28/07/2026
बिहार में पुलिस का गज़ब का 'माइंडफुलनेस' देखने को मिला—इधर कोई मासूम बच्चा रील बनाने या सिर्फ मोबाइल ठीक कराने निकला, और उधर पुलिस ने उन्हें "कोटा पूरा करने" के चक्कर में पकड़कर सीधा बेऊर जेल की सैर करा दी! हद तो तब हो गई जब हवा में AK-47 की 'हल्की' गोलियाँ चल गईं और 400 से ज़्यादा छात्रों के साथ-साथ तेज प्रताप यादव भी अंदर हो गए। अब सरकार ने 'बड़प्पन' दिखाते हुए सारे मुकदमे वापस लेने की घोषणा तो कर दी, लेकिन थानेदारों तक यह सरकारी 'संदेश' शायद डाकिये के कछुआ-एक्सप्रेस से पहुंच रहा है, इसलिए महाधिवक्ता साहब को खुद फरमान जारी करके सरकारी ढिलाई की पोल खोलनी पड़ी!