AJMAL KHAN

AJMAL KHAN Advocate AJMAL KHAN | Supreme Court of India | Founder, Hami Law House
⚖️ Passionate about justice & legal empowerment.

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04/02/2026





04/02/2026

CM. Banerjee argued in . 👇

“The problem is -when everything is finished, we are not getting justice, justice is crying behind the door – then we thought we are not getting justice anywhere. I have written letters to ECI...I am a very less important person, I am not fighting for my party.”






31/01/2026

हालिया UGC कानून पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में आंदोलन शुरू 🚨

छतरपुर में बड़ी संख्या में OBC, SC व ST समाज के लोग सड़कों पर उतरे

UGC कानून को बहाल करने की मांग....!!

31/01/2026

बड़ी खबर, जंतर-मंतर से🚨

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध के समर्थन में बहुजन समाज का आंदोलन शुरू

कानून को लागू करने की मांग धीरे-धीरे देश में जोर पकड़ती जा रही है।।

कितने स्टेट पुलिस इस गाइडलाइन को फॉलो करते है?⚖️ D.K. Basu v. State of West Bengal🔹 गिरफ्तारी के समय की 11 अनिवार्य गाइड...
31/01/2026

कितने स्टेट पुलिस इस गाइडलाइन को फॉलो करते है?

⚖️ D.K. Basu v. State of West Bengal

🔹 गिरफ्तारी के समय की 11 अनिवार्य गाइडलाइन्स
1️⃣
गिरफ्तारी करने वाले पुलिस अधिकारी की
स्पष्ट पहचान (नाम, पद, बैज नंबर) होना अनिवार्य है।
2️⃣
गिरफ्तारी के समय Arrest Memo (गिरफ्तारी मेमो) तैयार किया जाएगा।
3️⃣
Arrest Memo पर
✔️ कम से कम एक गवाह के हस्ताक्षर होंगे
✔️ गवाह परिवार का सदस्य या स्थानीय व्यक्ति हो सकता है।
4️⃣
गिरफ्तार व्यक्ति को
गिरफ्तारी के कारण बताए जाएँगे।
5️⃣
गिरफ्तार व्यक्ति को यह अधिकार है कि
उसकी गिरफ्तारी की सूचना
परिवार/मित्र/रिश्तेदार को दी जाए।
6️⃣
यदि सूचित किया गया व्यक्ति
थाने के क्षेत्र से बाहर है,
तो सूचना टेलीफोन/मैसेज से दी जाएगी।
7️⃣
गिरफ्तार व्यक्ति को बताया जाएगा कि
उसे किसे सूचना देने का अधिकार है।
8️⃣
गिरफ्तार व्यक्ति का नाम
डायरी (Case Diary / Station Diary) में दर्ज किया जाएगा।
9️⃣
गिरफ्तार व्यक्ति की
मेडिकल जांच गिरफ्तारी के समय कराई जाएगी।
🔟
हर 48 घंटे में
गिरफ्तार व्यक्ति की मेडिकल जांच अनिवार्य होगी।
1️⃣1️⃣
गिरफ्तारी से जुड़े सभी दस्तावेज़
मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाएँगे।

⚖️ महत्वपूर्ण बात
इन दिशानिर्देशों का पालन न करना
➡️ संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन

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👉 अपने अधिकार जानने के लिए पेज को फॉलो करें

आर्थिक सर्वे 2025-26 में RTI को लेकर टिप्पणी की गई है।सर्वे में कहा गया है कि अनियंत्रित खुलासे प्रशासन की कार्यक्षमता क...
31/01/2026

आर्थिक सर्वे 2025-26 में RTI को लेकर टिप्पणी की गई है।

सर्वे में कहा गया है कि अनियंत्रित खुलासे प्रशासन की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं और आंतरिक निर्णय प्रक्रिया पर दबाव डालते हैं।

आर्थिक सर्वे में यह भी कहा गया है कि नीति-निर्माण की आंतरिक प्रक्रिया से जुड़ी सूचनाओं के मामले में एक सीमित और स्पष्ट रूप से परिभाषित मंत्रालयी विटो पर विचार किया जा सकता है, जिस पर संसदीय निगरानी भी हो। सर्वे में सुझाव दिया गया है कि ब्रेनस्टॉर्मिंग नोट्स, वर्किंग पेपर्स, ड्राफ्ट टिप्पणियाँ (जब तक वे अंतिम निर्णय का हिस्सा न बनें), सेवा रिकॉर्ड, तबादलों से जुड़ी फाइलें और गोपनीय स्टाफ रिपोर्ट जैसे दस्तावेजों को RTI के दायरे से बाहर रखने पर विचार होना चाहिए। रिपोर्ट यह भी चेतावनी देती है कि अगर हर मसौदा और आंतरिक टिप्पणी सार्वजनिक होने लगे, तो अधिकारी अत्यधिक सतर्क भाषा अपनाने लगेंगे और बोल्ड आइडियाज़ सामने आने की संभावना कम हो जाएगी। इसी क्रम में यह भी कहा गया है कि RTI को न तो बेकार जिज्ञासा का साधन बनाया जाना चाहिए और न ही सरकार के कामकाज को माइक्रोमैनेज करने का औज़ार, बल्कि इसे बेहतर शासन और जवाबदेही के संतुलित माध्यम के रूप में देखा जाना चाहिए।

लेकिन सर्वे यह भी स्वीकार करता है कि RTI अधिनियम, 2005 भारत के सबसे शक्तिशाली लोकतांत्रिक सुधारों में से एक है और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई की आधारशिला रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में, धीरे-धीरे RTI कमजोर ही हुआ है।

पारदर्शिता, प्रशासन और लोकतंत्र की सबसे बुनियादी आधारशिला है। यह नागरिकों को भरोसा देती है कि सरकार कैसे काम कर रही है, फैसले कैसे लिए जा रहे हैं और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल कैसे हो रहा है।

RTI इसी पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था। कुछ मामलों को छोड़कर, जहाँ इसके दुरुपयोग और काम में बाधा की बात उठती है, RTI नागरिकों को भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा होने और शासन को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाए रखने का एक मजबूत हथियार बना है।

लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार और सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के घटिया उदाहरणों के बीच, जरूरत RTI को और अधिक धारदार, अधिक प्रभावी और नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाने की है।

31/01/2026



भोपाल से बड़ी खबर 🚨

एससी, एसटी व ओबीसी समाज का हल्लाबोल 💥

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंदर भाटी के नेतृत्व में भोपाल में UGC कानून की बहाली व OBC आरक्षण की मांग के लिए हजारों लोग देर रात सड़कों पर उतरे....!!



30/01/2026


बेंगलुरु | कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने इंस्पेक्टर गोविंद राजू को 4 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
अपराधी कोई भी हो प्रथम दृष्टि में नहीं माना जा सकता है,
किसी को अपराधी तब ही घोषित किया जा सकता है जब उसका ट्रायल प्रकृतिक रूप से चलाया जाये,
परिस्थितियां कुछ भी हो सकती हैं,
परिस्थितियों के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जा सकता है!

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने लिखा पत्र 👇उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव के उन्मूलन हेतु लाए गए UGC विनियम, 2026 को आईआईटी, आ...
29/01/2026

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने लिखा पत्र 👇

उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव के उन्मूलन हेतु लाए गए UGC विनियम, 2026 को आईआईटी, आईआईएम, एम्स सहित केंद्रीय संस्थानों में व्याप्त भेदभाव के निराकरण हेतु बाध्यकारी प्रावधान के रूप में लागू किए जाने के संबंध में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी को पत्र लिखा!



Probationers Are 'Workmen' Under Industrial Disputes Act; S. 17B Wages Non-Recoverable Even If Termination Upheld:
29/01/2026

Probationers Are 'Workmen' Under Industrial Disputes Act; S. 17B Wages Non-Recoverable Even If Termination Upheld:

Jobs In Supreme Court 👇Deadline is soon 👇Check website
29/01/2026

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Deadline is soon 👇
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