04/06/2026
चीखों से गूंजती रही रात, और इंसानियत आग में झुलसती रही...
दिल्ली के उस होटल में लगी आग केवल एक हादसा नहीं थी, बल्कि लापरवाही की उन चिंगारियों का परिणाम थी, जिसने 21 जिंदगियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। कोई अपनी मां को पुकार रहा था, कोई अपने बच्चे को सीने से लगाकर धुएं से लड़ रहा था, तो कोई खिड़की से कूदकर मौत और जिंदगी के बीच आखिरी संघर्ष कर रहा था।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इन मौतों का कारण केवल आग नहीं थी, बल्कि वे अनदेखी, वे नियमों की अवहेलना और वह बेपरवाही थी, जिसने लोगों को जलती इमारत में कैद कर दिया।
आज उन 21 परिवारों के घरों में चूल्हे नहीं, सिसकियां जल रही हैं। कुछ बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया, तो कुछ मां-बाप अपने जवान बेटों-बेटियों की तस्वीरों को देखकर बिलख रहे हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति दें।
आग बुझ गई होगी, लेकिन उन परिवारों के दिलों में उठी लपटें शायद कभी नहीं बुझेंगी...🕯️💔
#दिल्ली_अग्निकांड #श्रद्धांजलि