17/04/2026
भारतीय न्याय प्रणाली में 1 जुलाई 2024 से हुए बदलावों के भारतीय न्याय संहिता Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 ( BNS ) ने ब्रिटिशकालीन भारतीय दंड संहिता, 1806 ( IPC) की जगह ले ली है। BNS 2023 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन्हीं में से एक है धारा 87, जो “सहमति यानि Consent से किए गए कार्य” को लेकर स्पष्ट कानूनी दिशा-निर्देश प्रदान करती है। आइए आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं कि यह धारा क्या कहती है, इसका उपयोग कब होता है और इसके तहत क्या सजा हो सकती है।
भारतीय न्याय संहिता BNS 2023 की धारा 87 मूलत: किसी स्त्री के अपहरण, भगा ले जाना या किसी स्त्री को विवाह के लिए विवश करने हेतु प्रेरित करने के संदर्भ में है। इसके अनुसार जो कोई किसी स्त्री का अपहरण करता है या उसे भगा ले जाता है, इस आशय से कि उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी व्यक्ति से विवाह करने के लिए विवश किया जाए अथवा उसे अवैध यौन संबंध के लिए विवश या प्रलोभित किया जाए तो ऐसा करने वाले आरोपी को ऐसे में किसी भी प्रकार के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक हो सकेगी, दंडित किया जाएगा। इतना ही नहीं वह वह जुर्माने का भी भागी होगा।