05/04/2020
मित्रों आजकल समाज में कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव है जानबूझकर आम जनता पर पुलिस पर डॉक्टरों पर थूक रहे हैं जानते हैं किससे इनको भी कोरोनावायरस की बीमारी लग जाएगी ऐसे लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही होना जरूरी इस संबंध में भारतीय दंड संहिता आईपीसी की धारा 319 यह परिभाषित करती है की उपहती क्या है अंग्रेजी में हर्ट को डिफाइन करती है जिसके अनुसारwhosoever causes bodily pain disease or infirmity to any person is said to cause hurt अर्थात जो शरीर में पीड़ा रोग अंग शिथिल कार्य करता है उपहती करता है धारा 320 घोर उपहति को परिभाषित करती है जिसमें 8 प्रकार की बताई गई है आठवीं प्रकार any hurt which endangerous life or which causes the sufferer to be during the space of 20 days in in severe bodily pain or unable to follow his ordinary pursist अर्थात कोई उपहति जो जीवन को संकटआपन करती है इसमें शामिल है कोरोनावायरस से उत्पन्न होने वाली बीमारी जानलेवा है तब कॉरना पॉजिटिव द्वारा जानबूझकर थूकना ग्रीवस हर्ट के रूप में माना जावेगा वही धारा 325 इसके लिए दंड का प्रावधान करती जो कि 7 साल तक का दंड होगा जिसमें फाइंन भी शामिल है आम लोगों के लिए हुआ जब यही हरकत यदि लोक सेवक को अपने कर्तव्य में कर्तव्य से भयो परत करने के लिए की जाती है तो वह धारा 333आईपीसी के तहत दंड नहीं होकर 10 वर्ष तक के दंड से दंडित हो सकेगी जिसमें जुर्माना भी शामिल है सौभाग्य से यदि किसी को कोरोनावायरस की बीमारी ना भी लगे तो भी धारा 511 आईपीसी के तहत भी ग्रीवियस हर्ट के लिए दिए गए मैक्सिमम पनिशमेंट के आधे अर्थात 325 की दशा में 7 साल की जगह 3.5और 333 की दशा में 5 साल से दंडनीय अपराध का दोषी है । धारा 325 एवं 333 जे सीबी स्थिति के साथ धारा 307 में भी चार्ज लग सकता है वहीं धारा 44 क्षति को परिभाषित करती है जो यह कहती है कि क्षति शब्द किसी प्रकार की अपहानी का घोतक है जो किसी व्यक्ति के शरीर मन ख्याति या संपत्ति को अवैध रूप से कार्य हुई हो अर्थात इंजरी इंक्लूड्स हर्ट ऑफ बॉडी माइंड एंड प्रॉपर्टी 299 आईपीसी कहती है whoever causes death by doing and act with the intention of causing death or with the intention of causing such bodily injury as is likely to cause death or with the knowledge that he is likely by Such an act to cause death commits the offence of culpable homicide अर्थात कोई कार करके मृत्यु कार्य कर देता है जिसको करते समय यह संभावित जानता है कि मैं उस कार्य से मृत्यु कार्य कर देगा मानव वध का अपराध करता है धारा 300आईपीसी कहती है कि चार कंडीशन में कल्पेबल होमीसाइड मर्डर होगा इसकी चौथी कंडीशन कहती है कि यदि कार्य करने वाले व्यक्ति यह जानता हूं कि कार्य इतना आसन संकट है की पूरी अभी संभाव्यता है कि वह मृत्यु कार्य कर देगा या ऐसी शारीरिक क्षति कार्य कर देगा जिससे मृत्यु कार्यत होना संभव है और मृत्यु कार्य करने या पूर्ण रूप से की क्षति कार्य करने का जोखिम उठाने के लिए किसी प्रति हेतु के बिना ऐसा कार्य करें अर्थात if the person committing an act knows that it is show imminently dangerous that it must in all probability cause death or such bodily injury is likely to cause death and commit such at without any excuse for or encouraging the risk of causing death or such body injury as aforesaid कोरोनावायरस जानलेवा हम जानते तब ऐसे में यदि उसके द्वारा किए गए ऐसे कृत्य से दुर्भाग्य से किसी की मृत्यु कार्यत हो जाती है तो धारा 299 के तहत अपराधिक मानव वध है जोकि की धारा 300 की कंडीशन को पूरा करता है इसलिए हत्या की कैटेगरी में आएगा और वह धारा 302 आईपीसी के तहत दंडनीय होगा यहां धारा 301 का जिक्र करना भी आवश्यक है मान लो जिस पर थूका उस व्यक्ति को कोरोनावायरस से मृत्यु कार्य नहीं नहीं हो किसी अन्य की हो जाए तो विधारा 301 के तहत दंडनीय होगा ऐसे ही मन किया आपसे इस बारे में मत लेने का बताओ शायद मैं सही हूं🙏🏻