20/02/2026
नीम करोली बाबा (जिन्हें भक्त प्यार से महाराज जी कहते हैं) 20वीं सदी के सबसे महान और रहस्यमयी संतों में से एक माने जाते हैं। उनका प्रभाव केवल भारत तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि एप्पल के स्टीव जॉब्स और फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग जैसी वैश्विक हस्तियों ने भी उनसे प्रेरणा ली है।
यहाँ उनके जीवन और दर्शन से जुड़ी मुख्य जानकारी
1. प्रारंभिक जीवन और नाम
मूल नाम: उनका जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका असली नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था।
नीम करोली नाम कैसे पड़ा: कहा जाता है कि एक बार वे बिना टिकट ट्रेन में सफर कर रहे थे और टीटीई ने उन्हें 'नीम करोली' नामक गाँव के पास ट्रेन से उतार दिया। उनके उतरते ही ट्रेन टस-से-मस नहीं हुई। जब रेलवे अधिकारियों को उनकी दिव्यता का एहसास हुआ और उन्होंने माफी मांगी, तब ट्रेन चली। तभी से उन्हें 'नीम करोली बाबा' के नाम से जाना जाने लगा।
2. मुख्य आश्रम और स्थान
महाराज जी ने अपने जीवनकाल में कई आश्रम बनवाए, लेकिन दो स्थान सबसे प्रमुख हैं:
कैंची धाम (नैनीताल, उत्तराखंड): यह उनका सबसे प्रसिद्ध आश्रम है। यहाँ हर साल 15 जून को विशाल भंडारा होता है, जहाँ लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं।
वृंदावन आश्रम: बाबा ने अपने जीवन के अंतिम क्षण यहीं बिताए और यहीं उनकी समाधि स्थित है।
3. सरल दर्शन: "सबकी सेवा करो"
बाबा किसी कठिन योग या तपस्या का उपदेश नहीं देते थे। उनका दर्शन बहुत सरल था:
"Love everyone, Serve everyone, Remember God, Tell the truth."
(सभी से प्रेम करो, सबकी सेवा करो, भगवान को याद रखो और सत्य बोलो।)
वे खुद को एक साधारण व्यक्ति की तरह रखते थे और अक्सर एक कंबल ओढ़े रहते थे, जो उनकी पहचान बन गया।
4. वैश्विक प्रभाव (हनुमान भक्ति)
बाबा को भगवान हनुमान का स्वरूप माना जाता है। उनके भक्त दुनिया भर में फैले हुए हैं:
स्टीव जॉब्स: एप्पल के संस्थापक 1970 के दशक में आत्मिक शांति की तलाश में कैंची धाम आए थे।
मार्क जुकरबर्ग: जब फेसबुक बुरे दौर से गुजर रहा था, तब स्टीव जॉब्स की सलाह पर जुकरबर्ग भी कैंची धाम आए थे।
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा: हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली भी अपनी पत्नी के साथ बाबा के दर्शन करने पहुंचे थे।
आज मैं भी उनकी शरण में पहुंचा हूं 🙏💐😊
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