AdvocatesAsk.com

AdvocatesAsk.com निःशुल्क कानूनी जानकारी के लिए हमें सुबह 10 से 11 सपर्क करें

05/01/2026
19/10/2025

Happy Deepawali

आवारा कौन? कुत्ते… या हम इंसान?दिल्ली में एक माननीय जज साहब का फरमान आया — कुत्तों को पकड़ो, शेल्टर होम में डालो, और नसब...
13/08/2025

आवारा कौन? कुत्ते… या हम इंसान?
दिल्ली में एक माननीय जज साहब का फरमान आया — कुत्तों को पकड़ो, शेल्टर होम में डालो, और नसबंदी कर दो!
कुछ लोग ऐसे जश्न मना रहे हैं, जैसे कोई ऐतिहासिक न्याय हो गया हो।
पर ज़रा सोचिए — जिन जीवों का इस धरती पर भी उतना ही प्राकृतिक हक है जितना हमारा, उन्हें “आवारा” कहकर कैद कर देना, क्या यही इंसानियत है?
अगर यही तर्क है, तो क्यों न उन आवारा इंसानों को भी किसी “शेल्टर होम” में डाल दें, जो बच्चियों से बलात्कार करते हैं, महिलाओं को सरेआम छेड़ते हैं, या तेज़ाब फेंकते हैं !! और उन बच्चियों को मौत के घाट उतार देते हैं, और फिर जमानत पर बाहर आकर घुले घूमते हैं , है –किसी में हिम्मत कि उनकी भी नसबंदी कर सके?

जेलें पहले से भरी हैं, और अपराधियों को जमानत देकर उनका “अधिकार” बताकर खुले में छोड़ दिया जाता है। वकील, जज, और कानून उनके लिए 24 घंटे मौजूद रहते हैं — क्यों ?! क्योंकि वहाँ पैसा है।
लेकिन बेज़ुबान जानवरों के लिए क्या? जिनके पास न घर है, न ऐशो-आराम, न पैसा… बस एक आदेश, और उनकी ज़िंदगी सलाखों के पीछे।

कुछ लोगों को शिकायत है कि कुत्ते पार्क में गंदगी करते हैं, पोटी करते हैं।
अरे! तुम्हारे तो घर हैं, उनमें शौचालय हैं। इनके लिए कौन शौचालय बना रहा है साहब?
दो रोटी देने की औकात नहीं जिन लोगों की उन्हें तकलीफ इनकी टट्टी से है?
इंसान को खाने को न मिले, कमाने को न मिले, तो वह चोरी, डकैती, लूट और हत्या तक कर बैठता है। ये बेज़ुबान क्या करें?
इनसे इतनी नफरत करके, इनके हक छीनकर, मारकर — आखिर अपनी तिजोरी में कितना भर लोगे साहब?

याद रखो — जिस दिन ईश्वर हिसाब लेगा, उस दिन इनके हक के पैसों और भूख से छीनी गई रोटियों से, न तो आपको चैन की सांस मिलेगी, न आपके उस अपने को, जिसके लिए आपने इन बेज़ुबानों को भूखा मारा और सिर्फ अपनी तिजोरी भरी।
आपको यह सब सही लगता है? तो फिर आइए, एक प्रयोग करते हैं —
ऐसी कॉलोनियों में 1000 बंदर और 2000 चूहे छोड़ दीजिए। देखिए, कितनी जल्दी वही लोग कुत्तों को गले लगाएंगे, खाना भी खिलाएंगे और उनकी कदर भी करेंगे।

बस ध्यान रहे, कोई चूहा बड़े साहब के घर में न घुस जाए — वरना “सुओ मोटो” में संज्ञान लेकर जनता के टैक्स और चालान से चूहों की भी नसबंदी करा दी जाएगी, और शेल्टर होम भी तैयार हो जाएगा।
यह फैसला साफ दिखाता है — अब इस धरती पर सिर्फ ताकतवर और तानाशाहों को जीने का अधिकार है। कमजोर — चाहे इंसान हों या जानवर — कुचले जाएंगे, या कैद कर दिए जाएंगे।

और हाँ, अगर यह पढ़कर किसी को बुरा लगा तो साफ कह रहा हूँ — मैं माफी नहीं माँगूंगा।
क्योंकि सच यही है —
कुत्ते आवारा नहीं हैं, हम इंसान हैं।

मक्खी मच्छरों से भी बीमारी फैलती है, लोग मरते है हर साल, तो अब फिर उन मच्छरों पर भी सुओ मोटो में केस दर्ज कर उनकी नसबंदी कराई जाएगी या उनके लिए कुत्तों से नफरत करने वाले PIL फाइल करेंगे और तब उनके लिए भी शेल्टर होम बनाए जाएंगे। वाह रे मेरे देश का मेरा क़ानून

और एक बात बताऊं – रही मेरी बात तो मैं शाकाहारी हूं और 20 से ज्यादा पैट्स, 3 नंदी मेरे कॉलोनी में है घर के बाहर रहते है हर समय और प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था मेरे माध्यम से ईश्वर करता है उनके लिए। और उन्होंने आज तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।

20/07/2025

प्रिय ग्राहक,

आशा है कि आप स्वस्थ और सुरक्षित होंगे। आगामी आयकर रिटर्न (आईटीआर) वर्ष 25–26 फाइलिंग के लिए, कृपया निम्नलिखित दस्तावेज़ जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का कष्ट करें:

1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक के:

1. बैंक खाता स्टेटमेंट (आय और व्यय का समुचित विवरण)
2. यदि कोई संपत्ति खरीद या विक्रय हुई है, तो उसकी जानकारी
3. यदि आप शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं, तो डिमैट स्टेटमेंट और पी एंड एल अकाउंट
4. यदि कोई लोन चल रहा है, तो उसकी विवरणी हमें भेजने का कष्ट करें

आपके इन दस्तावेज़ों से हमें आपका आईटीआर सही और समय पर फाइल करने में आसानी होगी।

आपके समय और सहयोग के लिए धन्यवाद।

सादर,
Advocates Ask

Start....
01/06/2025

Start....

Address

Delhi

Opening Hours

Monday 11am - 7pm
Tuesday 11am - 7pm
Wednesday 11am - 7pm
Thursday 11am - 7pm
Friday 11am - 7pm
Saturday 11am - 5pm

Telephone

+918057437440

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when AdvocatesAsk.com posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to AdvocatesAsk.com:

Share