Dr Vivek Singh

Dr Vivek Singh Dr Vivek Singh is an advocate at the Supreme Court of India. In the last 25-years, Dr Singh resolved

भरतपुर रियासत के राजा  #मानसिंह जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन 🙏।राजा मानसिंह जी ने  #भरतपुर_रियासत_के_झण्डे की खातिर अपने ...
21/02/2026

भरतपुर रियासत के राजा #मानसिंह जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन 🙏।
राजा मानसिंह जी ने #भरतपुर_रियासत_के_झण्डे की खातिर अपने प्राण त्याग दिए थे परन्तु कभी भी सम्मान के साथ समझौता नहीं किया था।

राजा मान सिंह (5 दिसंबर 1921 - 21 फरवरी 1985 ) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और जाट रियासत भरतपुर राज्य के प्रमुख थे। वे 1952 से 1984 तक डीग विधानसभा क्षेत्र से सात बार स्वतंत्र विधायक रहे। ये महाराजा किशन सिंह जी के पुत्र थे।
राजा मानसिंह जी की पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन व विन्रम श्रद्धांजलि 🙏 💐।

आज का दिवस विशेष है। आज महाशिवरात्रि है। ऐसा माना जाता है कि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान शिव और माता ...
15/02/2026

आज का दिवस विशेष है। आज महाशिवरात्रि है। ऐसा माना जाता है कि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।
आज वर्ष भर की सबसे अधिक शादियां होनी निश्चित हुई है। विवाह के मामले में तो हम भगवान शिव एवं माता पार्वती का अनुकरण कर रहे है, ये अच्छी बात है लेकिन कर्म के मामलों में भी हमे थोड़ा बहुत भगवान शिव और देवी पार्वती का अनुकरण करना चाहिए।
कई लोग कहते है कि महाशिवरात्रि का व्रत अधिकतर महिलाएं रखती है और जन्माष्टमी का महिलाएं एवं पुरुष दोनो। लेकिन ऐसा नहीं है दोनो एक ही है दोनो का स्रोत एक ही है। बस शक्तियों का अंतर है जैसे कृष्ण माया है, तो शिव मायातीत है, कृष्ण प्रकृति तो शिव काल है, कृष्ण जीवन है तो शिव मृत्यु है।
और विस्तार में जाए तो कृष्ण माया अधिपति है तो शिव मृत्युंजय काल अधिपति है, कृष्ण मन बुद्धि चेतन है तो शिवजी पंच प्राण है। कृष्ण भक्ति और प्रेम है तो शिवजी ज्ञान है, श्री कृष्ण सगुण है तो शिव निर्गुण है।
कृष्ण भगवत प्राप्ति है तो शिवजी मोक्ष हैं, महालक्ष्मी कृष्ण की शक्ति है तो मां गौरी अर्थात प्रकृति शिव की शक्ति है। कृष्ण बैकुंठ और गोलोकेश्वर हैं, तो शिवजी मृत्यु लोक के ईश्वर हैं।
शरीर में चेतन कृष्ण है तो शरीर में प्राण शिव हैं, कृष्ण जगन्नाथ है तो शिव विश्वनाथ है। कृष्ण दिवस है तो शिव रात्रि है, कृष्ण जन्म है तो शिव मृत्यु है, कृष्ण से सब कुछ उत्पन्न होता है और अंत में सब कुछ शिव में समाहित होता है।
जीव जगत ब्रह्म से उत्पन होते है कृष्ण पालन पोषण करते है एवं शिव संहार करते है। ये प्रकृति त्रिगुणात्मक है जिसका संचालन त्रिदेव करते है।
ये त्रिदेव परमपिता परमात्मा से उत्पन होते है परमात्मा का कार्य करते है अंत में परमात्मा में समाहित हो जाते है।
आज के दिन उपवास रखकर शिवलिंग पर जल, दुग्ध, घृत, मिश्री एवं शहद अर्थात पंचावर्त का अभिषेक करके पूजा अर्चना करने का विधान है। पंचामृत भक्तों के सेवन के लिए है, जो बुद्धि, बल, शक्तिवर्धक है। पंचामृत पित्त नाशक भी है। शिवलिंग प्रकृति एवं पुरुष अर्थात चेतना का प्रतीक है।
शिवरात्रि जागरण की रात्रि है। ये अभ्यास है अंधकार में जब चारों और तमोगुण या रजोगुण विद्यमान हो उस समय आप अंदर से जागे हुए हो। आपका विवेक खो न जाए, यही तो जागरण है। मन को स्थिर करने के लिए आप ॐ नमः शिवाय का जाप करे या महामृत्युंजय का जितना संभव हो, पाठ करे।
हमे संसार में रहते हुए प्रतिदिन कई प्रकार के कटु अनुभव होते है, हानियां उठानी पड़ती है, अपमान झेलना पड़ता है। शिव का सच्चा अनुयाई वही है जो संसार के इस विष को पीकर भी जीव जगत के कल्याण का विचार करे।
आपको एवं आपके परिवार को महाशिवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

महान पराक्रमी, अद्वितीय रणनीतिकार और भरतपुर रियासत के संस्थापक महाराजा सूरजमल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। अठारह...
13/02/2026

महान पराक्रमी, अद्वितीय रणनीतिकार और भरतपुर रियासत के संस्थापक महाराजा सूरजमल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
अठारहवीं शताब्दी के चुनौतीपूर्ण दौर में, जब उत्तर भारत की राजनीति अस्थिरता, षड्यंत्रों और विदेशी आक्रांताओं के दबाव से जूझ रही थी, तब उन्होंने अद्भुत दूरदर्शिता, सशक्त कूटनीति और अदम्य साहस के बल पर भरतपुर राज्य को संगठित, सुरक्षित और समृद्ध स्वरूप प्रदान किया। वे केवल रणभूमि के वीर सेनानायक ही नहीं, बल्कि जनसामान्य के हितचिंतक, न्यायप्रिय शासक और स्वाभिमान के अडिग प्रहरी थे।
विपरीत परिस्थितियों में भी उनका नेतृत्व संतुलन, सामर्थ्य और संगठन का ऐसा उदाहरण बना जिसने तत्कालीन सत्ता-समीकरणों को नई दिशा दी।
मातृभूमि और समाज के प्रति उनका समर्पण, त्याग और चरित्र भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में अमिट अक्षरों में अंकित है, जो आने वाली पीढ़ियों को साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।
#महाराजा_सूरजमल

07/02/2026

हमारा अहंकार ही जीवन में प्रतिद्वंदिता और प्रतिशोध का कारण बन जाता है। अभिमान न क्षमा माँगने देता है और न क्षमा करने देता है। यह व्यक्ति को पल-पल प्रतिशोध की अग्नि में जलाता रहता है। माफ कर दो या या माफी मांग लो, जीवन की बहुत सारी समस्याएं स्वतः ही हल हो जायेंगी।

किसी को उसकी गलती के लिए क्षमा कर देना भी एक साहसिक एवं दैवीय गुण है। परिवार में, मैत्री में या समाज में संबंधों को मधुर बनाने हेतु किसी भी व्यक्ति के अंदर इन दोनों गुणों में से एक गुण की प्रमुखता अवश्य होनी चाहिए।

महाभारत की नींव ही इस सूत्र के आधार पर पड़ी कि किसी के द्वारा क्षमा नहीं किया गया तो किसी के द्वारा क्षमा नहीं मांगी गई। हमारा जीवन एक नयें महाभारत से बचकर आनंद में व्यतीत हो इसके लिए क्षमा कर दें या क्षमा माँग लें इस सूत्र को जीवन में स्थान अवश्य दीजिए।

आपको गणतंत्र दिवस 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं, जो कि गौरव, आनंद और देशभक्ति से परिपूर्ण हो।इस महान दिवस पर हम संकल्प लें ...
26/01/2026

आपको गणतंत्र दिवस 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं, जो कि गौरव, आनंद और देशभक्ति से परिपूर्ण हो।
इस महान दिवस पर हम संकल्प लें कि हम जिम्मेदार नागरिक बनेंगे और अपने जीवंत राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वाह करेंगे। हम विभाजनकारी प्रवृत्तियों का त्याग करें और एक मजबूत, समृद्ध और एकजुट भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।
जय हिंद

23/01/2026
मकर संक्रांति - आखिर क्यों मनाया जाता है यह महापर्व? जानिये इसके पीछे के 5 बड़े कारण-1️⃣ सूर्य का मकर राशि में प्रवेश (ज्...
14/01/2026

मकर संक्रांति - आखिर क्यों मनाया जाता है यह महापर्व? जानिये इसके पीछे के 5 बड़े कारण-
1️⃣ सूर्य का मकर राशि में प्रवेश (ज्योतिषीय महत्व)
'संक्रांति' का अर्थ है प्रवेश। इस दिन सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि 'मकर' में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह सौर वर्ष के एक नए अध्याय की शुरुआत है।
2️⃣ उत्तरायण का प्रारंभ: अंधकार से प्रकाश की ओर
इस दिन से सूर्य 'उत्तरायण' होते हैं। वैज्ञानिक रूप से देखें तो अब से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इसे अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन से 'खरमास' समाप्त होता है और सभी शुभ व मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।
3️⃣ पिता-पुत्र का पावन मिलन (पौराणिक कथा)
कहा जाता है कि भगवान सूर्य और उनके पुत्र शनिदेव के बीच संबंध मधुर नहीं थे। लेकिन इस दिन सूर्य देव स्वयं अपने पुत्र शनि के घर (मकर राशि) उनसे मिलने जाते हैं। यह दिन हमें संदेश देता है कि पुराने गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों में मिठास घोलने का समय आ गया है।
4️⃣ भीष्म पितामह और मोक्ष की प्राप्ति
महाभारत के युद्ध में इच्छा मृत्यु का वरदान पाने वाले भीष्म पितामह ने बाणों की शय्या पर रहते हुए भी अपने प्राण त्यागने के लिए 'उत्तरायण' (मकर संक्रांति) के दिन की प्रतीक्षा की थी। मान्यता है कि इस दिन शरीर त्यागने वाले को मोक्ष मिलता है।
5️⃣ फसल और आभार का उत्सव (सांस्कृतिक महत्व)
यह किसानों के लिए अपनी मेहनत (नई फसल) का उत्सव मनाने का समय है। इसे पंजाब में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और असम में बिहू के रूप में मनाया जाता है। हम ईश्वर को नई फसल अर्पित कर उनका आभार व्यक्त करते हैं।
खिचड़ी और तिल-गुड़ का महत्व क्यों?
खिचड़ी: यह सुपाच्य होती है और ऋतु परिवर्तन के समय स्वास्थ्य के लिए उत्तम है।
तिल-गुड़: "तिल-गुड़ खाया, गोड-गोड बोला" – यानी तिल की तरह साथ रहें और गुड़ की तरह मीठा बोलें।
मकर संक्रांति पर दान का फल:
इस दिन तिल, गुड़, कंबल और अनाज का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🚩

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही घटनाएं अब दिल दहला देने वाली बनती जा रही हैं। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं और हाल ह...
06/01/2026

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही घटनाएं अब दिल दहला देने वाली बनती जा रही हैं। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं और हाल ही में के झेनैदाह जिले के कलिगंज इलाके में एक 40 वर्षीय हिंदू महिला के साथ जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। महिला को पेड़ से बांधा गया, उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और दरिंदगी की हद पार करते हुए उसके बाल तक काट दिए गए। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि डर फैलाने की साजिश है।

दुख इस बात का है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से हिंदुओं पर हमले, हत्याएं और उत्पीड़न लगातार सामने आ रहे हैं। हर बार पीड़ित वही और खामोशी भी वहीं क्योंकि युनूस के नेतृत्व वाली सरकार इसे “सामान्य आपराधिक घटना” बताकर पल्ला झाड़ लेती है। क्या किसी समुदाय को निशाना बनाकर लगातार की गई हिंसा सामान्य हो सकती है?

सवाल यही है कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? भारत सरकार को दख़लअंदाज़ी करनी चाहिए॥

डिस्क्लेमर: यह पोस्ट मीडिया व सोशल मीडिया में उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाना नहीं, बल्कि मानवाधिकारों पर चिंता जताना है।

01/01/2026

अंग्रेज़ी नववर्ष 2026 की शुरुआत के प्रथम दिवस पर सभी एक दूसरे को नववर्ष की मंगल कामनाएं दे रहे है।

विचार आता है कि आज यह सब क्यों हो रहा है? आम धारणा है कि आज वर्ष की अच्छी शुरुआत होगी तो वर्ष भर अच्छा रहेगा। लेकिन ऐसा नहीं है। आप रोड पर गाड़ी चलाते है अगर एक दिन सावधानी से गाड़ी चलाई और कोई दूसरे दिन असावधानी की तो दुर्घटना होगी। एक दिन की सावधानी दूसरे दिन काम नहीं आएगी। इसका अर्थ है आज जितना अच्छा हमारा व्यवहार है वो पूरे वर्ष होना चाहिए

गतवर्ष के अंतिम दिवस पर हमारा संकल्प था कि हम अच्छे लोगों की संगति करेंगे। अब नववर्ष के प्रथम दिवस पर हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम पूरे वर्ष लगातार अच्छा व्यवहार, अच्छा कर्म करते रहेंगे

इन्हीं विचारों के साथ आपको एवं आपके परिवार जनों को नववर्ष की हार्दिक मंगल कामनाएं। यह नव वर्ष आपके लिए सुख समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य से परिपूर्ण हो। सूर्य के प्रकाश की तरह आपका यश एवं कीर्ति का संपूर्ण जगत में विस्तार हो। फूलों की सुगंध की तरह आपका जीवन खुशियो से महक उठे। आप शुद्ध आचरण एवं सात्विक वृतियों के अनुगामी बने। परमात्मा का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद सदैव आपको मिलता रहे। इन्हीं मंगल कामनाओं के साथ एक बार फिर आपको एवं आपके परिवार को नववर्ष की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।

 #अरावली_पर्वतमाला के विनाश के दूरगामी और पीढ़ियों तक रहने वाले दुष्परिणामअरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि उत...
22/12/2025

#अरावली_पर्वतमाला के विनाश के दूरगामी और पीढ़ियों तक रहने वाले दुष्परिणाम

अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि उत्तर भारत की जीवन-रेखा है। इसका क्षरण आज नहीं रुका, तो इसके प्रभाव दशकों नहीं बल्कि सदियों तक महसूस किए जाएंगे।

1️⃣ रेगिस्तान के विस्तार का खतरा

अरावली थार मरुस्थल के लिए एक प्राकृतिक ढाल का कार्य करती है।
यदि यह दीवार कमजोर हुई —
तो राजस्थान का रेगिस्तान हरियाणा, दिल्ली और NCR की ओर बढ़ सकता है।
➡️ हरी-भरी भूमि धीरे-धीरे बंजर हो जाएगी।

2️⃣ गंभीर जल संकट

अरावली वर्षा जल को रोककर उसे धरती के भीतर संचित करती है।
पहाड़ कटे → पानी तेजी से बहा →
भूजल रिचार्ज रुका →
कुएँ, हैंडपंप और झीलें सूखीं।
➡️ दिल्ली-NCR पहले से अधिक भयावह जल संकट की ओर बढ़ेगा।

3️⃣ जलवायु संतुलन पर प्रहार

अरावली क्षेत्रीय तापमान को नियंत्रित रखती है।
इसके टूटने से:

तापमान में असामान्य वृद्धि

Heat Island Effect

मानसून की अनिश्चितता

धूल भरी आँधियाँ और प्रदूषण में बढ़ोतरी
➡️ मौसम अस्थिर और जीवन कठिन।

4️⃣ जैव विविधता का विनाश

अरावली अनेक जीवों का घर है—
तेंदुआ, सियार, नीलगाय, पक्षी, औषधीय वनस्पतियाँ।
खनन और कटाई से:
➡️ प्राकृतिक आवास नष्ट
➡️ कई प्रजातियाँ हमेशा के लिए विलुप्त होने की कगार पर।

5️⃣ प्रदूषण और स्वास्थ्य संकट

अवैध व अंधाधुंध खनन से:

हवा में जहरीली धूल

पानी में भारी धातुओं की मिलावट
परिणामस्वरूप:
➡️ दमा, टीबी, त्वचा रोग
➡️ आँखों और श्वसन तंत्र की गंभीर बीमारियाँ।

6️⃣ प्राकृतिक आपदाओं का बढ़ता जोखिम

अरावली मिट्टी को थामे रखती है।
इसके टूटने से:

मृदा अपरदन

अचानक बाढ़

भूस्खलन

ज़मीन धँसने की घटनाएँ
➡️ मानव बस्तियाँ असुरक्षित।

7️⃣ आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय

आज का लालच, कल की त्रासदी बनेगा।
भविष्य की पीढ़ियों को मिलेगा:

पानी की कमी

प्रदूषित हवा

अस्थिर जलवायु
➡️ विकास के नाम पर विरासत का विनाश।

#अरावली_बचाओ साभार

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Dr Vivek Singh

Dr Vivek Singh is an advocate at the Supreme Court of India. This highly qualified solicitor with Doctorate in Law also appears at various High Courts such as Delhi, Mumbai, Allahabad, Chandigarh, Jodhpur and Nainital, and Lower Courts, Tribunals at the special request of people. In the last 19-year, Dr Singh resolved many complex cases using his sharp intellect and high legal acumen. He cherishes vast professional experience in multiple legal domains such as Civil, Corporate, Banking, Financial, Intellectual Property Rights, Criminals, Matrimonials, Arbitration and Property Disputes.

He holds the lifetime membership of the Supreme Court Bar Association and the membership of the Delhi High Court Bar. Besides, Dr Vivek Singh also won the elections of National Sports Club of India in Delhi and Mumbai regions. Passionate about sharing his legal knowledge, he has been giving consultancy to some of the best firms in the country in sectors such as real estate, banking, and even the government. His advice has been sought in many of the important policy formulations by the Centre as well as state governments. Over the years he has developed a rapport amongst his peer as a vocal person on social and political issues with in-depth knowledge about law matters and great insights on issues related to farmers, women, and underprivileged.

Being a curious technology geek, Singh loves to read a lot of books and journals on law and legal matters. He loves to read spiritual books. He observes things minutely and draws a comparison between to bring out positive changes in society. Also, Dr Vivek Singh is a well-known personality in the social circles of Delhi-NCR; he interacts with influential people in governments and societies. Besides, many big business houses also invite him in the legal issues. Advocate Singh believes in social justice and providing pro bono services to senior citizens and NGOs. Being a health conscious person, he regularly practises Yoga and unwinds himself after strenuous work schedules through listening to ghazals, taking meditation sessions, and playing chess with friends. Also, Dr. Vivek Singh is an active member of Golf Club where he often astounds even the pros with his magical skills on tee.