Jain & Associates

Jain & Associates Consultancy of Madhya Pradesh VAT, Central Excise and Service tax matters.

26/06/2017

BEFORE 1st JULY 2017, WHAT YOU HAVE TO DO .........

1. Get a detailed working with quantitative details of your closing stock, till 30.6.2017 before GST implementation.

2. Finalize your books of accounts upto 30.06.2017 to ensure all credits have been taken into account.

3. Correct the mismatches in your return. If revised return needs to be filed, file it immediately.

4. Collect all your forms before July

5. Collect all tax documents for your closing stock to fill GST TRANS FORMS.

6. Do stock aging in order to get input tax credit for inputs in goods purchased within 12 months from 01.7.2017. and Sell it your sister concern where stock is older than 12 months, or try selling them off.

7. Get your invoice format ready.

8. Get HSN CODES for the products and services you would sale and circulate it.

9. Give your ARN to suppliers.

10. Materials sent to Job Worker locations can be returned with 6 months and no GST on the same would be leviable.

11. Analyze your Profit and Loss Account and also expenses which would be paid under RCM basis.

12. Compile document for all states where you would be getting registered.

29/02/2016

Expart view on madhya pradesh budget. ..

29/02/2016

Dear Professional Colleague and Clients ,

Service tax leviable on any services provided by Government or Local Authority to a Business Entity w.e.f 1-4-2016

Background -

Presently, in terms of Section 66D(a)(iv) of the Finance Act, 1994 (“the Finance Act”) read with Rule 2(1)(d) of the Service Tax Rules, 1994 (“the Service Tax Rules”), only ‘support services’ provided by Government or a Local authority to a Business Entity are liable to Service tax under Reverse Charge except (1) renting of immovable property, and (2) services specified in sub-clauses (i), (ii) and (iii) of clause (a) of Section 66D of theFinance Act.
Section 66D(a) of the Finance Act existing as on date is reproduced hereunder for ease of reference:
“66D. The negative list shall comprise of the following services, namely:--
(a) services by Government or a local authority excluding the following services to the extent they are not covered elsewhere-
(i) services by the Department of Posts by way of speed post, express parcel post, life insurance and agency services provided to a person other than Government;
(ii) services in relation to an aircraft or a vessel, inside or outside the precincts of a port or an airport;
(iii) transport of goods or passengers; or
(iv) support services other than services covered under clauses (i) to (iii) above, provided to business entities;”
However, the Finance Act, 2015 vide Section 109(1) thereof, proposed to substitute the words ‘support services’ by the words ‘any service’, which was supposed to come into effect from such date as the Central Government may notify, by notification in the Official Gazette.

April 1, 2016 appointed as the date on which the provisions of Section 109(1) of the Finance Act, 2015shall come into effect

The Ministry of Finance, Department of Revenue vide Notification No. 06/2016-Service Tax dated February 18, 2016 (“the Notification No. 06”) has notified that the changes in relation to the Negative List of services contained under Section 66D(a)(iv) of the Finance Act shall be effective from April 1, 2016.
Effective from April 1, 2016, under clause (iv) of Section 66D(a) of the Finance Act, the words ‘support services’ will be substituted by the words ‘any service’ thereby, to exclude from the Negative List, any services provided by the Government or Local authority to a Business Entity.

Continue ......

29/02/2016

मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री के द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17
के लिए पेश बजट मे वैट एक्ट के प्रावधानों की समीक्ष
राज्य सरकार के द्वारा बजट मे विभिन्न वस्तुओं पर छुट प्रदान की है। ज्ञातव्य हो कि राज्य सरकार के द्वारा बजट के पूर्व कर की दरों मे वृध्दि कर दी गई थी। अतः सरकार को बजट मे अधिक वस्तुओं पर वैट नही बढाना पडा जिसके कारण होने वाली आलोचनाओं का सामना नही करना होगा।
बजट के मुख्य-मुख्य बिंदु इस प्रकार है:-
1.पर्यावरण की सुरक्षा
पर्यावरण की सुरक्षा हेतु बैटरी चलित कार एवं रिक्शा, जैविक कीटनाशक, बायो डिग्रेडेबल बैग एवं लिफाफे, इंडक्शन चुल्हे एवं बर्तन इत्यादि पर कर की दरों मे कमी प्रस्तावित की गई है ताकि इन वस्तुओं के उपयोग से पर्यावरण की रक्षा की जा सके। साथ ही पर्यावरण को दूषित करने वाली वस्तुओं जैसे कि प्लास्टिक का समान, गैस गीजर पर कर की दर मे वृध्दि प्रस्तावित है जिससे इन वस्तुओं के उपयोग को हतोत्साहित किया जा सकेगा।
2.स्वास्थ्य
स्वास्थ्य को बढावा देने हेतु सोया मिल्क डायलिसिस मशीन इत्यादि को सस्ता किया गया है।
3.करो का युक्तियुक्तकरण
3.1 हाल ही मे राज्य सरकार के द्वारा सभी प्रकार के वाहनों पर वैट की दर को 14 % से बढाकर 15 % किया गया था किन्तु पास के राज्यों मे हैवी मोटर व्हीकल पर कर की कम दर को देखते हुए हैवी मोटर व्हीकल पुनः 14 % किया जाना प्रस्तावित है।
3.2 पूर्ण दर से कर चुकाकर क्रय किए गए माल को अन्तर्राज्यीय विक्रय मे बेचने पर मध्यप्रदेश मे चुकाये गए पूर्ण कर का रिफण्ड प्रदान करना होता है जिससे राजस्व मे कमी आती है। इस समस्या के समाधान हेतु यह प्रावधान लाए जा रहे है कि व्यवसायी के द्वारा जितना केन्द्रीय विक्रय कर जमा किया जाएगा उसे उतना ही आयटीआर प्राप्त होगा।
4.व्यापारियों को सुविधाएं
4.1 वर्तमान मे 20 लाख तक के टर्नओवर वाले व्यवसायियों को वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत करने की पात्रता है। इस लिमिट को 20 लाख से बढाया जाकर 40 लाख किया जा रहा है।
4.2 व्यवसायियों को विभाग से पासवर्ड डाक के माध्यम से प्राप्त होता है जिसमे विलम्ब होने से व्यवसायियों को परेशानियों का सामना करना पडता है। इस समस्या के समाधान हेतु अब पासवर्ड व्यवसायी को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त हो जाएगा जिससे व्यवसायी तुरंत अपना कार्य कर सकेंगे।
4.3 वित्तीय वर्ष 2011-12 तक के प्रकरणो मे विवादित बकायाकरों के समाधान हेतु कर समाधान स्कीम लायी जा रही है।
4.4 वर्तमान मे व्यवसायी को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट विभाग से मेन्युअली प्राप्त करना होता है। किन्तु अब व्यवसायी इसे अपने डीलर प्रोफाइल से डाउनलोड कर सकेंगे। इसी के साथ व्यवसायी अपने कर निर्धारण आदेश, उनके द्वारा जमा किए गए कर, विभाग के द्वारा जारी नोटिस एवं वैधानिक फार्म की जानकारी अपने डीलर प्रोफाइल से प्राप्त कर सकेंगे।
4.5 वर्तमान मे ई-कामर्स कम्पनियों के द्वारा प्रदेश के बाहर से प्रदेश के ग्राहकों को सीधे माल बेचा जा रहा है जिससे जहां एक ओर राज्य सरकार को कोई राजस्व प्राप्त नही हो रहा है वही दूसरी ओर स्थानीय खेरची व्यापारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है इस समस्या के समाधान हेतु ई-कामर्स कम्पनियों के द्वारा माल के मध्यप्रदेश के सीधे विक्रय किए जाने पर 6 % की दर से प्रवेशकर देय होगा। इससे ई-कामर्स कम्पनिया मध्यप्रदेश के व्यवसायियों के माध्यम से माल का विक्रय करने को बाध्य होगी।
4.6 नए मल्टीप्लेक्स
4.7 अभ्यास पुस्तिका, ग्राफ बुक, ड्राईंग बुक, प्रयोगशाला नोट बुक के निर्माताओं के द्वारा क्रय किए गए कागजों पर 5% के स्थान पर 2% का रिर्वसल किया जाकर 3% की दर से इनपुट टैक्स रिबेट दिया जाना प्रस्तावित है।
5. प्रशासनिक कसावट
5.1 वर्तमान मे मासिक कर दाताओं को कर अगले माह की 10 तारीख तक जमा कराने की सुविधा प्राप्त है किन्तु अब 10 तारीख के स्थान पर व्यवसायियों को 6 तारीख तक ही कर जमा कराना होगा।
5.2 वर्तमान मे कर विलंब से जमा कराने पर 1.5% प्रतिमाह ब्याज देय होता है। किन्तु अब प्रथम 3 माह मे ही 1.5% की दर से ब्याज देय होगा। 3 माह के पश्चात विलंब जारी रहने पर 2% की दर से ब्याज देय होगा।
5.3 मध्यप्रदेश के भीतर चाय, लोहा एवं इस्पात, ऑइल सीड, पान मसाला एवं खाद्य तेल पर स्थानीय ट्रांजीट पास के द्वारा ही माल परिवहित किया जा सकेगा।
5.4 वर्तमान मे पीथमपुर का क्षेत्राधिकार धार मे होने से उधोगपतियों को परेशानी का सामना करना पडता है अतः इस समस्या के समाधान हेतु पीथमपुर का क्षेत्राधिकार इन्दौर मे तथा मालनपुर का क्षेत्राधिकार ग्वालियर मे स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है।
5.5 वर्तमान मे केवल 66 वस्तुओं पर फार्म 49 लागु है। अब सभी करयोग्य वस्तुओं को मध्यप्रदेश मे लाने पर फार्म 49 लागु किया जाना प्रस्तावित है।
5.6 अपंजीयत ठेकेदारों से अब 2% के स्थान पर 3% की दर से स्तोत्र पर कटौती की जाएगी।
5.7 मेन्यूअल पंजीयन की व्यवस्था पूर्णतः समाप्त की जा रही है।
5.8 वृत्तिकर अधिनियम एवं विलासिता अधिनियम के अंतर्गत भी पंजीयन जारी करने हेतु एक दिन की समय सीमा लागु की जा रही है।
5.9 आयुक्त वाणिज्यिक कर द्वारा प्रशासित समस्त विधानों के तहत पंजीयत व्यवसायियों के लिए यूनिक आई डी (पंजीयन क्रमांक) की व्यवस्था की जा रही है।
5.10 एक पक्षीय कर निर्धारण आदेश के निराकरण हेतु 60 दिन की समयावधि निश्चित की जा रही है
6. कर की दरों मे कमी
6.1कर से मुक्ति:-
o सुखे बेर को 5 % से घटाकर 0%।
o बेर चूर्ण को 14 % से घटाकर 0%।
o 38 कृषि यंत्रों को 5 % से घटाकर 0 %।
o बैटरी चलित कार एवं रिक्शा को 5 % से घटाकर 0 %।
o बायो डिग्रेडेबल सामग्री से निर्मित बैग एवं लिफाफे को 5 % से घटाकर 0 %।
o तेल रहित खली, सोयामील, कपास्या खली, मक्का खली पर 0 %।
6.2 कर की दर मे कमी:-
o सेना मे कार्यरत अधिकारियों/जवानों को केन्टीन स्टोर से बेचे जाने वाली कार पर 15 % के स्थान पर 4 %।
o 12 हजार किलोग्राम से अधिक के बाहर के वाहन पर 15 % के स्थान पर 14 %।
o सोयामील, डायलिसिस मशीन एवं कंज्यूमेवल्स, बायो आधारित धुंआ रहित चुल्हा, गैस स्टोव तथा इंडक्शन कुक टॉप के पार्टस एवं एसेसरीज पर 14 % के स्थान पर 5 % की दर से वैट लागु किया जाना प्रस्तावित है।
6.3 कर की दरों मे बढोत्री।
o प्लास्टिक थैली, प्लास्टिक से निर्मित कप, ग्लास, प्लेट, थाली, कटोरी, कांटा, छुरी, चम्मच तथा पोलीथिन थैली एवं प्लास्टिक बैग तथा एच.डी.पी.ई बैग तथा सैक को छोडकर अन्य सैक पर कर की दर 5 % से बढाकर 14 % किया जाना प्रस्तावित है।
o 10 हजार रू. मूल्य से अधिक की सायकल पर 0 % के स्थान पर 5 % वैट प्रस्तावित है।
o ग्लास मिरर तथा गैस गीजर पर 5 % के स्थान पर 14 % कर।
7. प्रवेशकर।
7.1 प्रवेशकर की पूर्व की रियायतों को यथावत् रखा जाएगा।
7.2 नैचुरल गैस को मध्यप्रदेश के बाहर से आयात कर सी-2/सी-3 के निर्माण मे उपयोग करने पर प्रवेशकर सामान्य दर से लागु।
8. केन्द्रीय विक्रय कर।
8.1 केन्द्रीय विक्रय कर की पूर्व की रियायतों को यथावत् रखा जाएगा।
9.मनोरंजन कर।
9.1 मनोरंजन कर की छुट सिनेमाघरों के भु-स्वामी के अतिरिक्त पट्टे पर लेने वाले पट्टेदार को भी दिया जाना प्रस्तावित है।

Expart view on madhya pradesh budget. ..
29/02/2016

Expart view on madhya pradesh budget. ..

23/01/2016

मध्यप्रदेश मे माल के प्रवेश कराने पर लगने वाले फार्म 49 के लिए निर्धारित मालों की सूची का विस्तार।अधिसूचना क्रमांक १० दिनाकं २२.०१.१६ से तत्काल प्रभाव से लागु हो गई है ............
मध्यप्रदेश राज्य मे माल को प्रवेश कराने के लिए व्यवसायियों को अधिसूचना क्रमांक (25) दिनांक 31.03.06 के अनुसार कुल 34 वस्तुओं पर फार्म 49 जांच वाणिज्यिक कर जांच चैंकियों पर प्रस्तुत कर उन्हें पास करवाना अनिवार्य है। राज्य शासन के द्वारा अधिसूचना क्रमांक (25) मे संषोधन करते हुए 32 अन्य नई वस्तुओं को इस सूची मे सम्मिलित कर लिया गया है। इस प्रकार अब कुल 66 वस्तुओं को मध्यप्रदेश मे प्रवेश कराने पर फार्म 49 लागु हो गया है। यह संशोधन अधिसूचना क्रमांक 10 दिनांक 22.01.2016 के द्वारा लाया गया है। नई जोडी गई वस्तुओं पर फार्म 49 दिनांक 22.01.2016 से प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य किया गया है। अधिसूचना के द्वारा जोडी गई वस्तुओ की विगत निम्नानुसार है।

35.सभी प्रकार के कन्फेक्षनरी वस्तुएं बिस्कीट, नमकीन ओर बेकरी गुड्स।
36.सभी प्रकार के तेल रहित खली (डीओसी) जिसमे सोयामील शामिल है।
37.सभी प्रकार के फेब्रीक्स।
38.सभी प्रकार के मोटर वाहन।
39.सभी प्रकार के खेल के सामान।
40.सभी प्रकार के सुटकेस ओर बेग।
41.सभी प्रकार के टायर, ट्यूब ओर फ्लैप्स।
42.सभी प्रकार के ग्लास एवं उससे बने सामान।
43.सभी प्रकार के खिलौने।
44.सभी प्रकार की घडियां एवं दिवार घडियां।
45.सभी प्रकार की अलोह धातु स्क्रैप।
46.एब्सटर्स शीट एवं उनसे बनी वस्तुएं।
47.एल्यूमिनीयम ओर उससे बनी वस्तुएं।
48.कांटेदार तार।
49.सीमेंट ओर उससे बनी वस्तुएं।
50.केमिकल।
51.कम्प्यूटर एवं उसके पार्टस तथा इन्फाॅर्मेषन टेक्नालाॅजी गुड्स।
52.तांबा ओर उससे बनी वस्तुएं।
53.डी. जी. सेट्स।
54.प्लास्टिक और पेपर से निर्मित दोना पत्तल, ग्लास ओर कप।
55.विस्फोटक।
56.फ्लष डोर।
57.चश्में, लैंसेस एवं पार्टस।
58.शराब।
59.मिनरल वाटर।
60.मिल्क पावडर ओर सोया मिल्क पावडर।
61.माॅस्कीटो एवं इनसेक्ट रिपलेन्ट।
62.नाॅन अल्कोहोलिक बेवरेजेस।
63.प्री-फेब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर।
64.तंबाकु।
65.ट्रेक्टर, ट्रेक्टर एसेसरीज एवं पार्टस।
66.प्लास्टिक से बने हुए वाटर स्टोरेज टैंक।

“ जिन वस्तुओ को मध्यप्रदेश में लाने के लिए फॉर्म 49 आवश्यक है उनकी संख्या लगभग दो गुनी किये जाने पर जहा एक ओर व्यवसाईयो की परेशानी बढेगी वही दूसरी ओर राजस्व संग्रहण में कसावट आने से कर अपवंचन पर रोक लगेगी|”

“ फॉर्म 49 केवल उन वस्तुओ पर लागू किया जाता है जिन वस्तुओ पर कर अपवंचन की अधिक आशंका होती है किन्तु ऐसी वस्तुओ की लिस्ट को एकदम से लगभग दोगुना किया जाना समझ से परे है|”

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