05/11/2016
एक रेस्टोरेंट में खिड़की से कॉकरोच उड़कर आया और एक महिला पर बैठ गया। महिला कॉकरोच देखकर चिल्लाने लगी, इधर-उधर उछलकूद मचाने लगी, वह डर चुकी थी। बड़ी मुश्किल से उसने हाथों की सहायता से, झिड़क कर कॉकरोच से पीछा छुड़ाया।
उसकी प्रतिक्रिया ऐसी थी कि उसके ग्रुप के बाकि लोग भी भयभीत हो गये।
अब वह कॉकरोच उड़ कर दूसरी महिला पर जा कर बैठ गया।
अब यह डर का ड्रामा और शोर-शराबा जारी रखने की बारी दूसरी महिला की थी।
उसे बचाने के लिए पास खड़ा वेटर आगे बढ़ा। तभी महिला ने कोशिश करते हुए कॉकरोच को भगाने की कोशिश की और वह सफल हुई, अब वह कॉकरोच उड़कर वेटर की शर्ट पर आकर बैठ गया।
लेकिन वेटर घबराने की बजाये शांत खड़ा रहा और कॉकरोच की हरकतों को अपने शर्ट पर देखता रहा। जब कॉकरोच पूरी तरह शांत हो गया तो वेटर ने उसे अपनी उँगलियों से पकड़ा और उसे रेस्टोरेंट की खिड़की से बाहर फेंक दिया।
😊मैं कॉफ़ी पीते हुए ये मनोरंजक दृश्य देख रहा था तभी मेरे दिमाग में कुछ सवाल आये, क्या वह कॉकरोच इस घटना के लिए जिम्मेदार था?
अगर हाँ, तो वह वेटर परेशान क्यों नही हुआ? उसने बिना कोई शोर-शराबा किये परफेक्शन के साथ उस स्थिति को संभाल लिया।
👉ये वो कॉकरोच नही था बल्कि उन लोगों की परिस्थिती को संभालने की अक्षमता थी, जिसने उन महिलाओं को परेशान किया और उन्होंने तमाशा किया।
👉मैंने महसूस किया, यह मेरे पिता, बच्चे, बॉस या बीवी का चिल्लाना नहीं है जो मुझे परेशान करता है, बल्कि यह मेरी अक्षमता है जो में इन लोगों द्वारा बनाई गयी परिस्थितियों को संभाल नहीं पाता।
👉यह ट्रैफिक जाम नही है जो मुझे परेशान करता है बल्कि मेरी उस परेशानी भरी स्थिति को हैंडल ना कर पाने की अक्षमता है जिससे मैं ट्रैफिक जाम के वजह से परेशान हो जाता हूँ।
👉प्रॉब्लम से ज्यादा, मेरी उस प्रॉब्लम के प्रति प्रतिक्रिया है जो मेरे जीवन में परेशानी पैदा करती है।
👉इस घटना ने मेरे सोचने का तरीका बदल दिया, हमे अपने जीवन में कठिन समय में प्रतिक्रिया नही करनी चाहिए, बल्कि उसे समझकर उसका जवाब देना चाहिए। उस महिला ने प्रतिक्रिया व्यक्त की बल्कि वेटर ने उस परिस्थिती को समझा और उसका समाधान निकाला, प्रतिक्रिया हम बिना सोचे समझे दे देते हैं बल्कि जवाब हम सहज तरीके से सोच-समझ कर देते हैं।
👉जिंदगी को समझने का एक बहुत ही सुन्दर तरीका है। जो लोग खुश हैं वो इसलिए खुश नही हैं कि उनके जीवन में सबकुछ ठीक चल रहा है। बल्कि इसलिए खुश हैं कि उनका जीवन में सारी चीजों के प्रति दृष्टिकोण ठीक है।
👉इसीलिए जिंदगी में गुस्सा, जलन, जल्दबाजी और चिंता करने की बजाय, प्यार करे और सब्र रखे,,, क्योकि, “जो भी हुआ अच्छे के लिये हुआ और जो कुछ भी होगा वह भी अच्छे के लिये हो होंगा।”
----स्वामी मुकेशानंद जी ------