26/11/2020
मैं एक वकील हूँ, डबल ग्रेजवेट ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट कहलाता हूँ।
मै एक वकील हूँ पैरवी करता हूँ आपने क्लाइंट के लिये चाहे वह खुनी हो या कातिल हो,मेरे काम में बड़ा है रिस्क एक जीत जाये तो दूसरा दुश्मन, दूसरा जीत जाये तो पहला दुश्मन फिर भी मुझे कोई प्रोटेक्सन नहीं मिलता एडवोकेट प्रोटेक्सन बिल पास हो |
मैं सबसे बड़े संघ का सदस्य हूँ परंतु मुझे सामूहिक बीमा नहीं मिलता मैं बीमार होता हूँ संघ की आस देखता हूँ मुझे मेडिकल बीमा नहीं मिलता, अधिवक्ता बीमा योजना पास हो
एक वकील को किराये पर कोई मकान नहीं देता | संघ की तरफ से अधिवक्ता आवास नहीं मिलता ।
मै जिसके लिये पैरवी करता हूँ उनके पोर्टेक्सन के लिये नियम-कानून हैं परंतु मेरे प्रोटेक्सन के लिये कोई कानून नहीं, अधिवक्ता प्रोटेक्शन कानुन पास हो
किसी वकील को लोन देने मे बैंकों के द्वारा आना कानी किया जाता है।
मै हमेशा दूसरों की सोचता हूँ पर मेरी कोई नहीं सोचता क्योकी मै एक वकील हूँ
मुझे ईश्वर ने मौका दिया है पीड़ित और शरणागति की रक्षा करने के लिए उसे ईमानदारी से निर्वाह करता हूँ | मैं अपने काम के प्रति सजग हूँ तभी तो पक्षकार के साथ न्यायालय के कार्य निरंतर होते हैं । मुझको फीस देने मे लोगो को तकलीफ होती है जबकि सबकी तकलीफ कम करता हूँ | मुझे आम जन के सेवा का अवसर मिला है और सेवा के बदले कई बार अपशब्दों से भी गुजरना पड़ता है । मेरे दर्द को कोई समझे न समझे पर मैं सभी के दर्द को जानता समझता हूँ
क्योंकि मैं एक वकील हूँ । एस.एन.तिवारी (अधिवक्ता)