12/08/2025
अक्सर करके यह विवाद सामने आता है कि नागरिक बीमा लाइफ पर करवाते हैं और प्रीमियम जमाना करने के कारण पॉलिसी लैप्स हो जाती है अब प्रश्न उठता है कि जो प्रीमियम जमा किया गया था उसका क्या होगा माननीय राष्ट्रीय आयोग ने सीपीजे 2025 वॉल्यूम थर्ड पेज 99 मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम मांदकट बालकृष्णन एवं अन्य के अपील में पारित निर्णय में यह सिद्धांत प्रतिपादित किया कि यदि बीमा धारा के द्वारा बीमा के प्रीमियम को जमाना करने के कारण यदि पॉलिसी लेप्स हो जाती है तो बीमा कंपनी अनिवार्य रूप से प्रीमियम की राशि को बीमा धारक को वापस कर देगी ब्याज सहित परंतु अक्सर करके बीमा कंपनी उपभोक्ता को प्रीमियम की राशि वापस नहीं करते हैं उनका कहना होता है कि यदि पॉलिसी 3 साल चली है तो उपभोक्ता को बीमा धारक को सरेंडर वैल्यू प्राप्त करने का अधिकार होगा जो की बीमा के प्रीमियम राशि का 75% होगा 3 साल से कम अवधि में यदि पॉलिसी लिप्स होती है तो कोई राशि वापस नहीं होगी माननीय राष्ट्रीय आयोग का यह निर्णय मिल का पत्थर की भांति साबित होगा.