04/09/2026
#सुप्रीमकोर्ट ने 21 अगस्त को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे वकीलों से कथित मारपीट की घटना की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ताओं को उचित राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख करने की स्वतंत्रता दे दी।
#मामले का उल्लेख एडवोकेट प्रशांत भूषण ने CJI जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष किया। उन्होंने बताया कि BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे और बार में सुधारों की मांग को लेकर कुछ वकील प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारी वकीलों के साथ मारपीट की।
1 फुटेज को लेकर चिंता
प्रशांत भूषण ने दावा किया कि घटना BCI परिसर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और स्वतंत्र जांच की जरूरत है, क्योंकि फुटेज के गायब या नष्ट होने की आशंका हो सकती है।
2 #जस्टिस जॉयमाल्या बागची की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि वकील एक अनुशासित वर्ग हैं और अपनी शिकायतों के लिए संस्थागत माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन करने वाले वकीलों के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिए।
जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने की सलाह देते हुए कहा—
“Let them go to HC. Otherwise, sometimes people feel we are having institutional bias.”
#अंततः सुप्रीम कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट में उचित कार्यवाही शुरू करने की स्वतंत्रता दी। कोर्ट ने रजिस्ट्री को पेपरबुक वापस करने का निर्देश भी दिया।
#आपकी क्या राय है?
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