Karn veer singh chauhan

Karn veer singh chauhan Whistleblower & Rti Activist

फ्रांस में एक तैराक हुए, जेवियर! फ्रांस के लिए उन्होंने ओलंपिक तक खेला। उन्हें फ्रांस के अच्छे तैराकों में गिना जाता रहा...
17/08/2024

फ्रांस में एक तैराक हुए, जेवियर! फ्रांस के लिए उन्होंने ओलंपिक तक खेला। उन्हें फ्रांस के अच्छे तैराकों में गिना जाता रहा है। पर जेवियर दुर्भाग्यशाली थे, उन्हें ओलंपिक में स्वर्ण पदक नहीं मिला।
जेवियर की पत्नी भी तैराक हैं, उन्होंने भी फ्रांस के लिए ओलंपिक में भाग लिया है। पर मैडल उनके भाग्य में भी नहीं। सम्भव है कि वे दुर्भाग्यशाली हों, या उनमें गोल्ड जीतने लायक प्रतिभा न हो।
एक ओलंपिक में जेवियर उस माइकल फेलेप्स के साथ भी तैरे थे, जो ओलंपिक का बादशाह है। जिसके पास सबसे अधिक पदक हैं। फेलेप्स के आगे तो उन्हें हारना ही था, वे हार गए।
जेवियर के मन मे वह हार बैठ गयी। वह हार उसे हमेशा दर्द देती रही, तड़पाती रही। पर करते क्या? उन्हें यह बात तो समझ आ गयी थी कि उनमें उतनी प्रतिभा नहीं जो ओलंपिक में अपना राष्ट्रगान बजवा सकें। जेवियर ने अपनी उम्मीदों को अपने बेटे में ढूंढना शुरू किया।
उनके लड़के में भी प्रतिभा थी। आखिर उसके माता-पिता ओलंपियन थे। जेवियर पति पत्नी अपने बच्चे के पीछे कड़ी मेहनत करने लगे। लड़का भी ओलंपिक पहुँचा। टोक्यो ओलंपिक में वह छठवें स्थान पर रहा। पदक से दूर, बहुत दूर...
जेवियर चैन से नहीं बैठता था। ओलंपिक गोल्ड उसकी आँखों के आगे नाचता था। उसने अब अपने बेटे के लिए वह ट्रेनिंग स्कूल चुना, जिसमें माइकल फेलेप्स का कोच रहा बाउमैन हेड कोच था। जेवियर हर वह प्रयास कर लेना चाहता था, जो उसके बेटे के विजेता बनने में सहायक होता।
लड़का भी अपना सबकुछ झोंक रहा था। उसके जीवन का एकमात्र आंदोलन ओलंपिक गोल्ड पाने लायक स्पीड पाने का था। वह तैर रहा था, और केवल तैर रहा था।
उसके कोच को भी भरोसा था उसपर। उसने पहले ही दिन से समझ लिया था कि यह लड़का कमाल करेगा। वह भी उसके साथ जी जान से लगा हुआ था।
फिर आया ओलंपिक 2024। जेवियर पति-पत्नी की उम्मीदें आसमान पर थीं। बेटे का एक गोल्ड उन्हें जीवन भर का सुकून देने वाला था।
बताता चलूं, खेल छोड़ने के बाद उस पति पत्नी ने कोई और काम नहीं किया। वे अपना सारा समय और सारा धन अपने बेटे पर खर्च करते रहे। क्यों? बस इसलिए कि एक पदक आये। स्वर्ण आये।
तो सुनिये। 2024 के ओलंपिक में उनका बेटा 4 स्वर्ण के साथ कुल पांच पदक लेकर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बना है। फेस ऑफ द गेम, लियोन मर्चेंड!

करता क्यों बगावत मै यदि मौत का डर होता,चढ़ाता भेंट माता को यदि एक और सर होता ।-वीर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ादआज चन्द्रश...
23/07/2024

करता क्यों बगावत मै यदि मौत का डर होता,
चढ़ाता भेंट माता को यदि एक और सर होता ।

-वीर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद

आज चन्द्रशेखर आज़ाद जी के जन्म दिवस पर शत शत नमन !!

जेल, कफ़न, कवच, ज्योतिप्रेमचंद लाए सामाजिक जागृति'कलम के सिपाही' मुंशी प्रेमचंद जी ने अपनी यथार्थपरक कृतियों से समाज की ...
05/08/2023

जेल, कफ़न, कवच, ज्योति
प्रेमचंद लाए सामाजिक जागृति

'कलम के सिपाही' मुंशी प्रेमचंद जी ने अपनी यथार्थपरक कृतियों से समाज की वास्तविकता को अभिव्यक्त किया।

वंचित वर्ग की इस सार्थक अभिव्यक्ति को सादर नमन।

पानी एक रोशनी है / केदारनाथ सिंह ( जन्मदिवस 🌻 )इंतज़ार मत करोजो कहना हो कह डालोक्योंकि हो सकता है फिर कहने का कोई अर्थ न...
08/07/2023

पानी एक रोशनी है / केदारनाथ सिंह ( जन्मदिवस 🌻 )

इंतज़ार मत करो
जो कहना हो कह डालो
क्योंकि हो सकता है फिर कहने का
कोई अर्थ न रह जाए

सोचो
जहां खड़े हो, वहीं से सोचो
चाहे राख़ से ही शुरू करो
मगर सोचो

उस जगह की तलाश व्यर्थ है
जहां पहुंचकर यह दुनिया
एक पोस्ते के फूल में बदल जाती है

नदी सो रही है
उसे सोने दो
उसके सोने से
दुनिया के होने का अंदाज़ मिलता है
पूछो
चाहे कितनी बार पूछना पड़े
चाहे पूछने में जितनी तकलीफ़ हो
मगर पूछो
पूछो कि गाड़ी अभी कितनी लेट है

अंधेरा बज रहा है
अपनी कविता की किताब रख दो एक तरफ़
और सुनो-सुनो
अंधेरे में चल रहे हैं
लाखों-करोड़ों पैर

पानी एक रोशनी है
अंधेरे में यही एक बात है
जो तुम पूरे विश्वास के साथ
दूसरे से कह सकते हो

#जन्मदिवस

'बोलना हीबोलने का हिस्सा नहीं हैन बोलना भीबोलने का ही हिस्सा है'
05/07/2023

'बोलना ही
बोलने का हिस्सा नहीं है
न बोलना भी
बोलने का ही हिस्सा है'

अन्याय छिपता है _______________कई बार सुनवाई इसलिए होती है कि कोई यह न कह सके :राज्य में न्याय नहीं है अन्याय छिपता है न...
10/05/2023

अन्याय छिपता है
_______________

कई बार सुनवाई
इसलिए होती है
कि कोई यह न कह सके :
राज्य में न्याय नहीं है

अन्याय
छिपता है
न्याय की ओट में

___________________________

आपका अपना
कर्ण वीर सिंह चौहान
[Whisalblower & social activist]

"भारत की फ़िज़ाओं को सदा याद रहूँगा...!आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा..."!!स्वातंत्र्य समर के अमर बलिदानी, महान क्रां...
27/02/2023

"भारत की फ़िज़ाओं को सदा याद रहूँगा...!
आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा..."!!

स्वातंत्र्य समर के अमर बलिदानी, महान क्रांतिकारी, माँ भारती के वीर सपूत पण्डित श्री चंद्रशेखर आजाद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धाजंलि ।

तुर्की -हाकिम तानाशाह हैजिसने भी आवाज उठाई ,जेल भेज दिया  गयाइसमें बुद्धिजीवियों का  नंबर सबसे पहले आता है/इनमे कोई कवि ...
11/01/2023

तुर्की -
हाकिम तानाशाह है
जिसने भी आवाज उठाई ,जेल भेज दिया गया
इसमें बुद्धिजीवियों का नंबर सबसे पहले आता है/
इनमे कोई कवि -शायर है ,कोई अफसाना निगार ,पेंटर ,कलाकार है
एक लेखक ने सत्ता के खिलाफ लिखा ,पुलिस पकड़ कर ले गई
उसे बड़ी जेल में कैद ए तन्हाई में रखा गया/

एक दिन उसने जेलर से गुहार की और एक नामचीन कवि का नाम बताया
बोला -जेलर साहब ,मुझे उस कवि की किताब मिल जाये तो मेहरबानी होगी
जेलर पसीजा कहा लाइब्रेरी में देखता हूँ
दो दिन बाद जेलर खाली हाथ लौटा
लेखक से बोला - भाई ,वो किताब तो नहीं है। लेकिन वो कवि जरूर जेल की एक बैरक में है ,मिल जायेगा।

तभी नेपोलियन बोनापार्ट कहते थे - हजार संगीनों से भी अधिक चार पक्षद्रोही अखबारों से डरना चाहिए/ [Four hostile newspapers are more to be feared than a thousand bayonets]
नेपोलियन ने यह बात कोई दो सो साल पहले कही। तब टीवी नहीं थे। टी आर पी तो बिलकुल नहीं। न ऐसे बाजार थे ,न विज्ञापनों की दुनिया। उद्योग व्यापार तो था। पर उसे ऐसे लोग नहीं थे जो कह सके -कर लो दुनिया मुट्ठी में।

-सादर

क्या अधिक्षण अभियंता सा० नि० वि० डूंगरपुर जवाब देगे कि उनके अधिनस्थ क्यो सरकार के नियमो की धज्जिया उडा रहे है?ये WBM है ...
25/10/2022

क्या अधिक्षण अभियंता सा० नि० वि० डूंगरपुर जवाब देगे कि उनके अधिनस्थ क्यो सरकार के नियमो की धज्जिया उडा रहे है?

ये WBM है या WMM या ?

आखिर किस युनिवर्सिटी व किन किताबो से कोर्स कर आए है उनके नुमाइंदे जो ऐसी सडके पास कर रहे है।

गुणवत्ता विहिन सडक के साथ नागरिक सूचना पट्ट का भी नही होना उपर तक मिलिभगत को दर्शाता है ।

आखिर क्या अधिक्षण अभियंता भी इस भ्रष्टाचार की बहती गंगा मे हाथ धो रहे है ? या फिर नहा रहे है ।

आपका अपना
कर्णवीर सिंह चौहान
Whistleblower & social activist
Dungarpur


थोड़ी सी -वो एक बा उसूल पत्रकार थे।बेशक ,चार्ल्स व्हीलर ब्रिटेन के थे। लेकिन शाही शानो शौकत रुतबा रुआब के प्रति बहुत बेरु...
24/10/2022

थोड़ी सी -
वो एक बा उसूल पत्रकार थे।
बेशक ,चार्ल्स व्हीलर ब्रिटेन के थे। लेकिन शाही शानो शौकत रुतबा रुआब के प्रति बहुत बेरुखी थी। क्वीन एलिज़ाबेथ और प्रिंस फिलिप जब 1961 में भारत आये तो चार्ल्स दिल्ली में बीबीसी के दक्षिण एशिया सवांददाता थे। दुनिया का मीडिया इस दौरे की कवरेज के लिए पलक पावंडे बिछा रहा था। मगर चार्ल्स ने उपेक्षा की।

वो दिल्ली के किसी ऊँचे मकाम की साँझ ढली महफ़िल थी,देर रात तक आबाद रही । उसमे मीडिया के अलावा भी कुछ नामचीन लोग थे। जब मल्लिका ए ब्रिटेन के इस शाही दौरे की बात चली तो चार्ल्स ने बेतक्लुफ्फी से के साथ कहा ' ''That bloody woman '' - ओह वो वाहियात महिला ! चार्ल्स एलिज़ाबेथ के दौरे में जंगली प्राणियों के शिकार के कार्यक्रम को शामिल करने से खफा थे। .उन्हें अच्छा नहीं लगा।ऊँचे मक़ामात की दीवारों के भी कान होते है।

चार्ल्स ने जब ये टिप्पणी की ,कोई राग दरबारी भी वहां मौजूद था। बात तुरंत बर्मिंघम पैलेस पहुंच गई। चार्ल्स जब ब्रिटेन लौटे ,उन्होंने फिजा में अपने प्रति तल्खी महसूस की। तहकीकात की तो उन्हें इस तल्खी का सबब मालूम हो गया। लेकिन चार्ल्स उस वक्त हैरान हो गए जब वर्ष 2006 में मल्लिका एलिज़ाबेथ ने उन्हें ब्रिटेन के Knighthood जैसे बड़े सम्मान के लिए राज प्रासाद आमंत्रित किया।
जब वे पुरस्कार लेने गए तो महारानी ने चार्ल्स से कहा ' तुम नहीं जानते मैं तुम्हारे काम की कितनी बड़ी प्रशंसक हूँ। यह सुन कर चार्ल्स पानी पानी हो गए।

सर चार्ल्स व्हीलर से भारत का गहरा दिली लगाव है। जब वे दिल्ली थे, उन्हें पंजाब की दीपकौर से मुहब्बत हो गई।दोनों ने शादी कर ली। भारत में कम लोग जानते है सर चार्ल्स व्हीलर ब्रिटेन के हाल तक प्रधान मंत्री रहे बोरिस जॉनसन के ससुर भी थे। जॉनसन ने सर चार्ल्स और दीप की बेटी मरिया से शादी की थी।सर चार्ल्स ने दुनिया की बड़ी बड़ी घटनाओ को कवर किया है। जब वे भारत आये तो तिब्बत से दलाई लामा के भारत आगमन को कवर किया। यह विश्व इतिहास और सियासत की बड़ी घटना थी।

हम संसार के सबसे बड़े लोकतंत्र है।हमारे पुरखो ने कबीर, के अल्फ़ाज़ को आत्मसात किया। कबीर कहते है निंदक नियरे राखिए, ऑंगन कुटी छवाय, बिन पानी, साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय। , लेकिन वो ब्रिटेन है। वहां सवैंधानिक राजतंत्र है। पर इंग्लॅण्ड के शाही लव लश्कर ने भी 'असहमति

भीड़ के साथ  खड़ा होना बहुत आसां है। अकेले तन्हा खड़े होने के लिए साहस  चाहिए- गाँधी  Whenever you find yourself on d si...
13/06/2022

भीड़ के साथ खड़ा होना बहुत आसां है। अकेले तन्हा खड़े होने के लिए साहस चाहिए- गाँधी

Whenever you find yourself on d side of the majority, it is time to pause and reflect- Mark Twain.

जब भी तुम खुद को संख्या बल के साथ खड़े पाओ, कुछ लम्हो का विराम दो ,मनन करो -मार्क ट्वेन

आं हाथां में तलवार थकां ,कुण रांड केवेला रजपूती ।म्यानां रे बदले बैरयां री छाती में रेवेला सूती ।राखो थे मूंछ्यां ऐंठोड़ी...
02/06/2022

आं हाथां में तलवार थकां ,कुण रांड केवेला रजपूती ।

म्यानां रे बदले बैरयां री छाती में रेवेला सूती ।

राखो थे मूंछ्यां ऐंठोड़ी,लोयां री नदी बहा दूं ला ।

मैं अथक लड़ूला अकबर सूं,उजड्यो मैवाड़ बसा दूं ला।

राष्ट्र गौरव, स्वाभिमान के प्रतीक, हमारे प्रेरणापुंज, प्रातः स्मरणीय हिंदुआ सूरज महाराणा प्रताप की 482वी जयंती पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं..... 🚩🚩🚩🚩

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