में जाकर किये गए सर्वे के अनुसार पाया गया किे विद्यालय में कुल छात्र/छात्राओं की संख्या 96 है, जब वर्ग व समुदाय के आधार पर आंकलन के लिए जानकारी लेनी चाही तो वहा उपस्थित अध्यापिका द्वारा बताया गया कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि यहाँ की प्रधानाध्यापिका आज छुट्टी पर गईं हैं इस लिए मैं आपको कोई जानकारी नहीं दे सकती हूँ और उन्ही अध्यापिका द्वारा बताया गया कि यहाँ पर 5 तक शिक्षण कार्य के लिए सिर्फ और सिर्फ 2 कमरों का ही निर्माण किया गया जिससे बच्चों को एक साथ बैठा कर अध्यापन का कार्य किया जाता है जिसमें बहुत परेशानी होती और जिसके किये सिर्फ 3 अध्यापिकायों को ही नियुक्त किया गया है |
#प्राथमिक_विद्यालय_भट्टागांव_नगर_क्षेत्र_झाँसी - उपरोक्त विद्यालय में किये गए सर्वे में मिली जानकरी के अनुसार विद्यालय में कुल छात्र/छात्राओं की संख्या 60 बताई गायी है, जब वर्ग व समुदाय के आधार पर आंकलन करने की कोशिश की गई तो SC/ST व OBC के कुल छात्र/छात्राओं की संख्या को प्रधानाध्यापिका द्वारा स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया, लेकिन Minority से 01 छात्र बताया गया और GENERAL से एक भी छात्र का उपरोक्त विद्यालय में प्रवेश नहीं दिखाया गया, जिनमे 5 कक्षाओं को संचालित करने के लिए 2 अध्यापिकायों एवं 1 शिक्षा मित्र को ही नियुक्त किया गया है तथा जिनके शिक्षण कार्य के लिए 4 कमरों का निर्माण किया गया है लेकिन जब उपरोक्त विद्यालय में टीम के द्वारा सर्वे किया जा रहा था तभी बच्चों का मिड-डे-मील का खाना चल रहा था जिसके खाने में सब्जी में पानी और आलू अलग-अलग नजर आ रहे थे और जिनछात्र/छात्राओं ने खाना लिया वो छात्र/छात्रायें अपने-अपने खाने के वर्तन भी साफ कर रहे थे |
#प्राथमिक_विद्यालय_खिरकपट्टी - अब हम बात करते हैं खिरकपट्टी में बने प्राथमिक विद्यालय की जिसमें कुल छात्र/छात्राओं की संख्या 54 इंगित की गई हैं, जब वर्ग व समुदाय के आधार पर आंकलन करने की कोशिश की गई जिसमें SC/ST के कुल छात्र/छात्रायें 50, OBC के 04, Minority के 00 छात्र/छात्रायें का आकड़ा दर्शाया गया और GENERAL वर्ग से किसी भी छात्र/छात्राओं द्वारा प्रवेश नहीं लिया गया और इन छात्र/छात्राओं के अध्यापन के लिए सिर्फ और सिर्फ एक अध्यापिका को नियुक्त किया गया है और उसे ही उपरोक्त का प्रभारी भी बनाया गया है साथ ही एक शिक्षा मित्र की भी नियुक्ति की गई है जिनके ऊपर 5 कक्षाओं के संचालन का भार भी है साथ ही देखा कि उपरोक्त विद्यालय की ही हालत बहुत ही ख़राब हो चुकी है जो कि अनहोनी को आमंत्रण भी दे रहा है और बताया गया कि कई बार शासन-प्रशासन को इसकी लिखित रूप में सूचना भी दी गई लेकिन शासन-प्रशासन के कान में जूं तक नहीं रेंगा और अपनी जिम्मेदारी को नजरअंदाज कर रहे हैं तथा बच्चों के साथ खिलवाड़ भी किया जा रहा है |
अंत में एक और......................
#प्राथमिक_विद्यालय_सिंगर्रा_नगर_क्षेत्र_झाँसी - अब हम बात कर रहे हैं उपरोक्त विद्यालय की जिसमें कुल छात्र/छात्राओं की संख्या 31 दार्शायी गई हैं, जब वर्ग, जाति व समुदाय के आधार पर आँकड़ा से पता चला कि विद्यालय में SC/ST के कुल छात्र/छात्रायें 02, OBC के 24, Minority के 04 छात्र/छात्रायें का आकड़ा दर्शाया गया और GENERAL वर्ग से सिर्फ 01 छात्र का प्रवेश दिखाया गया है जो कि इसी सत्र में प्रवेश लिया गया है, बाद में प्रधानाध्यापक द्वारा प्राप्त जानकारी से पता चला की उपरोक्त विद्यालय भी 5 कक्षाओं को संचालित करने के लिए सिर्फ 2 अध्यापकों को ही नियुक्त किया गया है साथ ही सिर्फ 3 कमरों का ही निर्माण किया गया है |
#भीमा फाउंडेशन व साथी संगठनों द्वारा किये जा रहे सर्वे से एक बात तो स्पष्ट हो रही है कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान के अंतर्गत सब पढ़ें-सब बढ़ें की योजना सफ़ेद हाथी के सामान दिखाई दे रही है क्योंकि #आज भी आजादी के 70 साल बाद जहाँ सरकारों द्वारा डंका पीटा जाता है कि #सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत सभी समुदाय के बच्चों को शिक्षा दिलाने का कार्य किया जा रहा है लेकिन आज भी ज्यादातर स्चूलों में छात्राओं से #झाड़ू लगवाई जाती है और खाने वाली थालियाँ भी स्वंय ही धुलनी पडती हैं यहाँ तक कि कुछ छात्र/छात्राओं द्वारा अपने घर से लाये हुए वर्तन में खाना खाया जाता है, #असल बात तो ये है कि किसी भी सरकार की कोई मंशा ही नहीं हैं कि दलितों, पिछड़ों, मुस्लिमों, अल्पसंख्यकों का शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक, एवं राजनैतिक विकास किया जाये | सरकारों द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किये जाते हैं कि सभी वर्ग, समुदाय एवं जाति के लोगों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही अध्यापन का कार्य कराया जाये लेकिन असल बात तो ये है कि सामान्य वर्ग का व्यक्ति सरकारीं स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ना ही नहीं चाहता है और सरकारें निजी स्चूलों को मान्यता पर मान्यता दिए जा रही है लेकिन निजी विद्यालयों में भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(C) का अनुपालन भी नहीं किया जा रहा है |
Bheema Foundation is a registered non-profit organization, working Right based Approach in Uttar Pradesh with women’s, girl’s rights & dignity with Higher Education, Social Justice emphasis on dalit, minorities, young girls, children and women.