07/08/2016
जिन्दादिली भी कोई चीज होती है ?
कहते hain एकबार गोरखपुर जेल में जेलर स्टिफन ramprsad विस्मल से मिलने गया उसन देखा विस्मल तो गाना गा रहा हैऔर साथी कैदियों को चुटकुले सुना सुना कर हंसा रहा है जेलर ने कहा - रामप्रसाद ! तीन दिन बाद तुम्हे तो फ़ान्सी होने वाली है .. तुम यह सब क्या कर रहे हो? विस्म्ल ने कहा -ह्हां जेलर साहब फ़ान्सी तो होगी ; लेकिन तीन दिन पहले मुझे नही मरना. तीन दिन तक तो मुझे हंस कर मुझे जी लेने दो !
जिस पर किसी शायर ने कहा है -
पसीना मौत का माथे पर आया है
आइना लाओ.
हम अपनी जिन्दगी की आखरी तस्वीर
देखेंगे.
कि मरते समय हम लगते कैसे हैं ?